अल्मोड़ा में तेंदुए का आतंक: 2025 से अब तक 11 कैद, बावजूद लोगों की दहशत कम नहीं, वन विभाग बेबस
अल्मोड़ा जिले में नगर से लेकर गांवों तक तेंदुए के आतंक से लोग दहशत में हैं। वर्ष 2025 में अब तक वन विभाग ने 11 तेंदुए पिंजरे में कैद किए हैं, लेकिन फिर भी लोगों की दहशत कम नहीं हुई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अल्मोड़ा जिले में नगर से लेकर गांवों तक तेंदुए की धमक से लोग खौफ मेें है। अल्मोड़ा में वर्ष 2025 से अब तक 11 तेंंदुए वन विभाग के पिंजरे में कैद हुए। बावजूद इसके दहशत से निजात नहीं मिल पा रही है। वन विभाग भी तेंदुओं के आगे बेबस नजर आ रहा है। वहीं लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं।
अल्मोड़ा में जिला मुख्यालय सहित हवालबाग, लमगड़ा, जागेश्वर, सोमेश्वर, लोधिया आदि क्षेत्रों में तेंदुए की सक्रियता लगातार बनी हुई है। वन विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिले में अगस्त 2025 से अब तक पिंजरे में फंसे तेंदुओं में नौ नर जबकि तीन मादा थीं। अल्मोड़ा, सोमेश्वर और मोहान रेंज में 11 तेंदुए जबकि चंपावत के कालीकुमाऊं रेंज से तीन तेंदुओं को पकड़कर अल्मोड़ा रेस्क्यू सेंटर लाया गया था। वर्ष 2022 से अगस्त 2026 तक वन्यजीव संघर्ष में जौरासी, अल्मोड़ा, रानीखेत, मोहान रेंज में आठ लोगों की मौत हुई है। इसमें से सात लोगों की तेंदुए जबकि एक की मौत बाघ के हमले में हुई। वहीं इन वर्ष में तेंदुओं ने 80 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल किया।
बीते रात लाट में मादा तेंदुआ पिंजरे में हुई कैद
हवालबाग विकासखंड के लाट गांव में बीते मंगलवार देर शाम एक मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद हुई। मादा तेंदुआ गांव में पिछले एक महीने में कई मवेशियों को अपना निवाला बना चुकी थी। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने एक सप्ताह पहले गांव में पिंजरा लगाया था। वन क्षेत्राधिकारी मोहन राम आर्या ने बताया कि मादा तेंदुए की उम्र सात से आठ साल के बीच है। बताया कि वन विभाग की टीम ने तेंदुए का रेस्क्यू कर इसे अल्मोड़ा रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है। जहां पशु चिकित्सक तेंदुए का स्वास्थ परीक्षण करेंगे। इसके बाद उसे प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा।
जिले में वन्यजीव संघर्ष पर रोकथाम लगाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर रही है। वहीं मांग के मुताबिक वन्यजीव को पकड़ने के पिंजरा भी स्थापित किए जा रहे हैं। लोगों से अपील है कि वह सतर्कता बरते। -दीपक सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी अल्मोड़ा