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Almora News: नौवीं शताब्दी के त्रिनेत्रेश्वर-एकादश रुद्र मंदिर समूह को संवारने की तैयारी
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अल्मोड़ा। बमनसुयाल स्थित नौवीं शताब्दी के ऐतिहासिक त्रिनेत्रेश्वर महादेव और एकादश रुद्र मंदिर समूह के छह मंदिरों को रिसेट कर उनके मूल स्वरूप में लौटाया जाएगा। राजस्थान के बंसी पहाड़पुर से पहुंचे गुलाबी पत्थरों से इनको सहेजा जाएगा। योजना के तहत इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना है।
धौलादेवी ब्लॉक स्थित बमनसुयाल त्रिनेत्रेश्वर महादेव और एकादश रुद्र मंदिर में 16 दुर्लभ मंदिरों का अनूठा समूह है। इस मंदिर समूह में पहले चरण में सात मंदिर को रिसेट कर संरक्षित किया गया है। अब दूसरे चरण में छह शेष मंदिर समूह के झुके मंदिरों को सहेजकर इन्हें वास्तविक स्वरूप में लौटाया जाएगा। कार्यदाई संस्था कुमाऊं मंडल विकास निगम बंसी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों से मंदिर समूह को सहेजेगी। मंदिरों को उनके वास्तविक शैली में लाना के लिए शासन से 34 लाख रुपये का बजट अवमुक्त हुआ है। इससे लंबे समय तक इस दुलर्भ मंदिर समूह का संरक्षण हो सकेगा।
जागेश्वर मंदिर की तर्ज पर बना है मंदिर समूह
- प्रसिद्ध जागेश्वर धाम मंदिर समूह की तर्ज पर बमनसुयाल स्थित त्रिनेत्रेश्वर महादेव एवं एकादश रुद्र मंदिर समूह भी नागर शैली में तैयार किया गया है। जागेश्वर मंदिर के तरह ही इससे मंदिर समूह को भी संरक्षित किया जाएगा ताकि इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।
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कोट
शासन से 34 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। दूसरे चरण में शेष छह मंदिर को रिसेट कर उनके मूल स्वरूप में लौटाया जाएगा।
-नीरज सिंह नयाल, जेई, कुमाऊं मंडल विकास निगम, नैनीताल
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धौलादेवी ब्लॉक स्थित बमनसुयाल त्रिनेत्रेश्वर महादेव और एकादश रुद्र मंदिर में 16 दुर्लभ मंदिरों का अनूठा समूह है। इस मंदिर समूह में पहले चरण में सात मंदिर को रिसेट कर संरक्षित किया गया है। अब दूसरे चरण में छह शेष मंदिर समूह के झुके मंदिरों को सहेजकर इन्हें वास्तविक स्वरूप में लौटाया जाएगा। कार्यदाई संस्था कुमाऊं मंडल विकास निगम बंसी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों से मंदिर समूह को सहेजेगी। मंदिरों को उनके वास्तविक शैली में लाना के लिए शासन से 34 लाख रुपये का बजट अवमुक्त हुआ है। इससे लंबे समय तक इस दुलर्भ मंदिर समूह का संरक्षण हो सकेगा।
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जागेश्वर मंदिर की तर्ज पर बना है मंदिर समूह
- प्रसिद्ध जागेश्वर धाम मंदिर समूह की तर्ज पर बमनसुयाल स्थित त्रिनेत्रेश्वर महादेव एवं एकादश रुद्र मंदिर समूह भी नागर शैली में तैयार किया गया है। जागेश्वर मंदिर के तरह ही इससे मंदिर समूह को भी संरक्षित किया जाएगा ताकि इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।
कोट
शासन से 34 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। दूसरे चरण में शेष छह मंदिर को रिसेट कर उनके मूल स्वरूप में लौटाया जाएगा।
-नीरज सिंह नयाल, जेई, कुमाऊं मंडल विकास निगम, नैनीताल