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Almora News: अमेता में दहशत के बीच खुलेगा प्राथमिक विद्यालय
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मौलेखाल(अल्मोड़ा)। विकासखंड सल्ट के राजकीय प्राथमिक विद्यालय अमेता की छत पर बीते शनिवार को तेंदुआ दिखाई देने के बाद फैली दहशत के बीच सोमवार को विद्यालय में अभिभावकों के साथ हुई बैठक में विद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है। हालांकि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अभिभावकों ने स्वयं बच्चों को विद्यालय छोड़ने और छुट्टी के बाद घर ले जाने की जिम्मेदारी उठाई है।
शनिवार को विद्यालय की छत पर तेंदुआ दिखाई देने के बाद स्कूल बंद कर दिया गया था। घटना से शिक्षक, छात्र और ग्रामीण अब भी सहमे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरा तो लगाया, लेकिन उसे प्रभावित विद्यालय के आसपास स्थापित नहीं किया गया। उनका आरोप है कि बीते दिनों कुछ वनकर्मी आए और पहले से लगा पिंजरा दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर चले गए। इसके बाद से वन विभाग की ओर से कोई निगरानी या प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। प्रभावित क्षेत्र में किसी तरह के कैमरा ट्रेप नहीं लगाए गए हैं ना ही किसी तरह की गश्त की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए की दहशत अभी भी बनी हुई है।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है, इसलिए जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, वे स्वयं बच्चों को स्कूल छोड़ने और वापस घर लाने का कार्य करेंगे। ग्रामीणों ने वन विभाग से विद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में तत्काल पिंजरा लगाने, नियमित गश्त बढ़ाने तथा तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग को शीघ्र प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि क्षेत्र में व्याप्त भय का माहौल समाप्त हो सके।
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शनिवार को विद्यालय की छत पर तेंदुआ दिखाई देने के बाद स्कूल बंद कर दिया गया था। घटना से शिक्षक, छात्र और ग्रामीण अब भी सहमे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरा तो लगाया, लेकिन उसे प्रभावित विद्यालय के आसपास स्थापित नहीं किया गया। उनका आरोप है कि बीते दिनों कुछ वनकर्मी आए और पहले से लगा पिंजरा दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर चले गए। इसके बाद से वन विभाग की ओर से कोई निगरानी या प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। प्रभावित क्षेत्र में किसी तरह के कैमरा ट्रेप नहीं लगाए गए हैं ना ही किसी तरह की गश्त की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए की दहशत अभी भी बनी हुई है।
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अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है, इसलिए जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, वे स्वयं बच्चों को स्कूल छोड़ने और वापस घर लाने का कार्य करेंगे। ग्रामीणों ने वन विभाग से विद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में तत्काल पिंजरा लगाने, नियमित गश्त बढ़ाने तथा तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग को शीघ्र प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि क्षेत्र में व्याप्त भय का माहौल समाप्त हो सके।
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