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Almora News: 11 महीने बाद भी लापता ही रहे पूरन, परिजनों ने संगम तट पर की सांकेतिक अंत्येष्टि

Thu, 23 Jul 2026 12:51 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Thu, 23 Jul 2026 12:51 AM IST
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Puran remains missing even after 11 months, family performs symbolic funeral at Sangam river bank
बागेश्वर। कपकोट तहसील के पौंसारी गांव में पिछले वर्ष आई भीषण आपदा के करीब 11 महीने बाद भी लापता पूरन चंद्र जोशी का कोई सुराग नहीं लग सका है। लंबी तलाश और उम्मीदें टूटने के बाद परिजनों ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार बागेश्वर स्थित सरयू-गोमती संगम तट पर उनका सांकेतिक अंतिम संस्कार कर क्रियाकर्म शुरू कर दिया है।
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गत वर्ष 28 अगस्त की रात कनलगढ़ घाटी के पौंसारी गांव के खाईईजर तोक में मूसलाधार बारिश के बाद आए मलबे के सैलाब ने दो मकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। हादसे में पूरन चंद्र जोशी की माता बचुली देवी सहित दो महिलाओं की मौत हो गई थी, जिनके शव राहत एवं बचाव अभियान के दौरान बरामद कर लिए गए थे। वहीं 42 वर्षीय पूरन चंद्र जोशी मलबे के साथ बह गए और तब से लापता हैं।
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घटना के बाद से परिजन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार उनकी तलाश करती रहीं। लगभग 11 महीने तक संभावित स्थानों और नदी घाटियों में खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका। अंततः परिजनों ने शास्त्रसम्मत विधि-विधान के अनुसार सांकेतिक अंत्येष्टि करने का निर्णय लिया।
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सरयू-गोमती संगम पर कुश का पुतला बनाकर दी अंतिम विदाई
परिजन हीराबल्लभ जोशी ने बताया कि पूरन के सकुशल लौटने की अब कोई उम्मीद नहीं बची है। ऐसे में बागेश्वर के सरयू-गोमती संगम तट पर उनके दोनों भाइयों प्रकाश चंद्र जोशी और महेश चंद्र जोशी ने कुश घास का सांकेतिक पुतला बनाकर पारंपरिक रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार किया। परिवार अब अगले तीन दिनों तक अंत्येष्टि संबंधी शेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करेगा। एक तरफ जहां परिवारजनों ने आंसुओं के साथ पूरन को सांकेतिक विदाई देकर अंत्येष्टि की रस्म पूरी कर ली है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक और कानूनी अड़चनों के कारण विभागीय फाइलों में पूरन चंद्र का नाम अब भी लापता की श्रेणी में ही दर्ज है।




पौंसारी आपदा में लापता हुए पूरन चंद्र जोशी के मामले में नियमानुसार मजिस्ट्रियल जांच पूरी कर ली गई है। शासन से आपदा में लापता लोगों को मृत घोषित करने वाले विशेष नियम के तहत कार्रवाई करने के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। शासन से प्रस्ताव पास होने के बाद ही संबंधित को मृत घोषित कर मुआवजा दिया जाएगा।
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