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Almora News: हरेला पर्व के साथ 16 से शुरू होगा जागेश्वर धाम का श्रावणी मेला
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जागेश्वर (अल्मोड़ा)। प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में हरेला पर्व के साथ 16 जुलाई से श्रावणी मेले का शुभारंभ होगा। एक माह तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में प्रदेश सहित देशभर से हजारों श्रद्धालु भगवान जागनाथ के दर्शन, जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के लिए धाम पहुंचेंगे। मेले के दौरान जागेश्वर, महामृत्युंजय, केदार, हनुमान, नवग्रह, पुष्टि देवी, बटुक भैरव, कुबेर और चंडिका सहित सभी प्राचीन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहने की संभावना है।
श्रावण मास में पार्थिव पूजा का है बड़ा महत्व
श्रावण मास में जागेश्वर धाम में पार्थिव पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस माह में पार्थिव पूजा, रुद्राभिषेक और शिव आराधना करने से सुख-समृद्धि, यश, वैभव और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। पूरे मेले के दौरान मंदिर परिसर में रुद्राभिषेक, शिव पूजन, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा।
श्रावणी मेले की तैयारियां तेज
श्रावणी मेले के लिए जिला प्रशासन और जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सुरक्षा, यातायात, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर संबंधित विभागों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
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श्रावणी मेले की एक प्रमुख धार्मिक परंपरा संतान सुख की कामना को लेकर होने वाला रात्रि जागरण भी है। हर वर्ष बड़ी संख्या में निसंतान दंपती ज्योत लेकर पूरी रात भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हैं और भजन-कीर्तन में शामिल होते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास के साथ किए गए इस अनुष्ठान से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है तथा संतान सुख का आशीर्वाद मिलता है। यही आस्था हर वर्ष देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं को श्रावणी मेले में जागेश्वर धाम तक खींच लाती है।
श्रावणी मेले में गैर-हिंदू व्यापारियों को फड़ आवंटित न करने की मांग
जागेश्वर/अल्मोड़ा। श्रावणी मेला 2026 में गैर-हिंदू व्यापारियों को फड़ आवंटित नहीं करने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और पुजारियों ने तहसीलदार तथा जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति की कार्यवाहक प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला स्थानीय वैदिक परंपराओं और धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है। पिछले वर्ष हुई एक घटना के बाद से लोगों में रोष है। ज्ञापन पर फूलई जागेश्वर की ग्राम प्रधान पूजा, मंतोला गूठ क्षेत्र पंचायत सदस्य मुन्नी पांडे, व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश भट्ट, पूर्व पुजारी प्रतिनिधि भगवान चंद्र भट्ट, नवीन चंद्र भट्ट, महामंडलेश्वर लाल बाबा और नारद भट्ट आदि के हस्ताक्षर हैं।
उधर, श्री चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को ज्ञापन सौंपकर विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में श्रावण मास के दौरान आयोजित होने वाले मेले में मुस्लिम समुदाय के व्यापारियों को व्यापारिक प्रतिष्ठान (फड़) आवंटित नहीं किए जाने की मांग की है। संवाद
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श्रावण मास में पार्थिव पूजा का है बड़ा महत्व
श्रावण मास में जागेश्वर धाम में पार्थिव पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस माह में पार्थिव पूजा, रुद्राभिषेक और शिव आराधना करने से सुख-समृद्धि, यश, वैभव और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। पूरे मेले के दौरान मंदिर परिसर में रुद्राभिषेक, शिव पूजन, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा।
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श्रावणी मेले की तैयारियां तेज
श्रावणी मेले के लिए जिला प्रशासन और जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सुरक्षा, यातायात, पेयजल, स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर संबंधित विभागों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
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श्रावणी मेले की एक प्रमुख धार्मिक परंपरा संतान सुख की कामना को लेकर होने वाला रात्रि जागरण भी है। हर वर्ष बड़ी संख्या में निसंतान दंपती ज्योत लेकर पूरी रात भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हैं और भजन-कीर्तन में शामिल होते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास के साथ किए गए इस अनुष्ठान से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है तथा संतान सुख का आशीर्वाद मिलता है। यही आस्था हर वर्ष देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं को श्रावणी मेले में जागेश्वर धाम तक खींच लाती है।
श्रावणी मेले में गैर-हिंदू व्यापारियों को फड़ आवंटित न करने की मांग
जागेश्वर/अल्मोड़ा। श्रावणी मेला 2026 में गैर-हिंदू व्यापारियों को फड़ आवंटित नहीं करने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और पुजारियों ने तहसीलदार तथा जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति की कार्यवाहक प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला स्थानीय वैदिक परंपराओं और धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है। पिछले वर्ष हुई एक घटना के बाद से लोगों में रोष है। ज्ञापन पर फूलई जागेश्वर की ग्राम प्रधान पूजा, मंतोला गूठ क्षेत्र पंचायत सदस्य मुन्नी पांडे, व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश भट्ट, पूर्व पुजारी प्रतिनिधि भगवान चंद्र भट्ट, नवीन चंद्र भट्ट, महामंडलेश्वर लाल बाबा और नारद भट्ट आदि के हस्ताक्षर हैं।
उधर, श्री चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को ज्ञापन सौंपकर विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में श्रावण मास के दौरान आयोजित होने वाले मेले में मुस्लिम समुदाय के व्यापारियों को व्यापारिक प्रतिष्ठान (फड़) आवंटित नहीं किए जाने की मांग की है। संवाद