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UK: जखेड़ा में पाइप टूटने से पेयजल संकट, इन जगहों पर पांच दिन से हाहाकार, प्राकृतिक स्रोतों पर उमड़ रही भीड़

Thu, 09 Jul 2026 12:38 PM IST
Heera बसंत चंदोला
बसंत चंदोला Published by: Heera Updated Thu, 09 Jul 2026 12:38 PM IST
सार

बागेश्वर में मूसलाधार बारिश से जखेड़ा पेयजल योजना की मुख्य लाइन टूट गई, जिससे कठायतबाड़ा, ठाकुरद्वारा और स्टेशन रोड क्षेत्रों में पिछले 5 दिनों से पानी की आपूर्ति ठप है। इससे करीब ढाई हज़ार लोगों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

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Drinking water crisis due to broken pipe in Jakhera
बागेश्वर के कठायतबाड़ा में पेयजल जुटाने के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों पर लगी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बागेश्वर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है। भारी बारिश के कारण बीते रविवार को नगर की महत्वपूर्ण जखेड़ा पेयजल योजना मुख्य लाइन टूटने से क्षतिग्रस्त हो गई। योजना के ध्वस्त होने से नगर के कठायतबाड़ा वार्ड, ठाकुरद्वारा वार्ड और स्टेशन रोड क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है। आपूर्ति बंद होने से करीब ढाई हजार की आबादी के सामने पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

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जखेड़ा पेयजल योजना की आपूर्ति बंद होने से प्रभावित क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। लोग अपनी दैनिक जरूरतों और खाना पकाने के लिए मीलों दूर स्थित पारंपरिक और प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं, जहां सुबह से ही लंबी लाइनें लग रही हैं। स्थानीय जनता में इस समस्या को लेकर विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश है।

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हर साल की यही कहानी, आपदा में तरसता है पानी
जखेड़ा पेयजल योजना का मानसून सीजन में क्षतिग्रस्त होना अब हर साल की नियति बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी भारी बारिश होती है, तो इस योजना की मुख्य लाइन या तो भूस्खलन की चपेट में आकर मलबे में दब जाती है या फिर तेज बहाव के कारण बह जाती है। भौगोलिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र से गुजरने वाली इस पाइपलाइन के सुदृढ़ीकरण के लिए आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। हर बार मानसून में लाइन टूटती है, विभाग अस्थायी मरम्मत कर पल्ला झाड़ लेता है और खामियाजा नगर की ढाई हजार जनता को हफ्तों तक प्यासा रहकर भुगतना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने अब इस समस्या के स्थाई समाधान की मांग उठाई है।

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- रविवार से पानी की एक बूंद नहीं आई है, सुबह होते ही सबसे बड़ी चिंता रोजमर्रा के काम और खाना पकाने के लिए पानी जुटाने की हो जाती है। विभाग को आपदा के समय बैकअप व्यवस्था रखनी चाहिए। - हरीश सिंह मेहता, निवासी कठायतबाड़ा

 

- घर में बुजुर्ग और बच्चे हैं, उनके लिए दूर-दूर से पानी ढोना बेहद मुश्किल हो रहा है। नौलों पर भी पानी भरने के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं, जिससे काफी समय बर्बाद हो रहा है। गोविंदी देवी, निवासी कठायतबाड़ा

 

- बारिश के मौसम में प्राकृतिक स्रोतों का पानी भी गंदा आ रहा है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा है। जल संस्थान को कम से कम टैंकरों के माध्यम से पानी का वितरण करना चाहिए। - प्रभा खेतवाल, निवासी कठायतबाड़ा

- हर साल बारिश में यह योजना जवाब दे जाती है। विभाग को इस मुख्य लाइन का कोई स्थायी समाधान निकालना चाहिए ताकि ढाई हजार की आबादी को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े। - देवेंद्र धामी, निवासी कठायतबाड़ा

रविवार को भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जखेड़ा पेयजल योजना की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होगई। विभाग की तकनीकी टीम लाइन जोड़ने के लिए वेल्डिंग का कार्य कर रही है लेकिन लगातार हो रही बारिश से काम में काफी बाधा आ रही है। यदि मौसम ने साथ दिया और बारिश रुकी, तो बृहस्पतिवार की शाम तक प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर से आपूर्ति दी जा रही है। - अब्दुल रशीद, ईई, जल संस्थान, बागेश्वर

 

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