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Bageshwar News: मवेशी की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट, गांव से लेकर जंगल तक खाक छान रहे कर्मचारी
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कांडा (बागेश्वर)। कांडा के रावतसेरा-सानिउडियार मोटर मार्ग किनारे पेड़ से बंधे गोवंश का कंकाल मिलने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। पुलिस, राजस्व और वन विभाग की टीम गांव से लेकर जंगल की खाक छान रही है। हालांकि पुलिस को अब तक गोवंश को पेड़ से बांधकर मारने का कोई मामला नहीं मिला है। सड़क किनारे गोवंश की मौत के बाद लोगों की मानवता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
विगत मंगलवार को सिमकूना में सड़क किनारे गोवंश का कंकाल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। क्षेत्रवासियों की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर जाकर कंकाल को दफना दिया था। लोगों ने इस मामले को गोवंश को मारने से जोड़कर पुलिस से मामले की जांच करने की मांग की।
सिमकूना की ग्राम प्रधान डौली देवी ने बताया कि गांवों से कुछ लोग मवेशियों को जंगल में छोड़ देते हैं। इसकी सूचना हमने प्रशासन को दी थी।
एसओ दिनेश पंत ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद सादी वर्दी में पुलिस कर्मियों ने आसपास के गांवों में जाकर पूछताछ की। हालांकि गोवंश को बांधकर मारने का कोई मामला सामने नहीं आया है। ग्रामीणों ने भी किसी पर इस तरह का आरोप नहीं लगाया है। तहसीलदार जगदीश गिरि ने बताया कि मंगलवार को राजस्व पुलिस की टीम गांव गई थी। बुधवार को इस मामले में कोई हलचल नहीं रही।
रेंजर दीप जोशी ने बताया कि सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने आसपास के जंगलों में निरीक्षण किया। किसी गोवंश को बांधने या मरने के लिए छोड़ने का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है।
सड़क किनारे बंधे गोवंश को कोई तो बचाता
पुलिस के अनुसार गोवंश का कंकाल सड़क के किनारे पेड़ से बांधा मिला था। करीब 15-20 दिन पहले ही उसकी मौत हो गई थी। अगर गोवंश को जिंदा बांधकर रखा गया था तो सड़क से आते-जाते लोगों ने उसे देखा होगा। ऐसे में लोगों का उसे बचाने की कोशिश नहीं करना भी सवाल खड़े करता है। जब गोवंश का कंकाल बन गया तब कुछ ग्रामीण इस मामले को सामने लेकर आए।
कोट
एसओ से मिली जानकारी के अनुसार जांच के दौरान गोवंश को जबरन बांधकर मारने का मामला सामने नहीं आया है। किसी के खिलाफ ऐसी शिकायत भी नहीं है। एक गोवंश का कंकाल दिखने की सूचना थी, जिसे पुलिस ने दफना दिया था। पुलिस मामले की सभी कोणों से जांच कर रही है।
मनीष शर्मा, सीओ कपकोट
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विगत मंगलवार को सिमकूना में सड़क किनारे गोवंश का कंकाल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। क्षेत्रवासियों की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर जाकर कंकाल को दफना दिया था। लोगों ने इस मामले को गोवंश को मारने से जोड़कर पुलिस से मामले की जांच करने की मांग की।
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सिमकूना की ग्राम प्रधान डौली देवी ने बताया कि गांवों से कुछ लोग मवेशियों को जंगल में छोड़ देते हैं। इसकी सूचना हमने प्रशासन को दी थी।
एसओ दिनेश पंत ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद सादी वर्दी में पुलिस कर्मियों ने आसपास के गांवों में जाकर पूछताछ की। हालांकि गोवंश को बांधकर मारने का कोई मामला सामने नहीं आया है। ग्रामीणों ने भी किसी पर इस तरह का आरोप नहीं लगाया है। तहसीलदार जगदीश गिरि ने बताया कि मंगलवार को राजस्व पुलिस की टीम गांव गई थी। बुधवार को इस मामले में कोई हलचल नहीं रही।
रेंजर दीप जोशी ने बताया कि सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने आसपास के जंगलों में निरीक्षण किया। किसी गोवंश को बांधने या मरने के लिए छोड़ने का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है।
सड़क किनारे बंधे गोवंश को कोई तो बचाता
पुलिस के अनुसार गोवंश का कंकाल सड़क के किनारे पेड़ से बांधा मिला था। करीब 15-20 दिन पहले ही उसकी मौत हो गई थी। अगर गोवंश को जिंदा बांधकर रखा गया था तो सड़क से आते-जाते लोगों ने उसे देखा होगा। ऐसे में लोगों का उसे बचाने की कोशिश नहीं करना भी सवाल खड़े करता है। जब गोवंश का कंकाल बन गया तब कुछ ग्रामीण इस मामले को सामने लेकर आए।
कोट
एसओ से मिली जानकारी के अनुसार जांच के दौरान गोवंश को जबरन बांधकर मारने का मामला सामने नहीं आया है। किसी के खिलाफ ऐसी शिकायत भी नहीं है। एक गोवंश का कंकाल दिखने की सूचना थी, जिसे पुलिस ने दफना दिया था। पुलिस मामले की सभी कोणों से जांच कर रही है।
मनीष शर्मा, सीओ कपकोट