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Bageshwar News: जिला अस्पताल में एमींड्स हर्निया की जटिल सर्जरी, दलीप को मिला जीवनदान
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बागेश्वर। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने अपनी मेधा और कौशल से एक बार फिर पहाड़ की स्वास्थ्य सेवाओं का मान बढ़ाया है। अस्पताल के सर्जन डॉ. राजीव उपाध्याय की टीम ने एमींड्स हर्निया जैसी अत्यंत जटिल और दुर्लभ स्थिति से जूझ रहे एक मरीज का सफल ऑपरेशन कर उसे मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया है। कर्मी बघर निवासी 42 वर्षीय दलीप सिंह के लिए यह सर्जरी किसी चमत्कार से कम नहीं रही।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों से मिली जानकारी के अनुसार चिकित्सकीय विज्ञान में एमींड्स हर्निया को बेहद दुर्लभ माना जाता है। हर्निया के महज 0.01 प्रतिशत मामलों में ही ऐसी स्थिति बनती है, जहां अपेंडिक्स हर्निया की थैली में फंस जाता है। दलीप सिंह के मामले में चुनौती और भी बड़ी थी। उनके अपेंडिक्स में न केवल संक्रमण और सूजन थी, बल्कि छोटी आंत का एक हिस्सा भी उसमें बुरी तरह फंसा हुआ था। समय पर सही फैसला न लिया जाता, तो यह स्थिति मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी।
मरीज की गंभीरता को देखते हुए डॉ. राजीव उपाध्याय के नेतृत्व में उनकी टीम ने मोर्चा संभाला। करीब तीन से चार घंटे तक चले ऑपरेशन में टीम ने बारीकी से हर्निया की थैली से अपेंडिक्स और फंसी हुई आंत को अलग किया और हर्निया की सफलतापूर्वक मरम्मत की। टीम में निश्चेतक डॉ. अरुण कुमार, नर्सिंग अधिकारी तरुणा, नेहा और वार्ड बॉय प्रवीण कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कुमाऊं में कम ही होते हैं ऐसे ऑपरेशन
जिला अस्पताल प्रशासन का दावा है कि एमींड्स हर्निया जैसी दुर्लभ और जोखिम भरी सर्जरी कुमाऊं क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में बेहद कम देखने को मिलती है। आमतौर पर इस तरह के जटिल मामलों को तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। लेकिन जिला अस्पताल की टीम ने सीमित संसाधनों के बावजूद इस चुनौती को स्वीकार किया और सफल ऑपरेशन कर एक मिसाल पेश की है। अस्पताल के इस साहसिक कदम की पूरे स्वास्थ्य महकमे में चर्चा हो रही है।
........कोट
एमींड्स हर्निया एक जटिल चुनौती थी, जिसमें तत्काल सर्जरी ही एकमात्र रास्ता था। अनुभवी टीम और बेहतर तालमेल की बदौलत हम दलीप सिंह को सुरक्षित बचाने में कामयाब रहे। अब मरीज की हालत में सुधार है।
...........डॉ. राजीव उपाध्याय, वरिष्ठ सर्जन, जिला अस्पताल बागेश्वर
.......कोट
जिला अस्पताल की टीम ने एक बार फिर साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद हमारे डॉक्टर बड़े अस्पतालों जैसी जटिल सर्जरी करने में सक्षम हैं। दुर्गम और पर्वतीय क्षेत्रों में जनता को घर के पास ही ऐसी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना बड़ी उपलब्धि है। अस्पताल में हर महीने सर्जरी के आंकड़ों में हो रही बढ़ोतरी डॉक्टरों के मनोयोग और जनता के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।
..........डॉ. तपन कुमार शर्मा, सीएमएस जिला अस्पताल बागेश्वर
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मरीज की गंभीरता को देखते हुए डॉ. राजीव उपाध्याय के नेतृत्व में उनकी टीम ने मोर्चा संभाला। करीब तीन से चार घंटे तक चले ऑपरेशन में टीम ने बारीकी से हर्निया की थैली से अपेंडिक्स और फंसी हुई आंत को अलग किया और हर्निया की सफलतापूर्वक मरम्मत की। टीम में निश्चेतक डॉ. अरुण कुमार, नर्सिंग अधिकारी तरुणा, नेहा और वार्ड बॉय प्रवीण कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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जिला अस्पताल प्रशासन का दावा है कि एमींड्स हर्निया जैसी दुर्लभ और जोखिम भरी सर्जरी कुमाऊं क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में बेहद कम देखने को मिलती है। आमतौर पर इस तरह के जटिल मामलों को तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। लेकिन जिला अस्पताल की टीम ने सीमित संसाधनों के बावजूद इस चुनौती को स्वीकार किया और सफल ऑपरेशन कर एक मिसाल पेश की है। अस्पताल के इस साहसिक कदम की पूरे स्वास्थ्य महकमे में चर्चा हो रही है।
........कोट
एमींड्स हर्निया एक जटिल चुनौती थी, जिसमें तत्काल सर्जरी ही एकमात्र रास्ता था। अनुभवी टीम और बेहतर तालमेल की बदौलत हम दलीप सिंह को सुरक्षित बचाने में कामयाब रहे। अब मरीज की हालत में सुधार है।
...........डॉ. राजीव उपाध्याय, वरिष्ठ सर्जन, जिला अस्पताल बागेश्वर
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जिला अस्पताल की टीम ने एक बार फिर साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद हमारे डॉक्टर बड़े अस्पतालों जैसी जटिल सर्जरी करने में सक्षम हैं। दुर्गम और पर्वतीय क्षेत्रों में जनता को घर के पास ही ऐसी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना बड़ी उपलब्धि है। अस्पताल में हर महीने सर्जरी के आंकड़ों में हो रही बढ़ोतरी डॉक्टरों के मनोयोग और जनता के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।
..........डॉ. तपन कुमार शर्मा, सीएमएस जिला अस्पताल बागेश्वर