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Bageshwar News: अंकिता को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता उतरे सड़क पर, निकाला जुलूस
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अल्मोड़ा। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच और वीआईपी का नाम उजागर करने की मांग पर कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर गए। उन्होंने नगर में जुलूस निकालकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार को नगर के चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में एकत्रित हुए। यहां से विधायक मनोज तिवारी के नेतृत्व में जुलूस निकला। जुलूस माॅल रोड, मिलन चौक, लाला बाजार, चौक बाजार सहित नगर के विभिन्न बाजार से होते हुए पुन: चौघानपाटा गांधी पार्क पहुंचकर संंपन्न हुआ। इस मौके पर हुई सभा में विधायक मनोज तिवारी ने कहा की अंकिता भंडारी की हत्या केवल एक परिवार की बेटी की हत्या नहीं बल्कि पूरे समाज की आत्मा पर हमला है। जब तक सीबीआई जांच नहीं होती तब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल सकता। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार दोषियों को बचाने का काम कर रही है। जिस तरह से सबूत मिटाए गए और जांच को कमजोर किया गया उससे सरकार की मंशा साफ नजर आती है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि कांग्रेस इस आंदोलन को और तेज करेगी और जब तक न्याय नहीं मिलेगा संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कार्य समिति के सदस्य करन माहरा ने कहा जिस तरह से इस पूरे प्रकरण में साक्ष्यों से छेड़छाड़, वीआईपी को बचाने और मामले को दबाने की कोशिशें सामने आईं हैं, वह यह सिद्ध करता है कि राज्य सरकार निष्पक्ष जांच नहीं चाहती। मेहरा ने उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की नृशंस हत्या को पूरे देश के लिए शर्मनाक बताया है। इस मौके पर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडेय, नगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष पूरन रौतेला, विनोद वैष्णव, किशन बिष्ट, रमेश लटवाल, गोविंद लाल बल्टियाल, गोविंद राणा, राधा बिष्ट, दीपक कुमार, वैभव पांडेय, पूरन सुप्याल, गीता मेहरा, प्रीति बिष्ट, आनंद बिष्ट, प्रकाश जोशी आदि शामिल रहे।
पुलिस बल रहा मुस्तैद
कांग्रेस के जुलूस के दौरान सुरक्षा के दृष्टिगत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा कर्मी जुलूस के साथ-साथ चल रहे थे। जुलूस बाजार में पहुंचा तो वहां कुछ आम लोग भी इसमें शामिल हुए।
निष्पक्ष सीबीआई जांच से बचने का प्रयास कर रही सरकार : करन माहरा
रानीखेत (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने रविवार देर शाम सल्ट विधानसभा क्षेत्र में आयोजित अंकिता भंडारी न्याय यात्रा में प्रतिभाग किया। यात्रा में महिलाओं, युवाओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। जनसभा को संबोधित करते हुए करन माहरा ने कहा कि यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सरकार के प्रति जनता के टूटते भरोसे की आवाज है। उन्होंने सवाल उठाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक उस वीआईपी का नाम सामने क्यों नहीं आया, जिसे बचाने के आरोप लगते रहे हैं। माहरा ने आरोप लगाया कि सरकार निष्पक्ष सीबीआई जांच से बचने का प्रयास कर रही है। बुलडोजर कार्रवाई, बदलते प्रशासनिक बयान और अन्य घटनाक्रम सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल अंकिता का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था की साख से जुड़ा है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जाए, वीआईपी का नाम सार्वजनिक हो और दोषियों को सख्त सजा दी जाए। यात्रा में विक्रम रावत, दीपक किरौला आदि शामिल रहे।
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अंकिता को न्याय दिलाने की मांग, मशाल जुलूस निकाला
बागेश्वर। अंकिता को न्याय दिलाने की मांग के लिए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं ने मशाल जुलूस निकाला। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और भाजपा के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सरयू घाट पर राज्य सरकार, भाजपा महिला मोर्चा और जिले के भाजपा जनप्रतिनिधियों का पुतला दहन किया।
सोमवार की शाम एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष कमलेश गढ़िया और छात्रसंघ अध्यक्ष सागर जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ता एसबीआई तिराहे पर एकत्र हुए। हाथों में जलती मशालें लेकर कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए सरयू बगड़ की ओर बढ़े। जुलूस के दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में सरकार वीआईपी के नाम का खुलासा होने के बावजूद चुप्पी साधे हुए है। अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी अंकिता के साथ हुए जघन्य अपराध की जांच की मांग करने की बजाय विपक्ष की मांग का विरोध कर रही हैं। जिले के जनप्रतिनिधि भी मामले में मौन हो गए हैं। कहा कि अंकिता के दोषियों को सजा नहीं मिली तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। इस मौके पर प्रेम दानू, प्रीति आर्या, पंकज कुमार, पंकज पपोला, नीरज जोशी, कैलाश गोस्वामी, संदीप भंडारी, प्रेरणा, भावना, मीनाक्षी, ज्योति, हरीश नेगी आदि मौजूद रहे। संवाद
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कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार को नगर के चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में एकत्रित हुए। यहां से विधायक मनोज तिवारी के नेतृत्व में जुलूस निकला। जुलूस माॅल रोड, मिलन चौक, लाला बाजार, चौक बाजार सहित नगर के विभिन्न बाजार से होते हुए पुन: चौघानपाटा गांधी पार्क पहुंचकर संंपन्न हुआ। इस मौके पर हुई सभा में विधायक मनोज तिवारी ने कहा की अंकिता भंडारी की हत्या केवल एक परिवार की बेटी की हत्या नहीं बल्कि पूरे समाज की आत्मा पर हमला है। जब तक सीबीआई जांच नहीं होती तब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल सकता। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार दोषियों को बचाने का काम कर रही है। जिस तरह से सबूत मिटाए गए और जांच को कमजोर किया गया उससे सरकार की मंशा साफ नजर आती है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि कांग्रेस इस आंदोलन को और तेज करेगी और जब तक न्याय नहीं मिलेगा संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कार्य समिति के सदस्य करन माहरा ने कहा जिस तरह से इस पूरे प्रकरण में साक्ष्यों से छेड़छाड़, वीआईपी को बचाने और मामले को दबाने की कोशिशें सामने आईं हैं, वह यह सिद्ध करता है कि राज्य सरकार निष्पक्ष जांच नहीं चाहती। मेहरा ने उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की नृशंस हत्या को पूरे देश के लिए शर्मनाक बताया है। इस मौके पर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडेय, नगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष पूरन रौतेला, विनोद वैष्णव, किशन बिष्ट, रमेश लटवाल, गोविंद लाल बल्टियाल, गोविंद राणा, राधा बिष्ट, दीपक कुमार, वैभव पांडेय, पूरन सुप्याल, गीता मेहरा, प्रीति बिष्ट, आनंद बिष्ट, प्रकाश जोशी आदि शामिल रहे।
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पुलिस बल रहा मुस्तैद
कांग्रेस के जुलूस के दौरान सुरक्षा के दृष्टिगत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा कर्मी जुलूस के साथ-साथ चल रहे थे। जुलूस बाजार में पहुंचा तो वहां कुछ आम लोग भी इसमें शामिल हुए।
निष्पक्ष सीबीआई जांच से बचने का प्रयास कर रही सरकार : करन माहरा
रानीखेत (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने रविवार देर शाम सल्ट विधानसभा क्षेत्र में आयोजित अंकिता भंडारी न्याय यात्रा में प्रतिभाग किया। यात्रा में महिलाओं, युवाओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। जनसभा को संबोधित करते हुए करन माहरा ने कहा कि यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सरकार के प्रति जनता के टूटते भरोसे की आवाज है। उन्होंने सवाल उठाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक उस वीआईपी का नाम सामने क्यों नहीं आया, जिसे बचाने के आरोप लगते रहे हैं। माहरा ने आरोप लगाया कि सरकार निष्पक्ष सीबीआई जांच से बचने का प्रयास कर रही है। बुलडोजर कार्रवाई, बदलते प्रशासनिक बयान और अन्य घटनाक्रम सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल अंकिता का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था की साख से जुड़ा है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जाए, वीआईपी का नाम सार्वजनिक हो और दोषियों को सख्त सजा दी जाए। यात्रा में विक्रम रावत, दीपक किरौला आदि शामिल रहे।
अंकिता को न्याय दिलाने की मांग, मशाल जुलूस निकाला
बागेश्वर। अंकिता को न्याय दिलाने की मांग के लिए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं ने मशाल जुलूस निकाला। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और भाजपा के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सरयू घाट पर राज्य सरकार, भाजपा महिला मोर्चा और जिले के भाजपा जनप्रतिनिधियों का पुतला दहन किया।
सोमवार की शाम एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष कमलेश गढ़िया और छात्रसंघ अध्यक्ष सागर जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ता एसबीआई तिराहे पर एकत्र हुए। हाथों में जलती मशालें लेकर कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए सरयू बगड़ की ओर बढ़े। जुलूस के दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में सरकार वीआईपी के नाम का खुलासा होने के बावजूद चुप्पी साधे हुए है। अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी अंकिता के साथ हुए जघन्य अपराध की जांच की मांग करने की बजाय विपक्ष की मांग का विरोध कर रही हैं। जिले के जनप्रतिनिधि भी मामले में मौन हो गए हैं। कहा कि अंकिता के दोषियों को सजा नहीं मिली तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। इस मौके पर प्रेम दानू, प्रीति आर्या, पंकज कुमार, पंकज पपोला, नीरज जोशी, कैलाश गोस्वामी, संदीप भंडारी, प्रेरणा, भावना, मीनाक्षी, ज्योति, हरीश नेगी आदि मौजूद रहे। संवाद

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