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Bageshwar News: सीएचसी में सुविधाएं पूरी नहीं, तैयारी उप जिला अस्पताल बनाने की

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jan 2026 10:34 PM IST
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Facilities in CHC are not complete, preparations are underway to make it a sub-district hospital
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बागेश्वर। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए सरकार कपकोट और बैजनाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप जिला चिकित्सालय के रूप में उच्चीकृत करने का खाका तो खींच रही है, लेकिन इन अस्पतालों की वर्तमान सेहत सरकार के दावों को मुंह चिढ़ा रही है। जिन अस्पतालों को जिले के बड़े स्वास्थ्य केंद्रों के रूप में विकसित करने का सपना दिखाया जा रहा है, वहां बुनियादी ढांचे और विशेषज्ञ डॉक्टरों का भारी टोटा है। आलम यह है कि दोनों ही केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की ज्यादातर कुर्सियां खाली पड़ी हैं। इनमें जनता को बेहतर इलाज के बजाय सिर्फ रेफर के पर्चे मिल रहे हैं।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट में विशेषज्ञ चिकित्सक के नाम पर महज एक बाल रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। केंद्र में महिला रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, सर्जन, निश्चेतक और हड्डी रोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सकों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए भी भारी मशक्कत करनी पड़ती है। केंद्र में तैनात सोनोलॉजिस्ट सप्ताह में केवल तीन दिन ही अपनी सेवाएं देते हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में मरीजों को मजबूरन जिला मुख्यालय और अन्य जिलों का रुख करना पड़ता है।
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गरुड़ क्षेत्र की जीवनरेखा कहे जाने वाले सीएचसी बैजनाथ में बाल रोग विशेषज्ञ रोजाना अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सर्जन और सोनोलॉजिस्ट सप्ताह में तीन दिन अस्पताल पहुंच रहे हैं केंद्र में महिला रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन और हड्डी रोग विशेषज्ञ के पद रिक्त होने से क्षेत्र के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सप्ताह के जिन तीन दिनों में सर्जन या सोनोलॉजिस्ट नहीं होते, उन दिनों मरीजों को निजी लैब और महंगे अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है।


चुनावी स्टंट साबित हो रहा उच्चीकरण का दावा

कपकोट और बैजनाथ सीएचसी की स्थिति और सरकार के दावों पर स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि सरकार यदि इन केंद्रों को उप जिला चिकित्सालय बनाना चाहती है, तो उसे कागजी खानापूर्ति से आगे बढ़कर धरातल पर काम करना होगा। केवल दर्जा बढ़ा देने से मरीजों को लाभ नहीं मिलेगा। जब तक कि रिक्त पदों पर स्थाई नियुक्तियां नहीं की जातीं। बिना फिजिशियन, सर्जन और स्त्री रोग विशेषज्ञों के इन अस्पतालों को अपग्रेड करना महज चुनावी स्टंट बनकर रह जाएगा।




सीएचसी बैजनाथ और कपकोट के उच्चीकरण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। दोनों केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बारे में भी शासन को डिमांड भेजी गई है।

......डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर
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