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Bageshwar News: घोषणा में उपजिला चिकित्सालय, धरातल पर रेफरल सेंटर बना कपकोट सीएचसी
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बागेश्वर। कपकोट की स्वास्थ्य सेवाएं अब तक पटरी पर नहीं आ पाई हैं। एक तरफ कपकोट में उप जिला चिकित्सालय की घोषणा पर तालियां पीटी जा रही हैं, तो दूसरी तरफ कड़वी सच्चाई यह है कि वर्तमान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था तक विभाग और शासन से संभल नहीं रही है। स्थिति यह है कि नौ के सापेक्ष अस्पताल में महज एक विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती है। वह बाल रोग विशेषज्ञ भी जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
कपकोट सीएचसी का बुरा हाल है। सीएमओ कार्यालय से 16 मई को जारी आदेश के बावजूद डॉ. प्रतीक शर्मा ने अभी तक प्रभारी चिकित्साधिकारी कपकोट का कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। आदेश में डॉ. बृजेश किशोर घटियाल को तत्काल प्रभाव से समस्त प्रभार डॉ. प्रतीक को हस्तगत कर अपने मूल तैनाती स्थान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहारखेत जाने को निर्देशित किया गया था। इधर बिना किसी ठोस कारण के डॉ. बृजेश घटियाल को हटाए जाने को लेकर अस्पताल स्टाफ और क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्टाफ और चिकित्सकों की कमी के चलते 20 बेड का पूरा एक परिसर खाली पड़ा धूल फांक रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में सफाई व्यवस्था भी बेहाल है। जहां छह पर्यावरण मित्रों की आवश्यकता है, वहां केवल एक महिला स्वच्छक कार्यरत है, जो पूरे परिसर की सफाई करने में असमर्थ है। पूरे अस्पताल परिसर में मेडिकल वेस्ट और गंदगी के ढेर लगे हुए हैं जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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दोनों एंबुलेंस कबाड़ होने की स्थिति में
कपकोट। मरीजों को लाने-ले जाने वाली दोनों सरकारी एंबुलेंस दो लाख किलोमीटर से अधिक चलकर कबाड़ होने की स्थिति में पहुंच चुकी हैं। खनन मद से जो दो नई एंबुलेंस मिली भी हैं, उनके संचालन के लिए तेल, चालक और रखरखाव का कोई बजट ही नहीं है।
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पूर्व जिपं अध्यक्ष ने व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
मंगलवार को पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता, ब्लॉक व नगर कमेटी के पदाधिकारी सीएचसी पहुंचे। इस दौरान अस्पताल की बदहाली देखकर कांग्रेसियों ने राज्य सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। पूर्व अध्यक्ष ऐठानी ने कहा कि वायरल संक्रमण के चलते 200 से अधिक मरीज पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टर न होने से वे तड़पने को मजबूर दिखे। केवल कागजी घोषणाओं से जनता का इलाज नहीं हो सकता। अस्पताल में न डॉक्टर हैं, न सफाईकर्मी और न ही सुरक्षित एंबुलेंस। अगर व्यवस्थाएं जल्द नहीं सुधरीं तो कांग्रेस जनता को साथ लेकर उग्र आंदोलन करेगी।
कोट
सीएचसी कपकोट में चिकित्सकों के रिक्त पदों की सूचना शासन को भेजी गई है। वहां से चिकित्सकों की तैनाती होते ही उन्हें स्वास्थ्य केंद्र में भेजा जाएगा। केंद्र की सफाई का जिम्मा प्रभारी चिकित्साधिकारी के पास है। उन्हें तत्काल सफाई कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। यदि जल्द ही परिसर से कूड़ा नहीं हटाया गया, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ, बागेश्वर
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कपकोट सीएचसी का बुरा हाल है। सीएमओ कार्यालय से 16 मई को जारी आदेश के बावजूद डॉ. प्रतीक शर्मा ने अभी तक प्रभारी चिकित्साधिकारी कपकोट का कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। आदेश में डॉ. बृजेश किशोर घटियाल को तत्काल प्रभाव से समस्त प्रभार डॉ. प्रतीक को हस्तगत कर अपने मूल तैनाती स्थान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहारखेत जाने को निर्देशित किया गया था। इधर बिना किसी ठोस कारण के डॉ. बृजेश घटियाल को हटाए जाने को लेकर अस्पताल स्टाफ और क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्टाफ और चिकित्सकों की कमी के चलते 20 बेड का पूरा एक परिसर खाली पड़ा धूल फांक रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में सफाई व्यवस्था भी बेहाल है। जहां छह पर्यावरण मित्रों की आवश्यकता है, वहां केवल एक महिला स्वच्छक कार्यरत है, जो पूरे परिसर की सफाई करने में असमर्थ है। पूरे अस्पताल परिसर में मेडिकल वेस्ट और गंदगी के ढेर लगे हुए हैं जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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दोनों एंबुलेंस कबाड़ होने की स्थिति में
कपकोट। मरीजों को लाने-ले जाने वाली दोनों सरकारी एंबुलेंस दो लाख किलोमीटर से अधिक चलकर कबाड़ होने की स्थिति में पहुंच चुकी हैं। खनन मद से जो दो नई एंबुलेंस मिली भी हैं, उनके संचालन के लिए तेल, चालक और रखरखाव का कोई बजट ही नहीं है।
पूर्व जिपं अध्यक्ष ने व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
मंगलवार को पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता, ब्लॉक व नगर कमेटी के पदाधिकारी सीएचसी पहुंचे। इस दौरान अस्पताल की बदहाली देखकर कांग्रेसियों ने राज्य सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। पूर्व अध्यक्ष ऐठानी ने कहा कि वायरल संक्रमण के चलते 200 से अधिक मरीज पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टर न होने से वे तड़पने को मजबूर दिखे। केवल कागजी घोषणाओं से जनता का इलाज नहीं हो सकता। अस्पताल में न डॉक्टर हैं, न सफाईकर्मी और न ही सुरक्षित एंबुलेंस। अगर व्यवस्थाएं जल्द नहीं सुधरीं तो कांग्रेस जनता को साथ लेकर उग्र आंदोलन करेगी।
कोट
सीएचसी कपकोट में चिकित्सकों के रिक्त पदों की सूचना शासन को भेजी गई है। वहां से चिकित्सकों की तैनाती होते ही उन्हें स्वास्थ्य केंद्र में भेजा जाएगा। केंद्र की सफाई का जिम्मा प्रभारी चिकित्साधिकारी के पास है। उन्हें तत्काल सफाई कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। यदि जल्द ही परिसर से कूड़ा नहीं हटाया गया, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ, बागेश्वर