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Bageshwar News: सिस्टम की सुस्ती... 6 महीने से लापता 17 बकरियां नहीं मिलीं
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:29 AM IST
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बागेश्वर। पहाड़ में स्वरोजगार के दावों के बीच कपकोट तहसील के नान कन्यालीकोट में एक गरीब पशुपालक की आजीविका पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
बीते 24 जनवरी को पुरकोट के जंगलों से लापता हुई गोपाल राम की 25 बकरियों में से 17 का छह महीने बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम छह महीने के लंबे इंतजार के बाद केवल छह जिंदा बकरियां और दो मृत बकरियां ही ढूंढ सकी है। मुख्य आजीविका छिन जाने से पीड़ित परिवार के सामने अब दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित गोपाल राम का कहना है कि वे न्याय और मुआवजे की आस में डीएम, एसडीएम से लेकर वन विभाग के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन हर जगह से सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
कोट
- राजस्व, पुलिस और वन विभाग की टीम खोजबीन में जुटी रही लेकिन शेष बकरियों का पता नहीं चल सका। मृत मिलीं बकरियों के मुआवजा देने की प्रक्रिया वन विभाग कर रहा है परंतु नियमों के तहत लापता बकरियों के मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। पीड़ित की हरसंभव मदद की जा रही है। - अनिल चन्याल, एसडीएम, कपकोट
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बीते 24 जनवरी को पुरकोट के जंगलों से लापता हुई गोपाल राम की 25 बकरियों में से 17 का छह महीने बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम छह महीने के लंबे इंतजार के बाद केवल छह जिंदा बकरियां और दो मृत बकरियां ही ढूंढ सकी है। मुख्य आजीविका छिन जाने से पीड़ित परिवार के सामने अब दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित गोपाल राम का कहना है कि वे न्याय और मुआवजे की आस में डीएम, एसडीएम से लेकर वन विभाग के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन हर जगह से सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
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कोट
- राजस्व, पुलिस और वन विभाग की टीम खोजबीन में जुटी रही लेकिन शेष बकरियों का पता नहीं चल सका। मृत मिलीं बकरियों के मुआवजा देने की प्रक्रिया वन विभाग कर रहा है परंतु नियमों के तहत लापता बकरियों के मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। पीड़ित की हरसंभव मदद की जा रही है। - अनिल चन्याल, एसडीएम, कपकोट