उत्तरायणी कौतिक बागेश्वर : चांचरी प्रतियोगिता का होगा आयोजन, विजेता टीम को मिलेंगे 25 हजार रुपये
बागेश्वर के कपकोट-भराड़ी में उत्तरायणी कौतिक की तैयारियां जोरों पर हैं, केदारेश्वर मैदान में झूले-चरखे और दुकानें लग गई हैं।
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बागेश्वर के कपकोट-भराड़ी में उत्तरायणी कौतिक की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। केदारेश्वर मैदान में झूले-चरखे लगने लगे हैं। पहली बार मेले में चांचरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। विजेता टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार के रूप में मिलेंगे। मेले के आयोजन स्थल केदारेश्वर मैदान में दुकानें लगने लगी हैं। भराड़ी के मां बाराही मंदिर में मंच सज्जा का काम चल रहा है। इस साल नगर पंचायत ने मेलार्थियों के मनोरंजन के लिए विशेष रूप से ऊंट भी मंगाया है। क्षेत्रवासी मेले के दौरान ऊंट की सवारी का लुत्फ उठाएंगे।
नगर पंचायत अध्यक्ष गीता ऐठानी ने बताया कि पहली बार क्षेत्रीय संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुमाऊंनी चांचरी प्रतियोगिता का आयोजन 17 जनवरी को कराया जा रहा है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली प्रत्येक टीम में न्यूनतम 25 सदस्य होने अनिवार्य हैं। टीम के सभी सदस्य पारंपरिक परिधान में अपनी प्रस्तुति देंगे। झांकी, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले का अन्य आकर्षण होंगे। बताया कि उत्तरायणी मेले के माध्यम से लोक संस्कृति, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा। 14 से 17 जनवरी तक होने वाले मेले को भव्य बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
उत्तरायणी मेले में बागनाथ मंदिर की सुरक्षा पुख्ता करने की मांग
उत्तरायणी मेले के दौरान बागनाथ मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं। बागनाथ मंदिर प्रबंधन समिति ने मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर में पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।
मंदिर प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों ने बुधवार को एसपी को ज्ञापन दिया। बताया कि हर साल मेले के दौरान बड़ी संख्या में लोग मंदिर दर्शन को आते हैं। भीड़ अधिक होने पर अराजक तत्वों, जेबकतरों का खतरा बढ़ने की आशंका रहती है। मंदिर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रहेगी तो श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकेंगे। समिति ने मंदिर के प्रवेश द्वार पर बैठने वाले छद्म भेषधारियों को ऑपरेशन कालनेमि के तहत हटाने और मंदिर परिसर में पर्याप्त संख्या में महिला-पुरुष सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने की मांग की। इस मौके पर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नंदन सिंह रावल, उपाध्यक्ष संजय सिंह रावल, कोषाध्यक्ष राजा साह गंगोला, सुंदर सिंह रावल आदि मौजूद रहे।

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