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Bageshwar News: मम्मी ले रही थी सेल्फी, बच्चा पुल से सरयू में गिरा
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 04 Jan 2026 11:40 PM IST
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बागेश्वर। एक पल की लापरवाही और सेल्फी की दीवानगी ने भीड़ भरे माहौल में अचानक दहशत भर दी। सरयू नदी पर उत्तरायणी मेले के लिए बनाए गए अस्थायी पुल पर मां के साथ सेल्फी लेते समय एक मासूम का पैर फिसल गया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, वह सरयू में जा गिरा। मां की चीख सुनते ही आसपास मौजूद लोगों ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी और तेज बहाव से बच्चे को निकाला।
सरयू बगड़ क्षेत्र में बने अस्थायी पुल पर महिला अपने बच्चे के साथ फोटो खिंचवा रही थी। संतुलन बिगड़ते ही बच्चा पुल से नीचे गिर गया। मौके पर मौजूद युवकों और स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए तुरंत बचाव किया। सूचना मिलते ही पास में तैनात चीता पुलिस के जवान भी घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने मां-बच्चे को ढांढस बंधाया और सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया। घटना ने एक बार फिर भीड़भाड़ और जोखिम भरे स्थानों पर सेल्फी लेने के बढ़ते चलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सेल्फी के चक्कर में हादसों में भारत सबसे आगे
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर द बार्बर लॉ फर्म के अध्ययन के मुताबिक, सेल्फी से जुड़े हादसों में भारत दुनिया का सबसे खतरनाक देश बनकर सामने आया है। दुनियाभर में हुई 42.1 प्रतिशत घटनाएं भारत में दर्ज की गईं। मार्च 2014 से मई 2025 के बीच भारत में सेल्फी के कारण 271 हादसे हुए, जिनमें 214 लोगों की मौत और 57 घायल हुए। इस सूची में अमेरिका दूसरे और रूस तीसरे स्थान पर है।
इन कारणों से बढ़ रहा खतरा
आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों के अनुसार, और सोशल मीडिया पर दिखावे की संस्कृति से ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं। घनी आबादी, जोखिम भरे स्थानों जैसे नदी, पुल, चट्टानों तक आसान पहुंच लोगों को अच्छी सेल्फी के लिए आकर्षित करती है। हर जगह आवाजाही रोकना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। खतरे को भांपकर अपने विवेक से लोगों को स्थान का चयन करना चाहिए।
... ताकि सजा में न बदल जाए पलभर का मजा
-पुल, नदी, खाई और ऊंचे स्थानों पर सेल्फी से बचें
-बच्चों को अकेला या किनारे पर खड़ा न करें
-फिसलन वाले या अस्थायी ढांचों पर मोबाइल का प्रयोग न करे
-भीड़ में संतुलन बनाए रखें, जल्दबाजी न करें
-प्रशासन द्वारा लगाए गए चेतावनी बोर्ड का पालन करें
-याद रखें, एक फोटो से ज्यादा कीमती आपकी और अपनों की जान है
कोट
सूचना मिलते ही चीता पुलिस के जवान घटनास्थल पर पहुंचे। मां और बच्चे को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया गया। लोगों से अपील है कि वे पुलों और नदी के किनारों पर सेल्फी लेने में सावधानी बरतें और जोखिम न उठाएं।
अजय लाल साह, पुलिस क्षेत्राधिकारी, बागेश्वर
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सरयू बगड़ क्षेत्र में बने अस्थायी पुल पर महिला अपने बच्चे के साथ फोटो खिंचवा रही थी। संतुलन बिगड़ते ही बच्चा पुल से नीचे गिर गया। मौके पर मौजूद युवकों और स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए तुरंत बचाव किया। सूचना मिलते ही पास में तैनात चीता पुलिस के जवान भी घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने मां-बच्चे को ढांढस बंधाया और सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया। घटना ने एक बार फिर भीड़भाड़ और जोखिम भरे स्थानों पर सेल्फी लेने के बढ़ते चलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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सेल्फी के चक्कर में हादसों में भारत सबसे आगे
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर द बार्बर लॉ फर्म के अध्ययन के मुताबिक, सेल्फी से जुड़े हादसों में भारत दुनिया का सबसे खतरनाक देश बनकर सामने आया है। दुनियाभर में हुई 42.1 प्रतिशत घटनाएं भारत में दर्ज की गईं। मार्च 2014 से मई 2025 के बीच भारत में सेल्फी के कारण 271 हादसे हुए, जिनमें 214 लोगों की मौत और 57 घायल हुए। इस सूची में अमेरिका दूसरे और रूस तीसरे स्थान पर है।
इन कारणों से बढ़ रहा खतरा
आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों के अनुसार, और सोशल मीडिया पर दिखावे की संस्कृति से ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं। घनी आबादी, जोखिम भरे स्थानों जैसे नदी, पुल, चट्टानों तक आसान पहुंच लोगों को अच्छी सेल्फी के लिए आकर्षित करती है। हर जगह आवाजाही रोकना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। खतरे को भांपकर अपने विवेक से लोगों को स्थान का चयन करना चाहिए।
... ताकि सजा में न बदल जाए पलभर का मजा
-पुल, नदी, खाई और ऊंचे स्थानों पर सेल्फी से बचें
-बच्चों को अकेला या किनारे पर खड़ा न करें
-फिसलन वाले या अस्थायी ढांचों पर मोबाइल का प्रयोग न करे
-भीड़ में संतुलन बनाए रखें, जल्दबाजी न करें
-प्रशासन द्वारा लगाए गए चेतावनी बोर्ड का पालन करें
-याद रखें, एक फोटो से ज्यादा कीमती आपकी और अपनों की जान है
कोट
सूचना मिलते ही चीता पुलिस के जवान घटनास्थल पर पहुंचे। मां और बच्चे को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया गया। लोगों से अपील है कि वे पुलों और नदी के किनारों पर सेल्फी लेने में सावधानी बरतें और जोखिम न उठाएं।
अजय लाल साह, पुलिस क्षेत्राधिकारी, बागेश्वर

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