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Bageshwar News: युवक की मौत पर हंगामा, दो आरोपी गिरफ्तार
Thu, 23 Jul 2026 11:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 23 Jul 2026 11:58 PM IST
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बागेश्वर। कोतवाली क्षेत्र के गोगिनापानी में बुधवार को गोपाल राम (45) की मौत के बाद बृहस्पतिवार को परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। इस दाैरान उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर दो नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
ग्रामीणों के मुताबिक मृतक गोपाल राम अपने साथियों पुष्कर सिंह (52) निवासी गोगिनापानी, जीवन सिंह (45) निवासी फल्यांटी के साथ सुबह से ही बैठा हुआ था। चारों लोग सुबह से ही शराब पी रहे थे। इसी बीच किसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई जो देखते ही देखते तीखे विवाद में बदल गई।
बताया गया कि शाम करीब पांच बजे एक दुकान के पास अचानक इनके बीच कहासुनी हो गई और वह आपस में मारपीट करने लगे। इसी दौरान धक्का-मुक्की होने पर गोपाल राम की गिरकर मौत हो गई। इस घटना के बाद से क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। मृतक गोपाल राम के जीजा फकीर राम ने पुलिस को तहरीर दी और बताया कि गोपाल राम को बुधवार शाम करीब पांच बजे तिमली सैंण में सोनू उर्फ योगेश पांडे की दुकान के पास जीवन सिंह और पुष्कर सिंह ने पीटकर हत्या कर दी।
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इस पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
न कोई पुरानी रंजिश, न कोई पूर्व इरादा, नशे की सनक ने छीन ली जिंदगी
गोगिनापानी हत्याकांड की शुरुआती जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई है। पुलिस पड़ताल के अनुसार मृतक और आरोपियों के बीच न तो पहले से कोई रंजिश थी और न ही हत्या का कोई पूर्व नियोजित इरादा। सुबह से ही चारों दोस्त एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। शाम होते-होते अत्यधिक शराब के नशे में उनके बीच मामूली बात को लेकर कहासुनी हो गई। बहसबाजी इतनी बढ़ी कि नौबत मारपीट तक पहुंच गई और इसी बीच गोपाल राम की जान चली गई। शराब के नशे में उपजा यह तात्कालिक विवाद एक परिवार के चिराग को बुझा गया। संवाद
अस्पताल में अन्य लोगों को आरोपी बनाने की मांग पर हंगामा
पोस्टमार्टम और मेडिकल के दौरान जिला अस्पताल में एकत्र हुए ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि घटना के समय मौके पर कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे, जिन्हें भी मामले में सह-आरोपी बनाया जाए। परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर मौजूद पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले की हर कोण से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत हुए।
आधे घंटे तक लैब के बाहर खड़ी रही पुलिस, डीएनए सैंपल के लिए इंतजार
आपातकालीन और संवेदनशील मामलों को लेकर जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई। पुलिस टीम जब आरोपियों को डीएनए सैंपल और मेडिकल के लिए लेकर लैब पहुंची, तो वहां कोई भी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था। आरोपियों को कस्टडी में लेकर पहुंची पुलिस टीम को करीब आधे घंटे तक लैब के बाहर इंतजार करना पड़ा। आधे घंटे के बाद जब संबंधित चिकित्सक और स्टाफ मौके पर पहुंचे, तब जाकर डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू हो सकी। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस को आरोपियों के साथ परिसर में ही डटे रहना पड़ा।
मृतक के परिजनों की तहरीर पर दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। - अजय लाल साह, सीओ, बागेश्वर
दिनभर साथ बैठकर पीते रहे शराब, शाम को दुकान के पास आपस में भिड़े
बागेश्वर। कोतवाली क्षेत्र के गोगिनापानी में बुधवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दोस्तों के साथ शराब पी रहे एक ग्रामीण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान गोगिनापानी निवासी गोपाल राम (45) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर दो नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
ग्रामीणों के मुताबिक मृतक गोपाल राम अपने साथियों पुष्कर सिंह (52) निवासी गोगिनापानी, जीवन सिंह (45) पुत्र प्रताप सिंह, निवासी फल्यांटी के साथ सुबह से ही एक साथ बैठा हुआ था। चारों लोग सुबह से ही शराब पी रहे थे। इसी बीच किसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते तीखे विवाद में बदल गई।
शाम करीब पांच बजे एक दुकान के पास अचानक इनके बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आपस में मारपीट शुरू हो गई। इसी धक्का-मुक्की और झगड़े के दौरान गोपाल राम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है। मृतक गोपाल राम के जीजा फकीर राम की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक के जीजा फकीर राम ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि उनके 43 वर्षीय साले गोपाल राम के साथ बुधवार शाम करीब पांच बजे तिमली सैंण में सोनू उर्फ योगेश पांडे की दुकान के पास कुछ लोगों ने मारपीट कर उसकी हत्या कर दी।
घटना की जानकारी योगेश जोशी की ओर से दी गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने जीवन सिंह और पुष्कर सिंह को नामजद करते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
न कोई पुरानी रंजिश, न कोई पूर्व इरादा, नशे की सनक ने छीन ली जिंदगी
गोगिनापानी हत्याकांड की शुरुआती जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई है। पुलिस पड़ताल के अनुसार मृतक और आरोपियों के बीच न तो पहले से कोई रंजिश थी और न ही हत्या का कोई पूर्व नियोजित इरादा। सुबह से ही चारों दोस्त एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। शाम होते-होते अत्यधिक शराब के नशे में उनके बीच मामूली बात को लेकर कहासुनी हो गई। बहसबाजी इतनी बढ़ी कि नौबत मारपीट तक पहुंच गई और इसी बीच गोपाल राम की जान चली गई। शराब के नशे में उपजा यह तात्कालिक विवाद एक परिवार के चिराग को बुझा गया। संवाद
अस्पताल में अन्य लोगों को आरोपी बनाने की मांग पर हंगामा
पोस्टमार्टम और मेडिकल के दौरान जिला अस्पताल में एकत्र हुए ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि घटना के समय मौके पर कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे, जिन्हें भी मामले में सह-आरोपी बनाया जाए। परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर मौजूद पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले की हर कोण से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत हुए।
आधे घंटे तक लैब के बाहर खड़ी रही पुलिस, डीएनए सैंपल के लिए इंतजार
आपातकालीन और संवेदनशील मामलों को लेकर जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई। पुलिस टीम जब आरोपियों को डीएनए सैंपल और मेडिकल के लिए लेकर लैब पहुंची, तो वहां कोई भी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था। आरोपियों को कस्टडी में लेकर पहुंची पुलिस टीम को करीब आधे घंटे तक लैब के बाहर इंतजार करना पड़ा। आधे घंटे के बाद जब संबंधित चिकित्सक और स्टाफ मौके पर पहुंचे, तब जाकर डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू हो सकी। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस को आरोपियों के साथ परिसर में ही डटे रहना पड़ा।
मृतक के स्वजनों की तहरीर के आधार पर दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। - अजय लाल साह, सीओ, बागेश्वर
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ग्रामीणों के मुताबिक मृतक गोपाल राम अपने साथियों पुष्कर सिंह (52) निवासी गोगिनापानी, जीवन सिंह (45) निवासी फल्यांटी के साथ सुबह से ही बैठा हुआ था। चारों लोग सुबह से ही शराब पी रहे थे। इसी बीच किसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई जो देखते ही देखते तीखे विवाद में बदल गई।
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बताया गया कि शाम करीब पांच बजे एक दुकान के पास अचानक इनके बीच कहासुनी हो गई और वह आपस में मारपीट करने लगे। इसी दौरान धक्का-मुक्की होने पर गोपाल राम की गिरकर मौत हो गई। इस घटना के बाद से क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। मृतक गोपाल राम के जीजा फकीर राम ने पुलिस को तहरीर दी और बताया कि गोपाल राम को बुधवार शाम करीब पांच बजे तिमली सैंण में सोनू उर्फ योगेश पांडे की दुकान के पास जीवन सिंह और पुष्कर सिंह ने पीटकर हत्या कर दी।
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इस पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
न कोई पुरानी रंजिश, न कोई पूर्व इरादा, नशे की सनक ने छीन ली जिंदगी
गोगिनापानी हत्याकांड की शुरुआती जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई है। पुलिस पड़ताल के अनुसार मृतक और आरोपियों के बीच न तो पहले से कोई रंजिश थी और न ही हत्या का कोई पूर्व नियोजित इरादा। सुबह से ही चारों दोस्त एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। शाम होते-होते अत्यधिक शराब के नशे में उनके बीच मामूली बात को लेकर कहासुनी हो गई। बहसबाजी इतनी बढ़ी कि नौबत मारपीट तक पहुंच गई और इसी बीच गोपाल राम की जान चली गई। शराब के नशे में उपजा यह तात्कालिक विवाद एक परिवार के चिराग को बुझा गया। संवाद
अस्पताल में अन्य लोगों को आरोपी बनाने की मांग पर हंगामा
पोस्टमार्टम और मेडिकल के दौरान जिला अस्पताल में एकत्र हुए ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि घटना के समय मौके पर कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे, जिन्हें भी मामले में सह-आरोपी बनाया जाए। परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर मौजूद पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले की हर कोण से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत हुए।
आधे घंटे तक लैब के बाहर खड़ी रही पुलिस, डीएनए सैंपल के लिए इंतजार
आपातकालीन और संवेदनशील मामलों को लेकर जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई। पुलिस टीम जब आरोपियों को डीएनए सैंपल और मेडिकल के लिए लेकर लैब पहुंची, तो वहां कोई भी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था। आरोपियों को कस्टडी में लेकर पहुंची पुलिस टीम को करीब आधे घंटे तक लैब के बाहर इंतजार करना पड़ा। आधे घंटे के बाद जब संबंधित चिकित्सक और स्टाफ मौके पर पहुंचे, तब जाकर डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू हो सकी। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस को आरोपियों के साथ परिसर में ही डटे रहना पड़ा।
मृतक के परिजनों की तहरीर पर दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। - अजय लाल साह, सीओ, बागेश्वर
दिनभर साथ बैठकर पीते रहे शराब, शाम को दुकान के पास आपस में भिड़े
बागेश्वर। कोतवाली क्षेत्र के गोगिनापानी में बुधवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दोस्तों के साथ शराब पी रहे एक ग्रामीण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान गोगिनापानी निवासी गोपाल राम (45) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर दो नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
ग्रामीणों के मुताबिक मृतक गोपाल राम अपने साथियों पुष्कर सिंह (52) निवासी गोगिनापानी, जीवन सिंह (45) पुत्र प्रताप सिंह, निवासी फल्यांटी के साथ सुबह से ही एक साथ बैठा हुआ था। चारों लोग सुबह से ही शराब पी रहे थे। इसी बीच किसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते तीखे विवाद में बदल गई।
शाम करीब पांच बजे एक दुकान के पास अचानक इनके बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आपस में मारपीट शुरू हो गई। इसी धक्का-मुक्की और झगड़े के दौरान गोपाल राम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है। मृतक गोपाल राम के जीजा फकीर राम की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक के जीजा फकीर राम ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि उनके 43 वर्षीय साले गोपाल राम के साथ बुधवार शाम करीब पांच बजे तिमली सैंण में सोनू उर्फ योगेश पांडे की दुकान के पास कुछ लोगों ने मारपीट कर उसकी हत्या कर दी।
घटना की जानकारी योगेश जोशी की ओर से दी गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने जीवन सिंह और पुष्कर सिंह को नामजद करते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
न कोई पुरानी रंजिश, न कोई पूर्व इरादा, नशे की सनक ने छीन ली जिंदगी
गोगिनापानी हत्याकांड की शुरुआती जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई है। पुलिस पड़ताल के अनुसार मृतक और आरोपियों के बीच न तो पहले से कोई रंजिश थी और न ही हत्या का कोई पूर्व नियोजित इरादा। सुबह से ही चारों दोस्त एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। शाम होते-होते अत्यधिक शराब के नशे में उनके बीच मामूली बात को लेकर कहासुनी हो गई। बहसबाजी इतनी बढ़ी कि नौबत मारपीट तक पहुंच गई और इसी बीच गोपाल राम की जान चली गई। शराब के नशे में उपजा यह तात्कालिक विवाद एक परिवार के चिराग को बुझा गया। संवाद
अस्पताल में अन्य लोगों को आरोपी बनाने की मांग पर हंगामा
पोस्टमार्टम और मेडिकल के दौरान जिला अस्पताल में एकत्र हुए ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि घटना के समय मौके पर कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे, जिन्हें भी मामले में सह-आरोपी बनाया जाए। परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर मौजूद पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले की हर कोण से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत हुए।
आधे घंटे तक लैब के बाहर खड़ी रही पुलिस, डीएनए सैंपल के लिए इंतजार
आपातकालीन और संवेदनशील मामलों को लेकर जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई। पुलिस टीम जब आरोपियों को डीएनए सैंपल और मेडिकल के लिए लेकर लैब पहुंची, तो वहां कोई भी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था। आरोपियों को कस्टडी में लेकर पहुंची पुलिस टीम को करीब आधे घंटे तक लैब के बाहर इंतजार करना पड़ा। आधे घंटे के बाद जब संबंधित चिकित्सक और स्टाफ मौके पर पहुंचे, तब जाकर डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू हो सकी। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस को आरोपियों के साथ परिसर में ही डटे रहना पड़ा।
मृतक के स्वजनों की तहरीर के आधार पर दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। - अजय लाल साह, सीओ, बागेश्वर