फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Chamoli Tunnel Accident Vishnugad Pipalkoti Hydropower Project Faced Controversies Over Displacement-Safety

चमोली सुरंग हादसा: शुरुआत से ही विवादों से घिरी रही विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना, लोगों ने किए थे कई आंदोलन

Sat, 15 Aug 2026 03:51 PM IST
Renu Saklani प्रमोद सेमवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
प्रमोद सेमवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Published by: Renu Saklani Updated Sat, 15 Aug 2026 03:51 PM IST
सार

विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना हादसे के बाद एक बार फिर सवालों के घेरे में है। परियोजना से जुड़े विस्थापन, निर्माण और सुरक्षा को लेकर शुरुआत से ही अलग-अलग स्तरों पर सवाल उठते रहे हैं। सुरंग हादसे ने इन पुराने विवादों और सुरक्षा व्यवस्था को फिर चर्चा में ला दिया है।

विज्ञापन
Chamoli Tunnel Accident Vishnugad Pipalkoti Hydropower Project Faced Controversies Over Displacement-Safety
चमोली सुरंग हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

टीएचडीसी की 444 मेगावाट की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना शुरुआत से ही विवादों में रही है। परियोजना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण, विस्थापन और स्थानीय धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों पर प्रभाव को लेकर ग्रामीण विरोध जताते रहे हैं। कुछ प्रभावित परिवार आज भी न्यायालय की शरण में हैं।

विज्ञापन

ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना निर्माण में उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया और पर्यावरणीय पहलुओं की अनदेखी हुई। वर्ष 2009 में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने पर स्थानीय लोगों ने विरोध किया। उनकी आपत्तियों को महत्व नहीं दिया गया। वर्ष 2011 में हाट गांव के करीब 140 परिवारों को विस्थापित किया गया।

विज्ञापन


विस्थापन और भूमि अधिग्रहण के विरोध में ग्रामीणों ने कई आंदोलन किए। हाट गांव के ग्रामीणों ने 2012, 2014 और 2019 में भी आंदोलन किए। कंपनी प्रबंधन ने आंदोलनों के बाद ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए। प्रभावित परिवारों को इन मामलों में न्यायालय से राहत मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...चमोली सुरंग हादसा:  मशीन ने दिया धोखा, चाय बनी जिंदगी की वजह, टनल हादसे में बाल-बाल बचे ऑपरेटर और फोरमैन

सुरक्षा पर उठे सवाल

हाट गांव के पूर्व ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल और पूर्व ज्येष्ठ उपप्रमुख पंकज हटवाल ने सुरक्षा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे वाली टनल में पहले भी मलबा गिरने की घटनाएं हुई हैं। कंपनी प्रबंधन ने इन घटनाओं को गंभीरता से नहीं लिया। पिछले वर्ष हुए लोको ट्रॉली हादसे से भी सबक नहीं लिया गया। उन्होंने हादसे की स्वतंत्र समिति से जांच और प्रभावित परिवारों की चिंता की मांग की।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed