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Chamoli News: पर्यावरण संरक्षण में भी जुटे बाल कवि कार्तिक
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Mon, 02 Mar 2026 06:50 PM IST
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गोपेश्वर। गढ़वाली बोली-भाषा के संरक्षण के साथ ही बाल कवि कार्तिक तिवारी पर्यावरण संरक्षण में भी जुटे हुए हैं। सोमवार को होली पर्व की पूर्व संध्या पर कार्तिक ने बंज्वाणी के जंगल में पौधरोपण कर धरती को हरभरा बनाने और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने का संदेश दिया।
कार्तिक अभी तक दो हजार से अधिक पौधों का रोपण कर चुके हैं। श्रीरामचंद्र भट्ट विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गोपेश्वर में नौवीं कक्षा के छात्र कार्तिक (13) को छोटी उम्र से ही पर्यावरण और बोली भाषा के संरक्षण की ललक है। कार्तिक की माता तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित मीना तिवारी भी पर्यावरण संरक्षण में जुटी हैं। कार्तिक भी उन्हीं के पदचिह्नों पर चल रहे हैं। कार्तिक अभी तक गढ़वाली बोली-भाषा के संरक्षण पर कई कविताएं भी लिख चुका है। बीते दिनाें वसंत उत्सव में राज्यपाल भवन लोक भवन में कार्तिक ने अपना संबोधन गढ़वाली बोली में किया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। संवाद
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कार्तिक अभी तक दो हजार से अधिक पौधों का रोपण कर चुके हैं। श्रीरामचंद्र भट्ट विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गोपेश्वर में नौवीं कक्षा के छात्र कार्तिक (13) को छोटी उम्र से ही पर्यावरण और बोली भाषा के संरक्षण की ललक है। कार्तिक की माता तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित मीना तिवारी भी पर्यावरण संरक्षण में जुटी हैं। कार्तिक भी उन्हीं के पदचिह्नों पर चल रहे हैं। कार्तिक अभी तक गढ़वाली बोली-भाषा के संरक्षण पर कई कविताएं भी लिख चुका है। बीते दिनाें वसंत उत्सव में राज्यपाल भवन लोक भवन में कार्तिक ने अपना संबोधन गढ़वाली बोली में किया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। संवाद
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