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Chamoli News: आपदा प्रभावितों ने विभिन्न मांगों के लिए तहसील में दिया धरना
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 07 Mar 2026 06:08 PM IST
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-ज्योतिर्मठ बचाओ संघर्ष समिति ने विभिन्न मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की उठाई मांग
- 15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ज्योतिर्मठ। भू-धंसाव के तीन साल बाद भी प्रभावितों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर शनिवार को जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति की ओर से तहसील में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी आठ सूत्री मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
शनिवार को तहसील परिसर में आयोजित सांकेतिक धरने में आपदा प्रभाविताें ने विभिन्न मांगों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती ने कहा कि नगर में आई आपदा को तीन साल बीत गए, लेकिन प्रभावितों की मांगों पर सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है। आपदा के दौरान मुख्यमंत्री ने समिति की सभी मांगों पर सहमति व्यक्त की थी। उसके बाद केंद्र सरकार ने 1640 करोड़ रुपये स्वीकृत किए लेकिन अभी तक मांगों पर जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कहा कि यदि 15 दिन के भीतर सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनकी मुख्य मांगों में आपदा से हुए व्यावसायिक नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा निर्धारित किया जाए, पुनर्वास की प्रक्रिया तेज की जाए, प्रभावितों की भूमि, व्यावसायिक भवनों, राजीव गांधी-प्रधानमंत्री आवास और पारंपरिक भवनों का मूल्य निर्धारित किया जाए। भवन निर्माण व मरम्मत को लेकर एक समान नीति बनाने सहित अन्य मांगें शामिल हैं। इस मौके पर आशीष, कालीराम, विमल, नरेंद्र, हरीश लाल, ज्योति, गीता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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- 15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ज्योतिर्मठ। भू-धंसाव के तीन साल बाद भी प्रभावितों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर शनिवार को जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति की ओर से तहसील में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी आठ सूत्री मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
शनिवार को तहसील परिसर में आयोजित सांकेतिक धरने में आपदा प्रभाविताें ने विभिन्न मांगों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती ने कहा कि नगर में आई आपदा को तीन साल बीत गए, लेकिन प्रभावितों की मांगों पर सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है। आपदा के दौरान मुख्यमंत्री ने समिति की सभी मांगों पर सहमति व्यक्त की थी। उसके बाद केंद्र सरकार ने 1640 करोड़ रुपये स्वीकृत किए लेकिन अभी तक मांगों पर जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कहा कि यदि 15 दिन के भीतर सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनकी मुख्य मांगों में आपदा से हुए व्यावसायिक नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा निर्धारित किया जाए, पुनर्वास की प्रक्रिया तेज की जाए, प्रभावितों की भूमि, व्यावसायिक भवनों, राजीव गांधी-प्रधानमंत्री आवास और पारंपरिक भवनों का मूल्य निर्धारित किया जाए। भवन निर्माण व मरम्मत को लेकर एक समान नीति बनाने सहित अन्य मांगें शामिल हैं। इस मौके पर आशीष, कालीराम, विमल, नरेंद्र, हरीश लाल, ज्योति, गीता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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