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Chamoli News: समय लग रहा मगर चूल्हे पर बने खाने में है घर जैसा स्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Mon, 04 May 2026 06:25 PM IST
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फोटो
गैस सिलिंडर न मिलने के कारण ब्रह्मकपाल की कैंटीन में चूल्हे पर बना खाना खाकर तीर्थ पुरोहित हुए खुश
संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। व्यावसायिक गैस की किल्लत से भले ही होटल-ढाबा संचालक परेशानी झेल रहे हों लेकिन इन प्रतिष्ठानों में लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा खाना सभी को खूब पसंद आ रहा है। बदरीनाथ धाम में ब्रह्मकपाल की कैंटीन में भी चूल्हे पर खाना बन रहा है। तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि इस खाने में घर जैसा स्वाद है।
ब्रह्मकपाल में पिंडदान, तर्पण व अन्य कार्य करने वाले तीर्थ पुरोहितों के लिए वहां पर एक कैंटीन है। यहां 70 से अधिक तीर्थपुरोहित रोज खाना खाते हैं लेकिन व्यावसायिक गैस की किल्लत के कारण यहां पर लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है। कैंटीन संचालक धीरज नेगी का कहना है कि लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है लेकिन इसमें समय अधिक लग जाता है। वहीं ब्रह्मकपाल के तीर्थ पुरोहित मदन कोठियाल व हरीश सती का कहना है कि चूल्हे पर बने खाने में घर जैसा स्वाद है। वहीं धाम में इन दिनों मौसम बदलने से ठंड भी बढ़ रही है। चूल्हे की आग से ठंड से भी निजात मिल रही है।
कौंज पोथनी गांव में बांटे 135 घरेलू सिलिंडर
गोपेश्वर। दशाेली ब्लॉक के आपदा प्रभावित कौंज पोथनी गांव में शुक्रवार को डेढ़ माह बाद घरेलू गैस सिलिंडर बांटे गए। गैस एजेंसी गोपेश्वर की ओर से क्षेत्र में 135 घरेलू गैस सिलिंडर बांटे गए। वहीं गोपेश्वर और चमोली नगर क्षेत्र के होटल और रेस्टोरेंट में 72 व्यावसायिक सिलिंडरों का वितरण किया गया। काैंज-पोथनी क्षेत्र में पिछले डेढ़ माह से रसोई गैस की सप्लाई नहीं हो रही थी। ग्रामीण चूल्हे पर खाना पका रहे थे। शुक्रवार को जिला प्रशासन के निर्देश पर गैस एजेंसी गोपेश्वर की ओर से क्षेत्र में सिलिंडर बांटे गए। एजेंसी के प्रबंधक संजय रावत ने कहा कि होटल स्वामियों की डिमांड पर व्यावसायिक सिलिंडरों का भी वितरण किया जा रहा है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। व्यावसायिक गैस की किल्लत से भले ही होटल-ढाबा संचालक परेशानी झेल रहे हों लेकिन इन प्रतिष्ठानों में लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा खाना सभी को खूब पसंद आ रहा है। बदरीनाथ धाम में ब्रह्मकपाल की कैंटीन में भी चूल्हे पर खाना बन रहा है। तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि इस खाने में घर जैसा स्वाद है।
ब्रह्मकपाल में पिंडदान, तर्पण व अन्य कार्य करने वाले तीर्थ पुरोहितों के लिए वहां पर एक कैंटीन है। यहां 70 से अधिक तीर्थपुरोहित रोज खाना खाते हैं लेकिन व्यावसायिक गैस की किल्लत के कारण यहां पर लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है। कैंटीन संचालक धीरज नेगी का कहना है कि लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है लेकिन इसमें समय अधिक लग जाता है। वहीं ब्रह्मकपाल के तीर्थ पुरोहित मदन कोठियाल व हरीश सती का कहना है कि चूल्हे पर बने खाने में घर जैसा स्वाद है। वहीं धाम में इन दिनों मौसम बदलने से ठंड भी बढ़ रही है। चूल्हे की आग से ठंड से भी निजात मिल रही है।
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कौंज पोथनी गांव में बांटे 135 घरेलू सिलिंडर
गोपेश्वर। दशाेली ब्लॉक के आपदा प्रभावित कौंज पोथनी गांव में शुक्रवार को डेढ़ माह बाद घरेलू गैस सिलिंडर बांटे गए। गैस एजेंसी गोपेश्वर की ओर से क्षेत्र में 135 घरेलू गैस सिलिंडर बांटे गए। वहीं गोपेश्वर और चमोली नगर क्षेत्र के होटल और रेस्टोरेंट में 72 व्यावसायिक सिलिंडरों का वितरण किया गया। काैंज-पोथनी क्षेत्र में पिछले डेढ़ माह से रसोई गैस की सप्लाई नहीं हो रही थी। ग्रामीण चूल्हे पर खाना पका रहे थे। शुक्रवार को जिला प्रशासन के निर्देश पर गैस एजेंसी गोपेश्वर की ओर से क्षेत्र में सिलिंडर बांटे गए। एजेंसी के प्रबंधक संजय रावत ने कहा कि होटल स्वामियों की डिमांड पर व्यावसायिक सिलिंडरों का भी वितरण किया जा रहा है। संवाद