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Chamoli News: विभाग ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने श्रमदान कर बनाई पुलिया
Wed, 29 Jul 2026 05:25 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 29 Jul 2026 05:25 PM IST
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देवाल। कफलखेत गांव के ग्रामीणों ने ऊंणीबगण गदेरे पर जनसहयोग से एक अस्थायी लकड़ी की पुलिया बनाई। हर बरसात में गदेरे का जल स्तर बढ़ने पर अस्थायी पुलिया बह जाती है जिससे बच्चों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ती है। गांव के कलम सिंह भंडारी ने बताया कि 15 छात्र-छात्राएं बोरागाड़ और ऊंणीबगण के स्कूलों में पढ़ने जाते हैं। ग्रामीणों ने कई बार विभाग और प्रशासन से स्थायी पुलिया बनाने की मांग की लेकिन आज तक मांग पूरी नहीं हुई। ऊंणीबगण के कुलदीप कुमार, त्रिलोक चंद्र, आनंद कुमार, आलम राम, गणेश कुमार और पुष्कर राम ने श्रमदान कर पुलिया का निर्माण किया। बीडीओ जयदीप बैरवाण ने बताया कि ऊंणीबगण सहित कई गदेरों पर आरसीसी पुलिया बनाने का इस्टीमेट भेजा गया है। धनराशि प्राप्त होने पर पुलिया बनाई जाएगी। संवाद
सुरक्षा दीवार न होने से भूस्खलन का खतरा
जिलासू। तहसील के उत्तरों गांव में सड़क निर्माण के बाद सुरक्षा दीवार न बनने से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रधान सत्येश्वरी देवी ने जिलाधिकारी चमोली को ज्ञापन भेजकर सुरक्षा दीवार बनवाने की मांग की। सौरभ राज, राजेश, अंकित आदि ने कहा कि लोनिवि पोखरी ने सड़क का डामरीकरण किया लेकिन पहाड़ी कटिंग के बाद सुरक्षा दीवार नहीं बनाई। बरसात में कटी पहाड़ी से मलबा और पत्थर सड़क पर गिरते हैं। इससे भूस्खलन होता है और सड़क बंद होती है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मौके का निरीक्षण कर शीघ्र सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की। संवाद
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देवाल। कफलखेत गांव के ग्रामीणों ने ऊंणीबगण गदेरे पर जनसहयोग से एक अस्थायी लकड़ी की पुलिया बनाई। हर बरसात में गदेरे का जल स्तर बढ़ने पर अस्थायी पुलिया बह जाती है जिससे बच्चों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ती है। गांव के कलम सिंह भंडारी ने बताया कि 15 छात्र-छात्राएं बोरागाड़ और ऊंणीबगण के स्कूलों में पढ़ने जाते हैं। ग्रामीणों ने कई बार विभाग और प्रशासन से स्थायी पुलिया बनाने की मांग की लेकिन आज तक मांग पूरी नहीं हुई। ऊंणीबगण के कुलदीप कुमार, त्रिलोक चंद्र, आनंद कुमार, आलम राम, गणेश कुमार और पुष्कर राम ने श्रमदान कर पुलिया का निर्माण किया। बीडीओ जयदीप बैरवाण ने बताया कि ऊंणीबगण सहित कई गदेरों पर आरसीसी पुलिया बनाने का इस्टीमेट भेजा गया है। धनराशि प्राप्त होने पर पुलिया बनाई जाएगी। संवाद
सुरक्षा दीवार न होने से भूस्खलन का खतरा
जिलासू। तहसील के उत्तरों गांव में सड़क निर्माण के बाद सुरक्षा दीवार न बनने से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रधान सत्येश्वरी देवी ने जिलाधिकारी चमोली को ज्ञापन भेजकर सुरक्षा दीवार बनवाने की मांग की। सौरभ राज, राजेश, अंकित आदि ने कहा कि लोनिवि पोखरी ने सड़क का डामरीकरण किया लेकिन पहाड़ी कटिंग के बाद सुरक्षा दीवार नहीं बनाई। बरसात में कटी पहाड़ी से मलबा और पत्थर सड़क पर गिरते हैं। इससे भूस्खलन होता है और सड़क बंद होती है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मौके का निरीक्षण कर शीघ्र सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की। संवाद
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