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Chamoli News: नारायणबगड़ की महिलाएं पहाड़ी मिलेट्स से बना रहीं मिठाइयां
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 07 Mar 2026 05:01 PM IST
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- 200 किलो से अधिक के ऑर्डर मिले, कर्णप्रयाग सहित दिल्ली भेजी जा रही मिठाईयां
-होली के अवसर पर महिलाओं ने तैयार की स्थानीय उत्पादों की मिठाईयां, 200 किलो की मिली डिमांड
दीपक कुमार
कर्णप्रयाग। नारायणबगड़ में श्री गुरु कृषक स्वायत्त सहकारिता से जुड़ी महिलाएं पहाड़ी मिलेट्स (मोटे अनाज) से मिठाइयां और अन्य उत्पाद तैयार कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। होली के त्योहार को देखते हुए महिलाओं को अब तक 200 किलो से अधिक के ऑर्डर मिल चुके हैं, जिन्हें कर्णप्रयाग, दिल्ली और स्थानीय बाजारों में पैकेजिंग कर बेचा जा रहा है। यह पहल उत्तरांचल यूथ एंड रूरल डेवलपमेंट सेंटर संस्था द्वारा नाबार्ड के सहयोग से संचालित की जा रही है। सहकारिता से 300 से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो विभिन्न प्रकार के स्वरोजगार से अपनी आय बढ़ा रही हैं। महिलाएं कोदा, झंगोरा, जौ, मकई, कोणी, चीणा, चौलाई और मंडवा जैसे पहाड़ी अनाज से मिठाइयां, नमकीन, चॉकलेट और कोदे की बर्फी तैयार कर रही हैं। संस्था के सचिव डॉ. हरपाल नेगी ने बताया कि महिलाओं को पहले प्रशिक्षण दिया गया, जिसके बाद वे बेहतर तरीके से उत्पादन कर रही हैं। संस्था से जुड़ी नीलम, सुनीता, रेखा, नीमा और सुशीला ने बताया कि पहाड़ी मिलेट्स से बनी मिठाइयां स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं और इससे स्थानीय उत्पादों को भी व्यापक पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि लगातार ऑर्डर मिलने से महिलाओं की अच्छी आमदनी भी हो रही है।
महिलाओं की ओर से बहुत बढि़य काम किया जा रहा है। जिससे उनकी अच्छी आमदनी होगी। सरकार भी महिलाओं को आगे बढ़ाने का लगातार कार्य कर रही है। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण, प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था भी की जाती है। - भूपाल राम टम्टा विधायक थराली
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कर्णप्रयाग। नारायणबगड़ में श्री गुरु कृषक स्वायत्त सहकारिता से जुड़ी महिलाएं पहाड़ी मिलेट्स (मोटे अनाज) से मिठाइयां और अन्य उत्पाद तैयार कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। होली के त्योहार को देखते हुए महिलाओं को अब तक 200 किलो से अधिक के ऑर्डर मिल चुके हैं, जिन्हें कर्णप्रयाग, दिल्ली और स्थानीय बाजारों में पैकेजिंग कर बेचा जा रहा है। यह पहल उत्तरांचल यूथ एंड रूरल डेवलपमेंट सेंटर संस्था द्वारा नाबार्ड के सहयोग से संचालित की जा रही है। सहकारिता से 300 से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो विभिन्न प्रकार के स्वरोजगार से अपनी आय बढ़ा रही हैं। महिलाएं कोदा, झंगोरा, जौ, मकई, कोणी, चीणा, चौलाई और मंडवा जैसे पहाड़ी अनाज से मिठाइयां, नमकीन, चॉकलेट और कोदे की बर्फी तैयार कर रही हैं। संस्था के सचिव डॉ. हरपाल नेगी ने बताया कि महिलाओं को पहले प्रशिक्षण दिया गया, जिसके बाद वे बेहतर तरीके से उत्पादन कर रही हैं। संस्था से जुड़ी नीलम, सुनीता, रेखा, नीमा और सुशीला ने बताया कि पहाड़ी मिलेट्स से बनी मिठाइयां स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं और इससे स्थानीय उत्पादों को भी व्यापक पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि लगातार ऑर्डर मिलने से महिलाओं की अच्छी आमदनी भी हो रही है।
महिलाओं की ओर से बहुत बढि़य काम किया जा रहा है। जिससे उनकी अच्छी आमदनी होगी। सरकार भी महिलाओं को आगे बढ़ाने का लगातार कार्य कर रही है। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण, प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था भी की जाती है। - भूपाल राम टम्टा विधायक थराली
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