{"_id":"6a85fc1ff7189b7c3f0e33a4","slug":"a-craving-has-arisen-within-the-foolish-heart-what-use-is-the-light-now-champawat-news-c-229-1-shld1026-143293-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: उपजी उपजी लौलि गमारा रे, का ले भयो उजालो..","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: उपजी उपजी लौलि गमारा रे, का ले भयो उजालो..
Thu, 20 Aug 2026 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 20 Aug 2026 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। नगर में सातूं-आठूं पर्व की धूम शुरू हो गई है। मल्लीहाट और ज्ञालीसेरान में गौरा महोत्सव के तहत गौरा महेश्वर की विधिवत स्थापना की गई। पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मल्लीहाट निवासी जानकी बिष्ट के आवास पर गौरा महेश्वर की स्थापना की गई।
इस दौरान महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में गोरलचौड़ क्षेत्र से गौरा महेश्वर की प्रतिमा लेकर मल्लीहाट पहुंची। महिलाओं ने उपजी उपजी लौलि गमारा रे, का ले भयो उजालो... मंगल गीत गाते हुए पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व की शुरुआत की। इसके बाद महिलाओं ने भजन गाए। स्थानीय जानकी बिष्ट ने बताया कि यह परंपरा करीब 28 साल से निभा रहे हैं और इसे निरंतर जारी रखा जाएगा। पर्व के दौरान महिलाएं व्रत रखेंगी। यहां जया पांडे, सुमन वर्मा, दीपा तिवारी, प्रेमा तिवारी, गीता बिष्ट, भावना बिष्ट, कविता वर्मा, हेमा पटवा, पुष्पा ओझा, निर्मला पांडे,भावना पांडे, रितु खर्कवाल, तुलसी गड़कोटी, रेखा, शांति शर्मा, शांति पटवा, मंजू साह, मेनका, तनुजा पांडे, मालती मेहता आदि मौजूद रहे।
वहीं, ज्ञालीसेरान में पांडे परिवार पिछले करीब 50 वर्षों से सातूं-आठूं पर्व परंपरा को संजो रहा है। पवेत निवासी चंद्रशेखर पांडे के ज्ञालीसेरान स्थित आवास में गौरा महेश्वर की स्थापना की गई। इसके बाद गौरा महेश्वर को मंगल गीतों गाकर यहां स्थित मंदिर तक ले जाया गया। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाकर पर्व की खुशियां मनाई।। मनोरमा पांडे ने बताया कि उनकी सास की पहल पर 50 साल पूर्व पवेत से सातूं आठूं की परंपरा को शुरू किया था। तब से यह परंपरा यहां भी संजोई जा रही है।
विज्ञापन
जिंडी गांव में गौरा देवी महोत्सव का शुभारंभ
लोहाघाट (चंपावत)। चमदेवल क्षेत्र के जिंडी गांव में आठ दिनों तक चलने वाले गौरा देवी महोत्सव का बुधवार को शुभारंभ हो गया है। इस अवसर चमदेवल के चौखाम बाबा मंदिर से गौरा देवी की प्रतिमा को ग्रामीणों ने डोले में सजाकर जिंडी के देवी थाना स्थित गौरा देवी मंदिर तक ले जाया गया। मान्यता के अनुसार गांव की महिलाओं ने धान से मां की मूर्ति बनाई जाती है। इस अवसर पर क्षेत्र की महिलाओं ने मंगल गीतों से मां की आराधना की गई।
गौरा देवी महोत्सव का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी ने किया गया। इससे पूर्व सुबह से ही पुरोहित खिलानंद कलौनी मंदिर में पूजा अर्चना सहित विभिन्न अनुष्ठान संपन्न कराए। गुमदेश क्षेत्र के चमदेवल, जिंडी, लुपड़ा,नरसों, सुनकुरी, निडिल, गंगनौला,बाराकोट ब्लाक नौमाना आदि गांव में गौरों का गायन शुरू हो गया है। पुरुषों ने गौरा धूमारी, चाली का गायन और नृत्य किया। शिवजी बोलन लाग्या मन इच्छा वरदान मांग आदि गीतों का गायन किया गया। समिति के अध्यक्ष मदन कलौनी ने अतिथियों का स्वागत किया।
इस मौके पर ग्राम प्रधान गुमान राम, शंकर चंद, गुमान चंद, बसंती देवी, गंगा देवी, गंगा देवी, सरिता देवी, लक्ष्मी देवी, जानकी देवी, पार्वती देवी,हीरा देवी मौजूद रहे। इधर नगर राय आटा चक्की, कोलीढेक, नौमाना, पाटन पाटनी, सिगंदा आदि गांवों में गौरा गीतों की धूम मची हुई है। इधर, भरछाना के राधाकृष्ण मंदिर के मठाधीश जगदीश कलौनी ने पूजा अर्चना संपादित कराई देर शाम महिलाओं ने गौरा देवी की प्रतिमा के चारों ओर मांगलिक गीत झोड़े चांचरी गाए। इस दौरान पुरोहित रेवाधर कलौनी, गिरीश चंद्र कलौनी, नरेश चंद्र, जतिन, जानकी देवी, नीलम कलौनी, सुनीता, दीपा, गौरी दमयंती मौजूद रहे। इधर, नगर से लगी ग्राम सभा फोर्ती में महिलाओं ने गौरा गीतों का गायन किया। इस दौरान प्रधान रेनू बगौली, विनोद बगौली, ललिता बगौली, पुष्पा बगौली, कविता बगौली कलावती चौबे, रमा बगौली, मुन्नी चौबे, ईश्वरी देवी, हेमा बगौली मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस दौरान महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में गोरलचौड़ क्षेत्र से गौरा महेश्वर की प्रतिमा लेकर मल्लीहाट पहुंची। महिलाओं ने उपजी उपजी लौलि गमारा रे, का ले भयो उजालो... मंगल गीत गाते हुए पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व की शुरुआत की। इसके बाद महिलाओं ने भजन गाए। स्थानीय जानकी बिष्ट ने बताया कि यह परंपरा करीब 28 साल से निभा रहे हैं और इसे निरंतर जारी रखा जाएगा। पर्व के दौरान महिलाएं व्रत रखेंगी। यहां जया पांडे, सुमन वर्मा, दीपा तिवारी, प्रेमा तिवारी, गीता बिष्ट, भावना बिष्ट, कविता वर्मा, हेमा पटवा, पुष्पा ओझा, निर्मला पांडे,भावना पांडे, रितु खर्कवाल, तुलसी गड़कोटी, रेखा, शांति शर्मा, शांति पटवा, मंजू साह, मेनका, तनुजा पांडे, मालती मेहता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
वहीं, ज्ञालीसेरान में पांडे परिवार पिछले करीब 50 वर्षों से सातूं-आठूं पर्व परंपरा को संजो रहा है। पवेत निवासी चंद्रशेखर पांडे के ज्ञालीसेरान स्थित आवास में गौरा महेश्वर की स्थापना की गई। इसके बाद गौरा महेश्वर को मंगल गीतों गाकर यहां स्थित मंदिर तक ले जाया गया। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाकर पर्व की खुशियां मनाई।। मनोरमा पांडे ने बताया कि उनकी सास की पहल पर 50 साल पूर्व पवेत से सातूं आठूं की परंपरा को शुरू किया था। तब से यह परंपरा यहां भी संजोई जा रही है।
विज्ञापन
जिंडी गांव में गौरा देवी महोत्सव का शुभारंभ
लोहाघाट (चंपावत)। चमदेवल क्षेत्र के जिंडी गांव में आठ दिनों तक चलने वाले गौरा देवी महोत्सव का बुधवार को शुभारंभ हो गया है। इस अवसर चमदेवल के चौखाम बाबा मंदिर से गौरा देवी की प्रतिमा को ग्रामीणों ने डोले में सजाकर जिंडी के देवी थाना स्थित गौरा देवी मंदिर तक ले जाया गया। मान्यता के अनुसार गांव की महिलाओं ने धान से मां की मूर्ति बनाई जाती है। इस अवसर पर क्षेत्र की महिलाओं ने मंगल गीतों से मां की आराधना की गई।
गौरा देवी महोत्सव का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी ने किया गया। इससे पूर्व सुबह से ही पुरोहित खिलानंद कलौनी मंदिर में पूजा अर्चना सहित विभिन्न अनुष्ठान संपन्न कराए। गुमदेश क्षेत्र के चमदेवल, जिंडी, लुपड़ा,नरसों, सुनकुरी, निडिल, गंगनौला,बाराकोट ब्लाक नौमाना आदि गांव में गौरों का गायन शुरू हो गया है। पुरुषों ने गौरा धूमारी, चाली का गायन और नृत्य किया। शिवजी बोलन लाग्या मन इच्छा वरदान मांग आदि गीतों का गायन किया गया। समिति के अध्यक्ष मदन कलौनी ने अतिथियों का स्वागत किया।
इस मौके पर ग्राम प्रधान गुमान राम, शंकर चंद, गुमान चंद, बसंती देवी, गंगा देवी, गंगा देवी, सरिता देवी, लक्ष्मी देवी, जानकी देवी, पार्वती देवी,हीरा देवी मौजूद रहे। इधर नगर राय आटा चक्की, कोलीढेक, नौमाना, पाटन पाटनी, सिगंदा आदि गांवों में गौरा गीतों की धूम मची हुई है। इधर, भरछाना के राधाकृष्ण मंदिर के मठाधीश जगदीश कलौनी ने पूजा अर्चना संपादित कराई देर शाम महिलाओं ने गौरा देवी की प्रतिमा के चारों ओर मांगलिक गीत झोड़े चांचरी गाए। इस दौरान पुरोहित रेवाधर कलौनी, गिरीश चंद्र कलौनी, नरेश चंद्र, जतिन, जानकी देवी, नीलम कलौनी, सुनीता, दीपा, गौरी दमयंती मौजूद रहे। इधर, नगर से लगी ग्राम सभा फोर्ती में महिलाओं ने गौरा गीतों का गायन किया। इस दौरान प्रधान रेनू बगौली, विनोद बगौली, ललिता बगौली, पुष्पा बगौली, कविता बगौली कलावती चौबे, रमा बगौली, मुन्नी चौबे, ईश्वरी देवी, हेमा बगौली मौजूद रहे।