{"_id":"69b45069919c5cd9aa0caba4","slug":"due-to-the-shortage-of-commercial-cylinders-the-concern-of-the-owners-of-dharamshala-hotels-and-restaurants-in-the-purnagiri-fair-area-has-increased-champawat-news-c-229-1-shld1026-136687-2026-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: चिलचिलाती धूप में सिलिंडर के लिए घंटों संघर्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: चिलचिलाती धूप में सिलिंडर के लिए घंटों संघर्ष
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 13 Mar 2026 11:29 PM IST
विज्ञापन
गैस एजेंसी कार्यालय में गैस खत्म होने के बाद सिर पर रखकर खाली सिलिंडर घर वापस लेकर जाती मायूस
विज्ञापन
चंपावत। रसोई गैस सिलिंडर की कमी की अफवाहों के बीच लोगों का गैस एजेंसी पर हर दिन आना जारी है। सिलिंडर के लिए लोग घंटों लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। हर कोई सिलिंंडर पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। कोई अपने बच्चों के साथ तो कोई अपनी पोती के साथ सिलिंडर पाने की मशक्कत कर रहा है। परिवार के लोगों को अपनी चिंता नहीं है लेकिन बच्चों की चिंता सता रही है। वह खुद भूखे रह लेंगे लेकिन बच्चों के पेट की आग कैसे बुझेगी, इसकी चिंता है। रसोई गैस सिलिंडर वितरण के लिए पुलिस भी तैनात की गई है।
शहर में लाइन में लगे लोग सिलिंडर खत्म होने पर नाराज हो गए। पर्ची काटने की जिद करने लगे। इसके बाद सभी को सीरियल नंबर जारी किए गए।चिलचिलाती धूप में शिक्षक, सरकारी कर्मी, घरेलू महिलाएं, व्यापारी, युवा, बच्चे लाइन में एक से तीन घंटे तक खड़े नजर आए। सिलिंडर लेने के लिए लोग छतार, मादली, खर्ककार्की, कोतवाली, कलक्ट्रेट आदि क्षेत्रों से पहुंचे थे।इनका कहना था कि सिलिंडर नहीं मिला तो उन्हें लकड़ी जलाकर खाना बनाना पड़ेगा।
महिलाओं को करनी पड़ रही जद्दोजहद
महिलाएं अपने जरूरी काम निपटाने के बाद रसोई गैस सिलिंडर लेने पहुंच रही हैं। कोई खेत के काम तो कोई बच्चों को घर पर छोड़कर आईं। जिनके लिए बच्चों को घर पर छोड़ना आसान नहीं था वे अपने बच्चों को साथ लेकर आईं। लाइन पर लगी एक महिला अपनी तीन साल की बेटी और छह साल के बेटे को लेकर पहुंची थी। घंटों इंतजार के बाद सिलिंडर मिलने से पहले ही खत्म हो गए। गैस एजेंसी के प्रबंधक डीएस रावत ने बताया कि एक वाहन आया था। 234 सिलिंडरों की आपूर्ति कर दी गई है। बताया कि बिना डीएसी नंबर के सिलिंडर दिए जा रहे हैं। अब 25 दिन के अंतराल के बाद ही गैस दी जाएगी। गैस बुक लाना अनिवार्य है। उन्होंने शनिवार को दो वाहन आने की उम्मीद जताई है।
बिना बुकिंग और डीएसी नंबर के भी मिलेगी गैस
बिना बुकिंग और डीएसी नंबर के भी रसोई गैस सिलिंडर मिलेगा। डीएम मनीष कुमार ने बताया कि गैस सिलिंडरों की मांग में अचानक हुई वृद्धि और ऑनलाइन बुकिंग में तकनीकी दिक्कतों और असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को देखते हुए लोगों को अनिवार्य डिजिटल प्रक्रियाओं में अस्थायी छूट दी गई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनी की ओर से ढील के बाद यह निर्णय लिया गया।
उमड़ रही उपभोक्ताओं की भीड़
लोहाघाट (चंपावत)। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस के लिए लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। रसोई गैस के लिए सुबह से ही गैस एजेंसी के बाहर लोगों की भारी भीड़ उमड़ गई। शुक्रवार को गैस एजेंसी ने रसोई गैस वितरण शुरू किया। गैस एजेंसी में मोबाइल से बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं और रिफिलिंग के 25 दिन पूरे होने पर ही उपभोक्ताओं को रसोई गैस का वितरण किया गया। लोगों की भीड़ के चलते कई बार एनएच पर जाम की स्थिति पैदा हो गई।
गैस एजेंसी प्रबंधक उमेश सिंह ने बताया कि करीब 334 सिलिंडरों का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि मोबाइल से बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं को पहले गैस दी जा रही है। उसके बाद जिनकी बुकिंग नहीं हो पा रही है और जिनकी रिफिलिंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं, उन्हें गैस दी जा रही है। उन्होंने बताया कि शनिवार को प्लांट से गैस की दो गाड़ियां पहुंचेंगी।
Trending Videos
शहर में लाइन में लगे लोग सिलिंडर खत्म होने पर नाराज हो गए। पर्ची काटने की जिद करने लगे। इसके बाद सभी को सीरियल नंबर जारी किए गए।चिलचिलाती धूप में शिक्षक, सरकारी कर्मी, घरेलू महिलाएं, व्यापारी, युवा, बच्चे लाइन में एक से तीन घंटे तक खड़े नजर आए। सिलिंडर लेने के लिए लोग छतार, मादली, खर्ककार्की, कोतवाली, कलक्ट्रेट आदि क्षेत्रों से पहुंचे थे।इनका कहना था कि सिलिंडर नहीं मिला तो उन्हें लकड़ी जलाकर खाना बनाना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
महिलाओं को करनी पड़ रही जद्दोजहद
महिलाएं अपने जरूरी काम निपटाने के बाद रसोई गैस सिलिंडर लेने पहुंच रही हैं। कोई खेत के काम तो कोई बच्चों को घर पर छोड़कर आईं। जिनके लिए बच्चों को घर पर छोड़ना आसान नहीं था वे अपने बच्चों को साथ लेकर आईं। लाइन पर लगी एक महिला अपनी तीन साल की बेटी और छह साल के बेटे को लेकर पहुंची थी। घंटों इंतजार के बाद सिलिंडर मिलने से पहले ही खत्म हो गए। गैस एजेंसी के प्रबंधक डीएस रावत ने बताया कि एक वाहन आया था। 234 सिलिंडरों की आपूर्ति कर दी गई है। बताया कि बिना डीएसी नंबर के सिलिंडर दिए जा रहे हैं। अब 25 दिन के अंतराल के बाद ही गैस दी जाएगी। गैस बुक लाना अनिवार्य है। उन्होंने शनिवार को दो वाहन आने की उम्मीद जताई है।
बिना बुकिंग और डीएसी नंबर के भी मिलेगी गैस
बिना बुकिंग और डीएसी नंबर के भी रसोई गैस सिलिंडर मिलेगा। डीएम मनीष कुमार ने बताया कि गैस सिलिंडरों की मांग में अचानक हुई वृद्धि और ऑनलाइन बुकिंग में तकनीकी दिक्कतों और असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को देखते हुए लोगों को अनिवार्य डिजिटल प्रक्रियाओं में अस्थायी छूट दी गई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनी की ओर से ढील के बाद यह निर्णय लिया गया।
उमड़ रही उपभोक्ताओं की भीड़
लोहाघाट (चंपावत)। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस के लिए लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। रसोई गैस के लिए सुबह से ही गैस एजेंसी के बाहर लोगों की भारी भीड़ उमड़ गई। शुक्रवार को गैस एजेंसी ने रसोई गैस वितरण शुरू किया। गैस एजेंसी में मोबाइल से बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं और रिफिलिंग के 25 दिन पूरे होने पर ही उपभोक्ताओं को रसोई गैस का वितरण किया गया। लोगों की भीड़ के चलते कई बार एनएच पर जाम की स्थिति पैदा हो गई।
गैस एजेंसी प्रबंधक उमेश सिंह ने बताया कि करीब 334 सिलिंडरों का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि मोबाइल से बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं को पहले गैस दी जा रही है। उसके बाद जिनकी बुकिंग नहीं हो पा रही है और जिनकी रिफिलिंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं, उन्हें गैस दी जा रही है। उन्होंने बताया कि शनिवार को प्लांट से गैस की दो गाड़ियां पहुंचेंगी।