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Champawat News: शहर को अतिक्रमण ने घेरा तो सिकुड़ गए शहर के रास्ते
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 06 Jun 2026 10:58 PM IST
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पिथौरागढ़ शहर। संवाद
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पिथौरागढ़। शहर में अनियोजित विकास के साथ ही अतिक्रमण से रास्ते सिकुड़ गए हैं। पूरे शहर में नालियों तक अतिक्रमण से रास्तों की चौड़ाई कम हो गई है इन पर आवाजाही करना भी मुश्किल हो रहा है। अतिक्रमण का चिह्नीकरण तो होता है लेकिन इसे हटाने से हाथ पीछे खींचे जाते हैं।
पिथौरागढ़ नगर की आबादी करीब एक लाख है। राज्य गठन के बाद करीब 50 हजार आबादी बढ़ने का अनुमान है। पूर्व में निगम के रिकार्ड में 11,518 भवन दर्ज थे। बीते दिनों हुई गणना के बाद नगर में भवनों की संख्या 5,482 बढ़कर 17,000 पहुंची है। राज्य गठन के बाद शहर की आबादी भी बढ़ी और नए भवन भी बने लेकिन अनियोजित अतिक्रमण कर बनाए गए भवनों ने रास्तों की चौड़ाई कम कर दी है।
संवाद न्यूज एजेंसी ने नगर में रास्तों की पड़ताल की तो अतिक्रमण हटाने के दावों की हकीकत सामने आई। रई, धनौड़ा, बस्ते, नया, पुरानी बाजार, जगदंबा कॉलोनी सहित लगभग हर वार्ड में रास्ते अतिक्रमण की जद में हैं। नालियों के ऊपर अतिक्रमण से रास्ते संकरे हो गए हैं। हालात यह है कि जिन रास्तों पर पूर्व में आसानी से दो पहिया वाहनों का संचालन होता था अब पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। नगर निगम और प्रशासन ने बीते दिनों रास्तों पर 80 से अधिक अतिक्रमण चिह्नित किए। सिर्फ लाल निशान लगाकर जिम्मेदारी निभा दी गई। अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाने की बात करते वाले जिम्मेदार विभाग सिर्फ चिह्नीकरण तक ही सीमित हैं।
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नालियों पर अतिक्रमण से बढ़ी जलभराव की समस्या
बीते दिनों हुई बारिश ने अतिक्रमण हटाकर रास्तों को चौड़ा करने के दावों की भी पोल खोली। पुराना बाजार, रई, जगदंबा कॉलोनी, पितरौटा सहित नगर के अधिकांश हिस्सों में नालियों को पाटकर इनके ऊपर निर्माण कार्य किया गया है। ऐसे में नालियां गायब हैं। इससे जलभराव की समस्या बढ़ गई है। नालियों पर अतिक्रमण होने से घरों में पानी घुस रहा है। रास्तों पर बहने वाला बारिश का पानी भी लोगों की दिक्कत बढ़ा रहा है।
नालों के ऊपर बनाने पड़े हैं रास्ते
नगर के बजेटी, पांडेगांव, रई आदि हिस्सों में रास्तों पर अतिक्रमण होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। हालात यह है कि नगर निगम को नालों को पाटकर नए रास्तों का निर्माण करना पड़ रहा है। पुराने संकरे रास्तों पर सीवर लाइन और पेयजल लाइन बिछाना संभव नहीं है।
कोट
समय-समय पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलता है। निश्चित तौर पर कई जगह अतिक्रमण से रास्ते संकरे हो गए हैं। जल्द ही ऐसे स्थानों का चिह्नीकरण कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी। - राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़
पिथौरागढ़ नगर की आबादी करीब एक लाख है। राज्य गठन के बाद करीब 50 हजार आबादी बढ़ने का अनुमान है। पूर्व में निगम के रिकार्ड में 11,518 भवन दर्ज थे। बीते दिनों हुई गणना के बाद नगर में भवनों की संख्या 5,482 बढ़कर 17,000 पहुंची है। राज्य गठन के बाद शहर की आबादी भी बढ़ी और नए भवन भी बने लेकिन अनियोजित अतिक्रमण कर बनाए गए भवनों ने रास्तों की चौड़ाई कम कर दी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी ने नगर में रास्तों की पड़ताल की तो अतिक्रमण हटाने के दावों की हकीकत सामने आई। रई, धनौड़ा, बस्ते, नया, पुरानी बाजार, जगदंबा कॉलोनी सहित लगभग हर वार्ड में रास्ते अतिक्रमण की जद में हैं। नालियों के ऊपर अतिक्रमण से रास्ते संकरे हो गए हैं। हालात यह है कि जिन रास्तों पर पूर्व में आसानी से दो पहिया वाहनों का संचालन होता था अब पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। नगर निगम और प्रशासन ने बीते दिनों रास्तों पर 80 से अधिक अतिक्रमण चिह्नित किए। सिर्फ लाल निशान लगाकर जिम्मेदारी निभा दी गई। अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाने की बात करते वाले जिम्मेदार विभाग सिर्फ चिह्नीकरण तक ही सीमित हैं।
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बीते दिनों हुई बारिश ने अतिक्रमण हटाकर रास्तों को चौड़ा करने के दावों की भी पोल खोली। पुराना बाजार, रई, जगदंबा कॉलोनी, पितरौटा सहित नगर के अधिकांश हिस्सों में नालियों को पाटकर इनके ऊपर निर्माण कार्य किया गया है। ऐसे में नालियां गायब हैं। इससे जलभराव की समस्या बढ़ गई है। नालियों पर अतिक्रमण होने से घरों में पानी घुस रहा है। रास्तों पर बहने वाला बारिश का पानी भी लोगों की दिक्कत बढ़ा रहा है।
नालों के ऊपर बनाने पड़े हैं रास्ते
नगर के बजेटी, पांडेगांव, रई आदि हिस्सों में रास्तों पर अतिक्रमण होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। हालात यह है कि नगर निगम को नालों को पाटकर नए रास्तों का निर्माण करना पड़ रहा है। पुराने संकरे रास्तों पर सीवर लाइन और पेयजल लाइन बिछाना संभव नहीं है।
कोट
समय-समय पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलता है। निश्चित तौर पर कई जगह अतिक्रमण से रास्ते संकरे हो गए हैं। जल्द ही ऐसे स्थानों का चिह्नीकरण कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी। - राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़