{"_id":"697b95a5d14ba5ec5b09367d","slug":"no-syringes-sufficient-medicines-at-tanakpur-jan-aushadhi-kendra-champawat-news-c-229-1-shld1007-134814-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: टनकपुर जन औषधि केंद्र में सिरिंज नहीं, दवाएं पर्याप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: टनकपुर जन औषधि केंद्र में सिरिंज नहीं, दवाएं पर्याप्त
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 29 Jan 2026 10:45 PM IST
विज्ञापन
टनकपुर उप जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीज की जांच कर दवाई लिखते डॉ. नौनिहाल सिंह। संवाद
विज्ञापन
टनकपुर (चंपावत)। उप जिला अस्पताल में मरीजों को जन औषधि केंद्र में दवाएं 25 से बढ़ाकर 58 तो कर दी गईं लेकिन इंजेक्शन लगाने के लिए सिरिंज नहीं है। ऐसे में लोगों को इंजेक्शन लगवाने के लिए बाजार से सिरिंज खरीदने पड़ रहे हैं। जन औषधि केंद्र में यह सिरिंज बाजार भाव से 50 से 80 फीसदी तक सस्ते मिलते हैं। हालांकि अस्पताल में जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने उप जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं और जन औषधि केंद्र में मिलने वाली दवाओं की पड़ताल की। कक्षों में अधिकांश चिकित्सक मरीजों की जांच करते मिले। डॉ. नौनिहाल सिंह ने बताया कि वर्तमान में मरीजों की संख्या में कमी आई है। जांच के लिए आने वाले मरीजों को अस्पताल से ही दवा उपलब्ध कराई जा रही है।
जांच के लिए आए मरीजों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अस्पताल में फ्री दवा भी ओपीडी में चिकित्सक लिख रहे हैं। कभी कभार मरीज के कहने पर ही चिकित्सक बाजार से दवा लिखते हैं। मरीजों ने बताया कि जन औषधि केंद्र में दवा तो है लेकिन सिरिंज नहीं है। कई बार घर पर इंजेक्शन लगाने के लिए सिरिंज बाजार से खरीदनी पड़ रही है। अगर जन औषधि केंद्र में सिरिंज मिल जाती तो अच्छा रहता।
जन औषधि केंद्र के कर्मी अंकेश ने बताया कि केंद्र में 58 दवाएं उपलब्ध हैं लेकिन सिरिंज की कमी है। इस दौरान नगर निवासी मरीज किशोर और कार्की फार्म निवासी भावना ने बताया कि अस्पताल से उनको दवा मिल रही हैं। मुख्य फार्मेसी अधिकारी महेश भट्ट ने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाएं हैं। अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक दिखी।
--
पत्नी किरन देवी का पांव फैक्टर हो गया है जिसका इलाज उप जिला अस्पताल में करा रहे हैं। दवा खत्म होने पर आए हैं, सभी जरूरी दवाएं अस्पताल के औषधि केंद्र से मिल गई हैं। - महेंद्र सिंह, तीमारदार
--
सिर दर्द हो रहा था। अस्पताल में चिकित्सक को ओपीडी में दिखाया तो उन्होंने पर्ची में जो दवा लिखी, वह अस्पताल में ही मिल गई है। ऐसे में उन्हें बाहर से दवा नहीं लेनी पड़ी। - पुष्पा देवी, मरीज नया गोठ
--
मरीजों को ओपीडी में जांच के बाद प्राथमिकता से जन औषधि केंद्र और अस्पताल में उपलब्ध आवश्यक दवा लिखी जा रही है। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। - डॉ. जितेंद्र कुमार जोशी
Trending Videos
बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने उप जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं और जन औषधि केंद्र में मिलने वाली दवाओं की पड़ताल की। कक्षों में अधिकांश चिकित्सक मरीजों की जांच करते मिले। डॉ. नौनिहाल सिंह ने बताया कि वर्तमान में मरीजों की संख्या में कमी आई है। जांच के लिए आने वाले मरीजों को अस्पताल से ही दवा उपलब्ध कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जांच के लिए आए मरीजों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अस्पताल में फ्री दवा भी ओपीडी में चिकित्सक लिख रहे हैं। कभी कभार मरीज के कहने पर ही चिकित्सक बाजार से दवा लिखते हैं। मरीजों ने बताया कि जन औषधि केंद्र में दवा तो है लेकिन सिरिंज नहीं है। कई बार घर पर इंजेक्शन लगाने के लिए सिरिंज बाजार से खरीदनी पड़ रही है। अगर जन औषधि केंद्र में सिरिंज मिल जाती तो अच्छा रहता।
जन औषधि केंद्र के कर्मी अंकेश ने बताया कि केंद्र में 58 दवाएं उपलब्ध हैं लेकिन सिरिंज की कमी है। इस दौरान नगर निवासी मरीज किशोर और कार्की फार्म निवासी भावना ने बताया कि अस्पताल से उनको दवा मिल रही हैं। मुख्य फार्मेसी अधिकारी महेश भट्ट ने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाएं हैं। अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक दिखी।
पत्नी किरन देवी का पांव फैक्टर हो गया है जिसका इलाज उप जिला अस्पताल में करा रहे हैं। दवा खत्म होने पर आए हैं, सभी जरूरी दवाएं अस्पताल के औषधि केंद्र से मिल गई हैं। - महेंद्र सिंह, तीमारदार
सिर दर्द हो रहा था। अस्पताल में चिकित्सक को ओपीडी में दिखाया तो उन्होंने पर्ची में जो दवा लिखी, वह अस्पताल में ही मिल गई है। ऐसे में उन्हें बाहर से दवा नहीं लेनी पड़ी। - पुष्पा देवी, मरीज नया गोठ
मरीजों को ओपीडी में जांच के बाद प्राथमिकता से जन औषधि केंद्र और अस्पताल में उपलब्ध आवश्यक दवा लिखी जा रही है। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। - डॉ. जितेंद्र कुमार जोशी

कमेंट
कमेंट X