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Champawat News: अक्ष्य ऊर्जा-मुख्यमंत्री सोर स्वरोजगार योजना से 127 लोगों को मिला रोजगार
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चंपावत। जिले में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना लोगों के घरों को रोशन करने के साथ ही लाभार्थियों की आय का जरिया बन रही है। खासकर मैदानी क्षेत्र के लाभार्थी सोलर पावर प्लांट से बिजली का उत्पादन कर हर साल लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। वहीं, उत्पादित बिजली से लोगों के घर भी रोशन हो रहे हैं।
उरेडा के एसपीओ मनोज कुमार बजेटा ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत अब तक 127 सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इन प्लांटों से लाभार्थी बिजली का उत्पादन कर आय अर्जित कर रहे हैं। योजना से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। लाभार्थी टनकपुर निवासी अमित प्रकाश जोशी ने बताया कि उन्होंने करीब तीन वर्ष पूर्व 100 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया था। इससे वह सालाना करीब छह से साढ़े छह लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम के अनुसार बिजली उत्पादन में अंतर रहता है। बरसात के दौरान उत्पादन अपेक्षाकृत कम रहता है। बरसात में प्लांट से करीब 350 से 400 किलोवाट तक बिजली का उत्पादन होता है जबकि गर्मियों में सौर ऊर्जा का उत्पादन 500 से 600 किलोवाट से अधिक पहुंच जाता है। सौर ऊर्जा उत्पादन से उन्हें नियमित आय मिल रही है। साथ ही उत्पादित बिजली का उपयोग लोगों के घरों को रोशन करने में भी हो रहा है।
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उरेडा के एसपीओ मनोज कुमार बजेटा ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत अब तक 127 सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इन प्लांटों से लाभार्थी बिजली का उत्पादन कर आय अर्जित कर रहे हैं। योजना से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। लाभार्थी टनकपुर निवासी अमित प्रकाश जोशी ने बताया कि उन्होंने करीब तीन वर्ष पूर्व 100 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया था। इससे वह सालाना करीब छह से साढ़े छह लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम के अनुसार बिजली उत्पादन में अंतर रहता है। बरसात के दौरान उत्पादन अपेक्षाकृत कम रहता है। बरसात में प्लांट से करीब 350 से 400 किलोवाट तक बिजली का उत्पादन होता है जबकि गर्मियों में सौर ऊर्जा का उत्पादन 500 से 600 किलोवाट से अधिक पहुंच जाता है। सौर ऊर्जा उत्पादन से उन्हें नियमित आय मिल रही है। साथ ही उत्पादित बिजली का उपयोग लोगों के घरों को रोशन करने में भी हो रहा है।
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