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Champawat News: स्वाला डेंजर जोन... इस बरसात भी मुश्किल भरी हो सकती है डगर
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 05 Jun 2026 11:16 PM IST
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पिथौरागढ़-टनकपुर चंपावत एनएच पर स्वाला डेंजर जोन पर अप हिल साइड पर चल रहा ड्रिलिंग कार्य। संवा
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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर स्वाला डेंजर जोन हमेशा से ही पिथौरागढ़, चंपावत जिले के लोगों के लिए परेशानी का सबब रहा है। यहां मलबा आने से कई बार कई दिनों तक एनएच बंद रहा। समस्या के स्थायी समाधान के लिए लंबे समय से काम किया जा रहा है। 2025 से 21 करोड़ की लागत से सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं। अप्रैल में काम पूरा होना था, मानसून सिर पर है लेकिन अह तक काम पूरा नहीं हुआ है।
संवाद न्यूज एजेंसी ने मौके पर जाकर सुरक्षात्मक कार्यों की पड़ताल की। डेंजर जोन के डाउन हिल साइड में सुरक्षा कार्य अंतिम चरण में है। यहां कुछ ही दिन का काम बचा है। अप हिल साइट पर कार्य गतिमान है। एक सुरक्षा दीवार का काम अभी बांकी है। अप हिल साइड की एक तरफ जाल लगाने का काम भी जारी है। ड्रिलिंग कर एनएच कर्मी कम कर रहे हैं। मशीनें लगाकर 15 जून से पहले इसे पूरा करने की चुनौती है। मौके पर एनएच खंड का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था हालांकि काम कर रहे लोगों का कहना था कि काम लगभग पूरा हो चुका है। इस दौरान बीच-बीच में वाहनों की आवाजाही भी थमती रही। एनएच खंड का दावा है कि अप हिल साइड में आखिरी दीवार का काम अंतिम चरण में है। इसे करीब 12 दिन में पूरा कर लिया जाएगा।
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2024 में डेंजर जोन पर गिरते थे पत्थर
पिथौरागढ़-टनकपुर एनएच पर डेंजर जोन स्वाला पर वर्ष 2024 से ही एनएच काम कर रहा है। 2024 में पहाड़ी से लगातार पत्थर और बोल्डर गिरा करते थे। तब पहाड़ी के ऊपर की तरफ से काट बैंच बनाने का काम किया गया। 2025 में स्थिति बदली और गारे के साथ मलबा और बीच-बीच में पत्थर गिरने लगे। वर्तमान में चरणबद्ध तरीके से काम चल रहा है। फिलहाल यातायात अभी तक बाधित नहीं हुआ है। अप हिल साइड में 12 करोड़ से 35 मीटर ऊंची दीवार बनाई जा रही है, इसमें सात-सात मीटर की पांच दीवारें है। डाउन हिल साइड में 10.30 मीटर ऊंची मजबूत दीवार और ड्रेनेज कार्य नौ करोड़ रुपये से किया जा रहा है।
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करोड़ों का नुकसान झेल चुके हैं दो जिलों के लोग
स्वाला पर एनएच बंद होने से चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के लोगों को दशकों से 200 करोड़ से अधिक नुकसान उठाना पड़ा है। दोनों जिलों में सब्जी, निर्माण सामग्री समेत कई अन्य सामान बाहरी जिलों से आता है। ऐसे में कारोबारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह पिथौरागढ़, धारचूला के आदि कैलाश जाने का मुख्य मार्ग है। डेंजर जोन बारिश के दौरान बंद होने से पिथौरागढ़ के लोगों के लिए हल्द्वानी, टनकपुर तक जाना मुश्किल हो जाता है। इससे दोनों जिलों का करोड़ों का कारोबार प्रभावित होता है। बीमारों के लिए भी हायर सेंटर पहुंचना मुश्किल होता है। उम्मीद है कि काम पूरा होने के बाद राहत मिलेगी।
संवाद न्यूज एजेंसी ने मौके पर जाकर सुरक्षात्मक कार्यों की पड़ताल की। डेंजर जोन के डाउन हिल साइड में सुरक्षा कार्य अंतिम चरण में है। यहां कुछ ही दिन का काम बचा है। अप हिल साइट पर कार्य गतिमान है। एक सुरक्षा दीवार का काम अभी बांकी है। अप हिल साइड की एक तरफ जाल लगाने का काम भी जारी है। ड्रिलिंग कर एनएच कर्मी कम कर रहे हैं। मशीनें लगाकर 15 जून से पहले इसे पूरा करने की चुनौती है। मौके पर एनएच खंड का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था हालांकि काम कर रहे लोगों का कहना था कि काम लगभग पूरा हो चुका है। इस दौरान बीच-बीच में वाहनों की आवाजाही भी थमती रही। एनएच खंड का दावा है कि अप हिल साइड में आखिरी दीवार का काम अंतिम चरण में है। इसे करीब 12 दिन में पूरा कर लिया जाएगा।
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2024 में डेंजर जोन पर गिरते थे पत्थर
पिथौरागढ़-टनकपुर एनएच पर डेंजर जोन स्वाला पर वर्ष 2024 से ही एनएच काम कर रहा है। 2024 में पहाड़ी से लगातार पत्थर और बोल्डर गिरा करते थे। तब पहाड़ी के ऊपर की तरफ से काट बैंच बनाने का काम किया गया। 2025 में स्थिति बदली और गारे के साथ मलबा और बीच-बीच में पत्थर गिरने लगे। वर्तमान में चरणबद्ध तरीके से काम चल रहा है। फिलहाल यातायात अभी तक बाधित नहीं हुआ है। अप हिल साइड में 12 करोड़ से 35 मीटर ऊंची दीवार बनाई जा रही है, इसमें सात-सात मीटर की पांच दीवारें है। डाउन हिल साइड में 10.30 मीटर ऊंची मजबूत दीवार और ड्रेनेज कार्य नौ करोड़ रुपये से किया जा रहा है।
करोड़ों का नुकसान झेल चुके हैं दो जिलों के लोग
स्वाला पर एनएच बंद होने से चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के लोगों को दशकों से 200 करोड़ से अधिक नुकसान उठाना पड़ा है। दोनों जिलों में सब्जी, निर्माण सामग्री समेत कई अन्य सामान बाहरी जिलों से आता है। ऐसे में कारोबारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह पिथौरागढ़, धारचूला के आदि कैलाश जाने का मुख्य मार्ग है। डेंजर जोन बारिश के दौरान बंद होने से पिथौरागढ़ के लोगों के लिए हल्द्वानी, टनकपुर तक जाना मुश्किल हो जाता है। इससे दोनों जिलों का करोड़ों का कारोबार प्रभावित होता है। बीमारों के लिए भी हायर सेंटर पहुंचना मुश्किल होता है। उम्मीद है कि काम पूरा होने के बाद राहत मिलेगी।