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Champawat News: कामर्शियल सिलिंडर की कमी से धर्मशाला, होटल, रेस्टोरेंट के कारोबार पर पड़ा असर
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 13 Mar 2026 11:25 PM IST
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पूर्णागिरि(टनकपुर)। कामर्शियल सिलिंडर की कमी से पूर्णागिरि मेला क्षेत्र के धर्मशाला, होटल, रेस्टोरेंट स्वामियों की चिंता बढ़ गई है। उनके कारोबार पर इसका असर देखने को मिल रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं के आने से धर्मशालाओं में गैस की खपत बढ़ गई है। कुछ के पास सिलिंडर उपलब्ध हैं तो कहीं खत्म होने होने के कगार पर हैं। गैस उपलब्ध होने में दिक्कत आई तो परेशानी हो सकती है।
मेले के दौरान क्षेत्र में करीब 250 से अधिक धर्मशाला, होटल, रेस्टोरेंट सक्रिय हो जाते हैं। इनमें प्रतिदिन 10 लाख से अधिक का कारोबार होता है। धर्मशाला, होटल, रेस्टोरेंट चलाने वालों के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भी भोजन बनता है। ऐसे में कारोबारी जरूरी होने पर ही सिलिंड रका इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उनके कारोबार पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है। काली मंदिर के पास के धर्मशाला संचालक पुजारी प्रमोद तिवारी, सिद्धमोड़ क्षेत्र के हीरा बल्लभ पांडेय, टुन्यास क्षेत्र के कैलाश तिवारी, कटौजिया के धर्मशाला संचालक मनोज पांडेय ने बताया कि मेले में अधिक संख्या में श्रद्धालुओं की आवक जारी है। कामर्शियल सिलिंडर का मेले के दौरान उपयोग लगातार किया जाता है। ऐसे में कारोबार पर असर पड़ने लगा है।
कोटभैरव मंदिर के पास धर्मशाला का संचालन करता हूं, मेले के माध्यम से होने वाली आय से परिवार का लालन पालन होता है। लगातार श्रद्धालुओं के आने से गैस की खपत बढ़ गई है। अब ऐसे में कारोबार पर असर पड़ने की संभावना है। - गिरीश पांडेय, पूर्व मंदिर समिति सचिव
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कामर्शियल सिलिंडर में अब कुछ ही गैस बची है। हर रोज सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाएगा। मेले के दौरान पर्याप्त सिलिंडर उपलब्ध कराने की जरूर है। - नोज पांडेय, समाजसेवी, पुजारी
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मेले के दौरान क्षेत्र में करीब 250 से अधिक धर्मशाला, होटल, रेस्टोरेंट सक्रिय हो जाते हैं। इनमें प्रतिदिन 10 लाख से अधिक का कारोबार होता है। धर्मशाला, होटल, रेस्टोरेंट चलाने वालों के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भी भोजन बनता है। ऐसे में कारोबारी जरूरी होने पर ही सिलिंड रका इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उनके कारोबार पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है। काली मंदिर के पास के धर्मशाला संचालक पुजारी प्रमोद तिवारी, सिद्धमोड़ क्षेत्र के हीरा बल्लभ पांडेय, टुन्यास क्षेत्र के कैलाश तिवारी, कटौजिया के धर्मशाला संचालक मनोज पांडेय ने बताया कि मेले में अधिक संख्या में श्रद्धालुओं की आवक जारी है। कामर्शियल सिलिंडर का मेले के दौरान उपयोग लगातार किया जाता है। ऐसे में कारोबार पर असर पड़ने लगा है।
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कोटभैरव मंदिर के पास धर्मशाला का संचालन करता हूं, मेले के माध्यम से होने वाली आय से परिवार का लालन पालन होता है। लगातार श्रद्धालुओं के आने से गैस की खपत बढ़ गई है। अब ऐसे में कारोबार पर असर पड़ने की संभावना है। - गिरीश पांडेय, पूर्व मंदिर समिति सचिव
कामर्शियल सिलिंडर में अब कुछ ही गैस बची है। हर रोज सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाएगा। मेले के दौरान पर्याप्त सिलिंडर उपलब्ध कराने की जरूर है। - नोज पांडेय, समाजसेवी, पुजारी