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Haridwar News: चिकित्सालयों, आश्रमों, शिक्षण संस्थानों में प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाए रसोई गैस
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- डीएम ने गैस कंपनियों और विभागीय अधिकारियों की ली बैठक
- कहा कि गैस कालाबाजारी नहीं की जाएगी किसी भी सूरत में बर्दाश्त संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने गैस कंपनियों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद में एलपीजी गैस आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सालयों, आश्रमों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर रसोई गैस उपलब्ध कराई जाए तथा गैस की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने बताया कि जनपद में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और सभी एजेंसियों पर उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि अब सिलिंडर की बुकिंग ऑनलाइन सिस्टम से भी हो रही है और उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर गैस मुहैया कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि एजेंसियों पर लगने वाली कतारों में कई उपभोक्ताओं की केवाईसी न होने के कारण बुकिंग में दिक्कत आ रही है। उन्होंने एजेंसी प्रबंधन और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस की आपूर्ति नियमित और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित की जाए तथा सिलिंडरों की शत-प्रतिशत होम डिलीवरी कराई जाए ताकि एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ न लगे। साथ ही बैकलॉग का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि एलपीजी सिलिंडरों का अवैध भंडारण, कालाबाजारी या अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर संबंधित एजेंसी या व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उपजिलाधिकारियों और नोडल अधिकारियों को समय-समय पर गैस एजेंसियों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का तत्परता से निस्तारण कर शिकायतकर्ताओं से वार्ता भी की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, पुलिस अधीक्षक क्राइम निशा यादव, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश आदि उपस्थित रहे।
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केवाईसी के लिए खोला जाए अलग काउंटर
- जिलाधिकारी ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं की ओर से केवाईसी नहीं की गई है उनके केवाईसी के लिए अलग काउंटर खोले जाएं, उपभोक्ताओं को ऑनलाइन केवाईसी के लिए भी प्रेरित किया जाए, ताकि, उन्हें केवाईसी के लिए एजेंसियों पर न आना पड़े। केवाईसी होने से उपभोक्ताओं की गैस की बुकिंग हो सके। उन्होंने उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति के संबंध में भी संयम बरतने की अपील की। कहा कि किसी उपभोक्ता को घबराने की जरूरत नहीं है। बुकिंग के आधार पर गैस सुचारू रूप से मिलती रहेगी।
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- कहा कि गैस कालाबाजारी नहीं की जाएगी किसी भी सूरत में बर्दाश्त संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने गैस कंपनियों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद में एलपीजी गैस आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सालयों, आश्रमों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर रसोई गैस उपलब्ध कराई जाए तथा गैस की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने बताया कि जनपद में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और सभी एजेंसियों पर उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि अब सिलिंडर की बुकिंग ऑनलाइन सिस्टम से भी हो रही है और उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर गैस मुहैया कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि एजेंसियों पर लगने वाली कतारों में कई उपभोक्ताओं की केवाईसी न होने के कारण बुकिंग में दिक्कत आ रही है। उन्होंने एजेंसी प्रबंधन और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस की आपूर्ति नियमित और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित की जाए तथा सिलिंडरों की शत-प्रतिशत होम डिलीवरी कराई जाए ताकि एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ न लगे। साथ ही बैकलॉग का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि एलपीजी सिलिंडरों का अवैध भंडारण, कालाबाजारी या अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर संबंधित एजेंसी या व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उपजिलाधिकारियों और नोडल अधिकारियों को समय-समय पर गैस एजेंसियों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का तत्परता से निस्तारण कर शिकायतकर्ताओं से वार्ता भी की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, पुलिस अधीक्षक क्राइम निशा यादव, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश आदि उपस्थित रहे।
केवाईसी के लिए खोला जाए अलग काउंटर
- जिलाधिकारी ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं की ओर से केवाईसी नहीं की गई है उनके केवाईसी के लिए अलग काउंटर खोले जाएं, उपभोक्ताओं को ऑनलाइन केवाईसी के लिए भी प्रेरित किया जाए, ताकि, उन्हें केवाईसी के लिए एजेंसियों पर न आना पड़े। केवाईसी होने से उपभोक्ताओं की गैस की बुकिंग हो सके। उन्होंने उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति के संबंध में भी संयम बरतने की अपील की। कहा कि किसी उपभोक्ता को घबराने की जरूरत नहीं है। बुकिंग के आधार पर गैस सुचारू रूप से मिलती रहेगी।
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