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Haridwar News: बदले मौसम के मिजाज से किसानों के माथे चिंता की लकीरें
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Sun, 15 Mar 2026 08:22 PM IST
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- हवाएं और तेज बारिश कर सकती है गेहूं और सरसों काे नुकसान
बदले मौसम के मिजाज से किसानों के माथे चिंता की लकीरें
हरिद्वार। बदले मौसम के मिजाज से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं, क्योंकि, हवाएं और तेज बारिश गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए, किसानों की ओर से फिलहाल बारिश नहीं होने की प्रार्थना की जा रही है।
जनपद में खड़ी करीब 45 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल तैयार होने की तरफ बढ़ रही है। गेहूं की फसल में बालियां आने लगी हैं, हालांकि, अब तक गेहूं की बालियों में दाना नहीं पड़ा है, किसानों की ओर से गेहूं की फसलों के पकने का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन, रविवार को हवाओं और बंदूा-बांदी ने किसानों के चेहरों पर शिकन डाली दी, सरसों की फसल की कटाई चल रही है। ऐसे में बारिश और हवाओं से सरसों की फसल भीगने और गिरने से खराब हो जाएगी। इससे सरसों का उत्पादन प्रभावित हो जाएगा, जबकि, अगर तेज बारिश और हवाएं आ गईं तो गेहूं की फसल भी जमींदोज हो सकती है। इस कारण गेहूं के उत्पादन भी असर विपरीत असर पड़ सकता है।
चुड़ियाला के किसान अंशुल त्यागी, अजीतपुर के सुनील कश्यप का कहना है कि बारिश और हवाएं गेहूं और सरसों की फसल को हानि पहुंचा सकती है। किसानों की फसलों का उत्पादन तब ही बढ़ पाएगा, जब उन्हें मौसम अनुकूल मिलेगा। मुख्य कृषि अधिकारी जीएस भंडारी का कहना है कि बारिश और हवाएं तेज नहीं आईं। इस वजह से फसलों को नुकसान नहीं हुआ है। किसान फसलों की सिंचाई मौसम देखकर करें, ताकि, फसलें अधिक पानी से गिरे नहीं।
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मौसम के करवट लेने से हुआ ठंड का एहसास
- पांच डिग्री लुढ़का तापमान
हरिद्वार। रविवार को धर्मनगरी में मौसम ने ली करवट सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। ठंडी हवाओं के साथ हल्की बारिश भी हुई। इससे वातावरण में एक बार फिर ठंडक महसूस की गई। लोगों ने ठंड का एहसास होने से गर्म कपड़ों को पहना।
पिछले कुछ दिनों से होली के बाद मौसम में हल्की गर्माहट आने लगी थी, लेकिन, मौसम के बदले तेवर ने लोगों को दोबारा गर्म कपड़े पहनने पर मजबूर कर दिया। सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो मौसम में ठंडक का असर साफ दिखाई दिया। ठंडी हवाओं के साथ रुक-रुक कर हुई हल्की बारिश से तापमान में गिरावट हुई। सड़कों और बाजारों में भी कई लोग स्वेटर और जैकेट पहने नजर आए। मौसम में आए इस बदलाव के कारण लोगों ने दिनभर ठंडक का एहसास किया। गंगा घाटों और मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालुओं को भी सुबह के समय ठंडी हवाओं का सामना करना पड़ा। हालांकि, हल्की बारिश से वातावरण में ताजगी महसूस की गई और धूल-मिट्टी से लोगों को राहत मिली, जो तापमान होली के बाद 32 डिग्री भी पार कर गया था, वह गिरकर अधिकतम 27 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। पांच डिग्री सेल्सियम तापमान लुढ़कने से ठंड के दिन लोगों काे फिर से याद आ गए।
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बदले मौसम के मिजाज से किसानों के माथे चिंता की लकीरें
हरिद्वार। बदले मौसम के मिजाज से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं, क्योंकि, हवाएं और तेज बारिश गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए, किसानों की ओर से फिलहाल बारिश नहीं होने की प्रार्थना की जा रही है।
जनपद में खड़ी करीब 45 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल तैयार होने की तरफ बढ़ रही है। गेहूं की फसल में बालियां आने लगी हैं, हालांकि, अब तक गेहूं की बालियों में दाना नहीं पड़ा है, किसानों की ओर से गेहूं की फसलों के पकने का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन, रविवार को हवाओं और बंदूा-बांदी ने किसानों के चेहरों पर शिकन डाली दी, सरसों की फसल की कटाई चल रही है। ऐसे में बारिश और हवाओं से सरसों की फसल भीगने और गिरने से खराब हो जाएगी। इससे सरसों का उत्पादन प्रभावित हो जाएगा, जबकि, अगर तेज बारिश और हवाएं आ गईं तो गेहूं की फसल भी जमींदोज हो सकती है। इस कारण गेहूं के उत्पादन भी असर विपरीत असर पड़ सकता है।
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चुड़ियाला के किसान अंशुल त्यागी, अजीतपुर के सुनील कश्यप का कहना है कि बारिश और हवाएं गेहूं और सरसों की फसल को हानि पहुंचा सकती है। किसानों की फसलों का उत्पादन तब ही बढ़ पाएगा, जब उन्हें मौसम अनुकूल मिलेगा। मुख्य कृषि अधिकारी जीएस भंडारी का कहना है कि बारिश और हवाएं तेज नहीं आईं। इस वजह से फसलों को नुकसान नहीं हुआ है। किसान फसलों की सिंचाई मौसम देखकर करें, ताकि, फसलें अधिक पानी से गिरे नहीं।
मौसम के करवट लेने से हुआ ठंड का एहसास
- पांच डिग्री लुढ़का तापमान
हरिद्वार। रविवार को धर्मनगरी में मौसम ने ली करवट सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। ठंडी हवाओं के साथ हल्की बारिश भी हुई। इससे वातावरण में एक बार फिर ठंडक महसूस की गई। लोगों ने ठंड का एहसास होने से गर्म कपड़ों को पहना।
पिछले कुछ दिनों से होली के बाद मौसम में हल्की गर्माहट आने लगी थी, लेकिन, मौसम के बदले तेवर ने लोगों को दोबारा गर्म कपड़े पहनने पर मजबूर कर दिया। सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो मौसम में ठंडक का असर साफ दिखाई दिया। ठंडी हवाओं के साथ रुक-रुक कर हुई हल्की बारिश से तापमान में गिरावट हुई। सड़कों और बाजारों में भी कई लोग स्वेटर और जैकेट पहने नजर आए। मौसम में आए इस बदलाव के कारण लोगों ने दिनभर ठंडक का एहसास किया। गंगा घाटों और मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालुओं को भी सुबह के समय ठंडी हवाओं का सामना करना पड़ा। हालांकि, हल्की बारिश से वातावरण में ताजगी महसूस की गई और धूल-मिट्टी से लोगों को राहत मिली, जो तापमान होली के बाद 32 डिग्री भी पार कर गया था, वह गिरकर अधिकतम 27 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। पांच डिग्री सेल्सियम तापमान लुढ़कने से ठंड के दिन लोगों काे फिर से याद आ गए।