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Haridwar News: जिले के सरकारी कार्यालयों में संस्कृत भाषा में भी बोर्ड लगाना अनिवार्य
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Thu, 04 Jun 2026 06:51 PM IST
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- संस्कृत प्रचार-प्रसार तेज करने के लिए शासन के निर्देशों पर किया जा रहा है अमल
- मुख्य विकास अधिकारी ने कहा सभी शासकीय कार्यालय और सार्वजनिक स्थल पर लगेंगे बोर्ड
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने बताया कि जिले में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए शासन के निर्देशों पर कार्य किया जा रहा है। इसमें सभी शासकीय कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर हिंदी के साथ संस्कृत में भी नाम पट्टिकाएं लगाई जाएंगी। इसका उद्देश्य राज्य की द्वितीय राजभाषा संस्कृत को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुपालन में यह कदम उठाया जा रहा है। इन निर्देशों में बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और राज्य के प्रवेश द्वारों पर भी द्विभाषीय बोर्ड लगाने को कहा गया है। हरिद्वार के सभी शासकीय कार्यालयों और संस्थानों के प्रमुखों को तत्काल प्रभाव से इन नाम पट्टिकाओं को बदलने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें अपने कार्यालयों और अधीनस्थ कार्यालयों में भी यह सुनिश्चित करना होगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का पालन शीघ्रता से किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसमें संस्कृत अनुवाद में किसी भी प्रकार की सहायता के लिए दो संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं। इसमें सहायक निदेशक, संस्कृत शिक्षा, हरिद्वार से संपर्क किया जा सकता है।
वाणी भूषण भट्ट भी करेंगे सहयोग
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की ओर से नामित अधिकारी वाणी भूषण भट्ट इस कार्य में सहयोग करेंगे। वाणी भूषण भट्ट जय भारत साधु संस्कृत महाविद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य हैं। सभी कार्यालयों और संस्थानों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे संस्कृत में तैयार की गई नाम पट्टिकाओं के छायाचित्र भेजें। ये छायाचित्र संबंधित अधिकारियों के व्हाट्सएप नंबर पर प्रेषित करेंगे। इससे किसी प्रकार की अगर शाब्दिक अशुद्धि होगी तो उसे सुधार किया जा सकेगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने बताया कि जिले में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए शासन के निर्देशों पर कार्य किया जा रहा है। इसमें सभी शासकीय कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर हिंदी के साथ संस्कृत में भी नाम पट्टिकाएं लगाई जाएंगी। इसका उद्देश्य राज्य की द्वितीय राजभाषा संस्कृत को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुपालन में यह कदम उठाया जा रहा है। इन निर्देशों में बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और राज्य के प्रवेश द्वारों पर भी द्विभाषीय बोर्ड लगाने को कहा गया है। हरिद्वार के सभी शासकीय कार्यालयों और संस्थानों के प्रमुखों को तत्काल प्रभाव से इन नाम पट्टिकाओं को बदलने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें अपने कार्यालयों और अधीनस्थ कार्यालयों में भी यह सुनिश्चित करना होगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का पालन शीघ्रता से किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसमें संस्कृत अनुवाद में किसी भी प्रकार की सहायता के लिए दो संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं। इसमें सहायक निदेशक, संस्कृत शिक्षा, हरिद्वार से संपर्क किया जा सकता है।
वाणी भूषण भट्ट भी करेंगे सहयोग
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की ओर से नामित अधिकारी वाणी भूषण भट्ट इस कार्य में सहयोग करेंगे। वाणी भूषण भट्ट जय भारत साधु संस्कृत महाविद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य हैं। सभी कार्यालयों और संस्थानों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे संस्कृत में तैयार की गई नाम पट्टिकाओं के छायाचित्र भेजें। ये छायाचित्र संबंधित अधिकारियों के व्हाट्सएप नंबर पर प्रेषित करेंगे। इससे किसी प्रकार की अगर शाब्दिक अशुद्धि होगी तो उसे सुधार किया जा सकेगा।
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