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Haridwar News: पुलिस ने बिल्डर पिता-पुत्र की तलाश में मारे छापे, दोनों भूमिगत
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हरिद्वार। ड्रीम सिटी कॉलोनी मामले में करोड़ों रुपये की जमीन और एफडीआर फर्जीवाड़े के आरोपों के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में शहर कोतवाली पुलिस की टीम ने आरोपी प्रॉपर्टी डीलर रवि चौहान के ठिकानों पर छापे मारे, लेकिन आरोपी पिता-पुत्र भूमिगत हो गए हैं।
ज्वालापुर स्थित सुभाष नगर निवासी रिचपाल कौर विर्क ने शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि रिचपाल के दिवंगत पति सुरेंद्र पाल सिंह विर्क और रवि चौहान साझेदारी में ड्रीम सिटी नाम से आवासीय कॉलोनी विकसित कर रहे थे। परियोजना के लिए हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में 23 लाख 17 हजार रुपये की पांच एफडीआर सुरक्षा के तौर पर जमा कराई गई थीं। आरोप है कि वर्ष 2015 में सुरेंद्र पाल सिंह विर्क की मौत के बाद रवि चौहान ने कथित रूप से फर्जी शपथपत्र और जाली हस्ताक्षरों के जरिए 13.17 लाख रुपये की एफडीआर अपने पक्ष में अवमुक्त करा ली। बाद में उक्त रकम बैंक खाते में ट्रांसफर कर ली गई। अन्य संपत्तियों पर कब्जा कर लिया।
मामले की जांच कर रहे उपनिरीक्षक खेमेंद्र गंगवार के नेतृत्व में पुलिस टीमें पहले ज्वालापुर के सीतापुर स्थित आरोपी के आवास पर पहुंची, लेकिन रवि चौहान और उसका पुत्र ऋषभ चौहान घर पर नहीं मिले। इसके बाद अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी। दोनों भूमिगत हो गए। शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि आरोपी पिता-पुत्र की तलाश की जा रही है। जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ज्वालापुर स्थित सुभाष नगर निवासी रिचपाल कौर विर्क ने शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि रिचपाल के दिवंगत पति सुरेंद्र पाल सिंह विर्क और रवि चौहान साझेदारी में ड्रीम सिटी नाम से आवासीय कॉलोनी विकसित कर रहे थे। परियोजना के लिए हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में 23 लाख 17 हजार रुपये की पांच एफडीआर सुरक्षा के तौर पर जमा कराई गई थीं। आरोप है कि वर्ष 2015 में सुरेंद्र पाल सिंह विर्क की मौत के बाद रवि चौहान ने कथित रूप से फर्जी शपथपत्र और जाली हस्ताक्षरों के जरिए 13.17 लाख रुपये की एफडीआर अपने पक्ष में अवमुक्त करा ली। बाद में उक्त रकम बैंक खाते में ट्रांसफर कर ली गई। अन्य संपत्तियों पर कब्जा कर लिया।
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मामले की जांच कर रहे उपनिरीक्षक खेमेंद्र गंगवार के नेतृत्व में पुलिस टीमें पहले ज्वालापुर के सीतापुर स्थित आरोपी के आवास पर पहुंची, लेकिन रवि चौहान और उसका पुत्र ऋषभ चौहान घर पर नहीं मिले। इसके बाद अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी। दोनों भूमिगत हो गए। शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि आरोपी पिता-पुत्र की तलाश की जा रही है। जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।