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Haridwar News: अध्यात्मिकता और टूरिज्म ने बदली कांगड़ी गांव की सूरत

संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Updated Sun, 15 Mar 2026 07:26 PM IST
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Spirituality and tourism have transformed Kangri village
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- पहले कुछ चुनिंदा परिवार रहा करते थे, आज 6000 की आबादी बसी
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जितेंद्र कोरी
श्यामपुर। अध्यात्मिकता और पर्यटन ने कांगड़ी गांव की सूरत बदल दी है। इससे गांव में जहां पहले कुछ चुनिंदा परिवार रहा करते थे अब यहां 6000 की आबादी निवास करती है। इससे गांव में विकास की रफ्तार फर्राटे भर रही है।
चार मार्च 1902 में कांगडी गांव से पहले गुरुकुल की स्थापना हुई थी। उसके बाद कांगड़ी गांव बसा। स्वामी श्रद्धानंद ने एक बड़े गुरुकुल की स्थापना की थी स्थापना के बाद से ही कांगड़ी गांव बसते चला गया। धीरे-धीरे आज गांव में बड़ी आबादी बस गई है। पहले कुछ चुनिंदा परिवार रहा करते थे लेकिन आज 6000 की आबादी कांगड़ी गांव में बसी हुई है। इससे रोजगार से लेकर अन्य तरह के विकास भी हो रहे हैं। पहले लोग कच्चे घरों मर रहते थे लेकिन अब हर किसी का पक्का मकान बना हुआ है। हर घर नल हर जल और 24 घंटे पानी बिजली की सुविधा उपलब्ध है।
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कांगड़ी गांव कहीं ना कहीं अब संतों की नगरी भी बनती जा रही है। एक बड़ी संख्या में साधु संतों के तमाम मंदिर मठ स्थापित हुए हैं। यह कुंभ क्षेत्र में भी शामिल है। कुंभ के दौरान कांगडी गांव संतों की छावनी में लगती है। जिस गांव की रौनक कुछ लग दिखती है।
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बड़े बड़े रिजॉर्ट ओर होटलो ओर पैराग्लाइडिंग गंगा का तट होने से देश-विदेश टूरिज्म आते हैं। हाईवे और रिंग रोड, फोरलेन का निर्माण भी तेजी चल रहा है। जिससे आने वाले समय मे कांगडी ही नहीं पूरे श्यामपुर क्षेत्र की सूरत बदली है।
बबलू, पूर्व प्रधान कांगड़ी
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गांव में स्कूल, मेडिकल, डिजिटल बैंकिग, हर कुछ स्मार्ट और डिजिटल हो गया है। अब लोगों को शहर की तरफ चक्कर नहीं काटने पड़ते। सब गांव में ही आसानी से मिल जाता है। मोहित पाल
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गांव पहले पक्की सड़क नही थी, न दूर तक कोई रोजगार न कोई मकान, लेकिन अब पूरा गांव रोजगार से जुड़ा हुआ है। लोग अपने घरों में छोटे व्यावसाय करने लगे हैं। इससे उनका जीवन यापन आराम से हो रहा है।
तारा चंद
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पहले गांव बाढ़ आने का खतरा बना रहता था, लेकिन, अब करोड़ों की लागत से तटबंध बनाने का निर्माण कार्य चल रहा है। इससे बाढ़ का खतरा भी कम हो जाएगा।
मनदीप पाल
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