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Kotdwar News: बार-बार खराब हो रही 12 साल पुरानी डिजिटल एक्स-रे मशीन
Sat, 25 Jul 2026 04:32 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 25 Jul 2026 04:32 PM IST
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बेस अस्पताल में डीआरएफ एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए सीएसआर मद से मांगी मदद
कोटद्वार। बेस अस्पताल की करीब 12 वर्ष पुरानी डिजिटल एक्स-रे मशीन बार-बार खराब होने से मरीजों को समय पर रेडियोलॉजी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसके चलते गंभीर मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों या देहरादून का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने के साथ उपचार में भी देरी हो रही है।
बेस अस्पताल में वर्ष 2014 में स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से डिजिटल एक्स-रे मशीन स्थापित की गई थी। लंबे समय तक इस मशीन के माध्यम से मरीजों को आधुनिक रेडियोलॉजी सुविधा मिलती रही लेकिन अब मशीन अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने के करीब पहुंच चुकी है और इसमें लगातार तकनीकी खराबियां आ रही हैं।
बेस अस्पताल पर कोटद्वार नगर व भाबर की दो लाख की आबादी के अलावा यमकेश्वर, दुगड्डा, नैनीडांडा, रिखणीखाल, लैंसडौन सहित आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के सीमावर्ती गांवों के लोग भी उपचार के लिए निर्भर हैं। प्रतिदिन सैकड़ों मरीज अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन एक्स-रे मशीन की खराबी के कारण कई मरीजों को बाहर जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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अस्पताल में आधुनिक रेडियोलॉजी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के महाप्रबंधक को पत्र भेजा गया है। पत्र में कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) फंड के तहत फ्लोरोस्कोपी सुविधा से युक्त डिजिटल एक्स-रे मशीन (डीआरएफ सिस्टम) और 3डी/4डी कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
-डॉ. विजय सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक
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कोटद्वार। बेस अस्पताल की करीब 12 वर्ष पुरानी डिजिटल एक्स-रे मशीन बार-बार खराब होने से मरीजों को समय पर रेडियोलॉजी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसके चलते गंभीर मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों या देहरादून का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने के साथ उपचार में भी देरी हो रही है।
बेस अस्पताल में वर्ष 2014 में स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से डिजिटल एक्स-रे मशीन स्थापित की गई थी। लंबे समय तक इस मशीन के माध्यम से मरीजों को आधुनिक रेडियोलॉजी सुविधा मिलती रही लेकिन अब मशीन अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने के करीब पहुंच चुकी है और इसमें लगातार तकनीकी खराबियां आ रही हैं।
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बेस अस्पताल पर कोटद्वार नगर व भाबर की दो लाख की आबादी के अलावा यमकेश्वर, दुगड्डा, नैनीडांडा, रिखणीखाल, लैंसडौन सहित आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के सीमावर्ती गांवों के लोग भी उपचार के लिए निर्भर हैं। प्रतिदिन सैकड़ों मरीज अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन एक्स-रे मशीन की खराबी के कारण कई मरीजों को बाहर जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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अस्पताल में आधुनिक रेडियोलॉजी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के महाप्रबंधक को पत्र भेजा गया है। पत्र में कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) फंड के तहत फ्लोरोस्कोपी सुविधा से युक्त डिजिटल एक्स-रे मशीन (डीआरएफ सिस्टम) और 3डी/4डी कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
-डॉ. विजय सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक