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Kotdwar News: इमरजेंसी के पास तीन फीट गहरा गड्ढा दे रहा हादसों को न्योता
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 31 Jan 2026 06:42 PM IST
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तीन फीट गहरे चैंबर में नहीं है स्लैब, फर्श की टाइलें टूटी
कोटद्वार। बेस अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के नजदीक करीब तीन फीट गहरे चैंबर पर स्लैब नहीं है। ऐसे में इससे आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वहीं, इमरजेंसी वार्ड के गेट से सटे चैंबर को भी दुरुस्त नहीं किया गया है।
बेस अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के तीन ओर राहगीरों और तीमारदारों के लिए काफी समय से समस्या बनी है लेकिन समाधान एक भी समस्या का नहीं हो पा रहा है। प्रवेश द्वार के ठीक सामने फर्श की टाइल टूटी होने से दोपहिया वाहन रपट रहे हैं और पैदल चल रहे लोग लड़खड़ाकर गिर रहे हैं। वार्ड की साइड में चोक पाइपलाइन को खोलने के लिए खोदा गया चैंबर दुरुस्त नहीं किया गया है।
वहीं, इमरजेंसी वार्ड के पीछे की ओर टिनशेड के निकट करीब तीन फीट गहरे एक चैंबर के ऊपर स्लैब ही नहीं पड़ा है। यहां से दिन में कई बार एंबुलेंस एवं अन्य वाहन गुजरते हैं। तीमारदारों का आना-जाना लगा रहता है। रात्रि में मरीज को अस्पताल लाने वाले लोग एकांत होने के कारण अक्सर मोबाइल पर या आपस में बात करते हुए इधर पहुंच जाते हैं। ऐसे में किसी भी समय दुर्घटना का अंदेशा बना है।
वहीं, इमरजेंसी वार्ड की ओर जाने वाले रास्ते पर नाली के ऊपर रखा लोहे का जंगला क्षतिग्रस्त है और आसपास सीमेंटेड टाइल उखड़ी हुई हैं। यहां से गुजरने के दौरान भी मरीजों और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल आने वाले लोगों ने इसमें सुधार की मांग की है।
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कोटद्वार। बेस अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के नजदीक करीब तीन फीट गहरे चैंबर पर स्लैब नहीं है। ऐसे में इससे आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वहीं, इमरजेंसी वार्ड के गेट से सटे चैंबर को भी दुरुस्त नहीं किया गया है।
बेस अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के तीन ओर राहगीरों और तीमारदारों के लिए काफी समय से समस्या बनी है लेकिन समाधान एक भी समस्या का नहीं हो पा रहा है। प्रवेश द्वार के ठीक सामने फर्श की टाइल टूटी होने से दोपहिया वाहन रपट रहे हैं और पैदल चल रहे लोग लड़खड़ाकर गिर रहे हैं। वार्ड की साइड में चोक पाइपलाइन को खोलने के लिए खोदा गया चैंबर दुरुस्त नहीं किया गया है।
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वहीं, इमरजेंसी वार्ड के पीछे की ओर टिनशेड के निकट करीब तीन फीट गहरे एक चैंबर के ऊपर स्लैब ही नहीं पड़ा है। यहां से दिन में कई बार एंबुलेंस एवं अन्य वाहन गुजरते हैं। तीमारदारों का आना-जाना लगा रहता है। रात्रि में मरीज को अस्पताल लाने वाले लोग एकांत होने के कारण अक्सर मोबाइल पर या आपस में बात करते हुए इधर पहुंच जाते हैं। ऐसे में किसी भी समय दुर्घटना का अंदेशा बना है।
वहीं, इमरजेंसी वार्ड की ओर जाने वाले रास्ते पर नाली के ऊपर रखा लोहे का जंगला क्षतिग्रस्त है और आसपास सीमेंटेड टाइल उखड़ी हुई हैं। यहां से गुजरने के दौरान भी मरीजों और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल आने वाले लोगों ने इसमें सुधार की मांग की है।
