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अंकिता भंडारी प्रकरण : पर्वतीय क्षेत्रों में रहा बंद का व्यापक असर
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 11 Jan 2026 06:44 PM IST
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कोटद्वार और लैंसडैन में नहीं दिखा, सामान्य दिनों की भांति ही खुले बाजार
कोटद्वार। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदेश बंद का असर दुगड्डा, सतपुली, बीरोंखाल, एकेश्वर, पोखड़ा समेत पर्वतीय क्षेत्रों में व्यापक नजर आया लेकिन कोटद्वार व लैंसडौन में बंद का कोई असर नहीं दिखाई दिया।
कोटद्वार में बाजार सामान्य दिनों की तरह ही खुला रहा। बसें, जीप, टैक्सियों का संचालन भी सुचारू रूप से हुआ। रविवार को बंद के आह्वान को देखते हुए नजीबाबाद से फल-सब्जी बेचने के लिए कम ही लोग कोटद्वार पहुंचे। गोखले मार्ग पर चहल-पहल कम रही। लैंसडौन में भी बाजार बंदी का कोई असर नहीं रहा।
व्यापार मंडल लैंसडौन ने पहले बाजार बंद का निर्णय लिया था लेकिन शनिवार शाम छह बजे व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने दुकानदारों से दुकानें खोलने को कहा जिस पर रविवार सुबह से ही कुछ व्यापारियों ने अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान खोल दिए। कुछ दुकानदार दुविधा में ही रहे। वाहन चालकों ने भी बंद से खुद को अलग रखा। रोजाना की तरह सुबह से ही वाहन सड़कों पर दौड़ते रहे।
दुगड्डा, सतपुली में बंद का व्यापक असर दिखाई दिया। सभी दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। गांव से बाजार पहुंचे लोगों को फल, सब्जी समेत दूध आदि आवश्यक सेवाएं तक उपलब्ध नहीं हो पाई। होटल बंद होने के कारण यात्रियों व राहगीरों को चाय तक नसीब नहीं हो पाई। पर्वतीय क्षेत्र में मैक्स समेत गिने-चुने वाहन चले। लोगों को बसों और प्राइवेट वाहनों से ही आवागमन करना पड़ा। बीरोंखाल ब्लॉक के बीरोंखाल, बैजरो, मैठाणाघाट, स्यूंसी, पोखड़ा, संगलाकोटी, नौगांवखाल, एकेश्वर आदि पर्वतीय क्षेत्र के बाजार पूरी तरह बंद रहे। टैक्सी यूनियन का बंद को पूर्ण समर्थन होने के कारण जीप व टैक्सियां भी संचालित नहीं हुई।
पौड़ी में बाजार बंद, पसरा रहा सन्नाटा
पौड़ी/ पाबौ/ थलीसैंण। अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के आह्वान पर रविवार को पौड़ी में बाजार बंद रहा। बंद के दौरान अधिकांश दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जिससे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
सुबह से ही शहर के धारा रोड, बस स्टेशन, लोअर बाजार, एजेंसी चौक, अपर बाजार सहित अन्य बाजारों में दुकानें बंद रही। हालांकि रविवार को पौड़ी में साप्ताहिक अवकाश होने के चलते अधिकतर दुकानें बंद होती है लेकिन रविवार को सभी व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखी। दिनभर दुकानें बंद रहने से शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
वहीं, कांग्रेस ने हेमवती नंदन बहुगुणा मूर्ति स्थल पर सांकेतिक रूप से धरना दिया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद नेगी ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की न्यायिक निगरानी में कराई जाए। इस दौरान अद्वैत बहुगुणा,जगदीश चंद्र, मोहित सिंह, आशीष नेगी, भरत रावत, भास्कर बहुगुणा आदि शामिल रहे। उधर, पाबौ और थलीसैंण में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रही। संवाद
साक्ष्य मिटाने वालों पर हो कार्रवाई
पौड़ी। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी विक्रम रावत ने साक्ष्य मिटाने वालों को जल्द बेनकाम किए जाने की मांग की है। जिला मुख्यालय में वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी विक्रम रावत ने पौड़ी की बेटी अंकिता भंडारी के न्याय की लड़ाई में बाजार बंद को सफल बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के हर व्यापारी ने बंद को समर्थन दिया है। अंकिता भंडारी प्रकरण के दोषियों को ऐसी सजा मिले कि भविष्य में कोई भी ऐसा दुस्साहस न कर पाए और यह फैसला एक मिसाल बन जाय। संवाद
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कोटद्वार। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदेश बंद का असर दुगड्डा, सतपुली, बीरोंखाल, एकेश्वर, पोखड़ा समेत पर्वतीय क्षेत्रों में व्यापक नजर आया लेकिन कोटद्वार व लैंसडौन में बंद का कोई असर नहीं दिखाई दिया।
कोटद्वार में बाजार सामान्य दिनों की तरह ही खुला रहा। बसें, जीप, टैक्सियों का संचालन भी सुचारू रूप से हुआ। रविवार को बंद के आह्वान को देखते हुए नजीबाबाद से फल-सब्जी बेचने के लिए कम ही लोग कोटद्वार पहुंचे। गोखले मार्ग पर चहल-पहल कम रही। लैंसडौन में भी बाजार बंदी का कोई असर नहीं रहा।
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व्यापार मंडल लैंसडौन ने पहले बाजार बंद का निर्णय लिया था लेकिन शनिवार शाम छह बजे व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने दुकानदारों से दुकानें खोलने को कहा जिस पर रविवार सुबह से ही कुछ व्यापारियों ने अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान खोल दिए। कुछ दुकानदार दुविधा में ही रहे। वाहन चालकों ने भी बंद से खुद को अलग रखा। रोजाना की तरह सुबह से ही वाहन सड़कों पर दौड़ते रहे।
दुगड्डा, सतपुली में बंद का व्यापक असर दिखाई दिया। सभी दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। गांव से बाजार पहुंचे लोगों को फल, सब्जी समेत दूध आदि आवश्यक सेवाएं तक उपलब्ध नहीं हो पाई। होटल बंद होने के कारण यात्रियों व राहगीरों को चाय तक नसीब नहीं हो पाई। पर्वतीय क्षेत्र में मैक्स समेत गिने-चुने वाहन चले। लोगों को बसों और प्राइवेट वाहनों से ही आवागमन करना पड़ा। बीरोंखाल ब्लॉक के बीरोंखाल, बैजरो, मैठाणाघाट, स्यूंसी, पोखड़ा, संगलाकोटी, नौगांवखाल, एकेश्वर आदि पर्वतीय क्षेत्र के बाजार पूरी तरह बंद रहे। टैक्सी यूनियन का बंद को पूर्ण समर्थन होने के कारण जीप व टैक्सियां भी संचालित नहीं हुई।
पौड़ी में बाजार बंद, पसरा रहा सन्नाटा
पौड़ी/ पाबौ/ थलीसैंण। अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के आह्वान पर रविवार को पौड़ी में बाजार बंद रहा। बंद के दौरान अधिकांश दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जिससे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
सुबह से ही शहर के धारा रोड, बस स्टेशन, लोअर बाजार, एजेंसी चौक, अपर बाजार सहित अन्य बाजारों में दुकानें बंद रही। हालांकि रविवार को पौड़ी में साप्ताहिक अवकाश होने के चलते अधिकतर दुकानें बंद होती है लेकिन रविवार को सभी व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखी। दिनभर दुकानें बंद रहने से शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
वहीं, कांग्रेस ने हेमवती नंदन बहुगुणा मूर्ति स्थल पर सांकेतिक रूप से धरना दिया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद नेगी ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की न्यायिक निगरानी में कराई जाए। इस दौरान अद्वैत बहुगुणा,जगदीश चंद्र, मोहित सिंह, आशीष नेगी, भरत रावत, भास्कर बहुगुणा आदि शामिल रहे। उधर, पाबौ और थलीसैंण में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रही। संवाद
साक्ष्य मिटाने वालों पर हो कार्रवाई
पौड़ी। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी विक्रम रावत ने साक्ष्य मिटाने वालों को जल्द बेनकाम किए जाने की मांग की है। जिला मुख्यालय में वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी विक्रम रावत ने पौड़ी की बेटी अंकिता भंडारी के न्याय की लड़ाई में बाजार बंद को सफल बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के हर व्यापारी ने बंद को समर्थन दिया है। अंकिता भंडारी प्रकरण के दोषियों को ऐसी सजा मिले कि भविष्य में कोई भी ऐसा दुस्साहस न कर पाए और यह फैसला एक मिसाल बन जाय। संवाद