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Kotdwar News: कोटद्वार और पर्वतीय क्षेत्र में 10 घंटे ठप रही बिजली, ठप रहे उद्योग
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 17 Jan 2026 05:38 PM IST
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नहीं चल पाए ट्यूबवेल, दिन में एक बजे बिजली बहाल होने के बाद हुई पेयजल की आपूर्ति
कोटद्वार। ग्रिड फेल होने से कोटद्वार समेत पौड़ी जनपद के समूचे पर्वतीय अंचल में करीब 10 घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। बिजली न होने से जहां कोटद्वार भाबर के औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योग ठप हो गए वहीं नलकूप न चलने से लोग पानी के लिए भी परेशान हो उठे। शुक्रवार रात करीब ढ़ाई बजे ठप हुई बिजली शनिवार दिन में एक बजे बहाल हुई।
ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार रात को करीब 2:30 बजे अचानक मेन ग्रिड मुजफ्फरनगर-ऋषिकेश 400 केवी लाइन में फाल्ट आ गया। कोटद्वार शहर में थोड़ी देर के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई लेकिन वह भी ज्यादा नहीं चल पाई। सुबह 6:19 बजे से पूरा ब्रेकडाउन हो गया।
बिजली न होने से सिडकुल के जशोधरपुर, सिगड्डी, बलभद्रपुर, सिताबपुर औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग व अन्य कामकाज ठप हो गए। पूरे इलाके में पानी की आपूर्ति भी ठप रही। लोगों को सुबह नहाने के लिए भी पानी नहीं मिल पाया। दिन में करीब एक बजे बिजली बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। शनिवार को सुबह से लेकर दिन तक शहर में बिना बिजली के काम काज ठप रहा। लोगों के इनवर्टर भी जवाब दे गए।
पर्यटन नगरी लैंसडौन, दुगड्डा, सतपुली, यमकेश्वर, द्वारीखाल, जयहरीखाल, रिखणीखाल, बीरोंखाल, पोखड़ा व एकेश्वर विकासखंडों के अलावा नैनीडांडा विद्युत वितरण खंड से जुड़े ग्रामीण अंचलों में भी बिजली ठप होने से दिनचर्या प्रभावित रही। लोग बिजली घरों को फोन कर बिजली बंद होने का कारण जान रहे थे।
पौड़ी/पाबौ/थलीसैंण। स्थानीय व्यापारी प्रदीप कुमार, राजेंद्र सिंह ने बताया कि अचानक से बिजली ठप होने से आधे दिन तक दुकानों के बाहर बैठे रहे। पाबौ निवासी संजय नौटियाल व थलीसैंण निवासी आशाराम पोखरियाल ने बताया कि क्षेत्र में जंगली जानवरों की दहशत है। ऐसे में बिजली ठप होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जानवरों की दहशत और भी बढ़ जाती है। एसडीओ ऊर्जा निगम पौड़ी गोविंद सिंह रावत ने बताया कि मुजफ्फरनगर से 400 केवी की ग्रिड फेल होने के चलते आपूर्ति ठप हुई। शहर क्षेत्र में कहीं भी लाइन में कोई फॉल्ट नहीं था।
कोटद्वार और इससे जुड़े पर्वतीय अंचलों में शनिवार दोपहर करीब एक बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो गई थी। नेशनल ग्रिड में तकनीकी दिक्कत के कारण बिजली बाधित हुई थी।
-नंदिता अग्रवाल, अधिशासी अभियंता ऊर्जा निगम कोटद्वार।
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कोटद्वार। ग्रिड फेल होने से कोटद्वार समेत पौड़ी जनपद के समूचे पर्वतीय अंचल में करीब 10 घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। बिजली न होने से जहां कोटद्वार भाबर के औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योग ठप हो गए वहीं नलकूप न चलने से लोग पानी के लिए भी परेशान हो उठे। शुक्रवार रात करीब ढ़ाई बजे ठप हुई बिजली शनिवार दिन में एक बजे बहाल हुई।
ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार रात को करीब 2:30 बजे अचानक मेन ग्रिड मुजफ्फरनगर-ऋषिकेश 400 केवी लाइन में फाल्ट आ गया। कोटद्वार शहर में थोड़ी देर के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई लेकिन वह भी ज्यादा नहीं चल पाई। सुबह 6:19 बजे से पूरा ब्रेकडाउन हो गया।
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बिजली न होने से सिडकुल के जशोधरपुर, सिगड्डी, बलभद्रपुर, सिताबपुर औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग व अन्य कामकाज ठप हो गए। पूरे इलाके में पानी की आपूर्ति भी ठप रही। लोगों को सुबह नहाने के लिए भी पानी नहीं मिल पाया। दिन में करीब एक बजे बिजली बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। शनिवार को सुबह से लेकर दिन तक शहर में बिना बिजली के काम काज ठप रहा। लोगों के इनवर्टर भी जवाब दे गए।
पर्यटन नगरी लैंसडौन, दुगड्डा, सतपुली, यमकेश्वर, द्वारीखाल, जयहरीखाल, रिखणीखाल, बीरोंखाल, पोखड़ा व एकेश्वर विकासखंडों के अलावा नैनीडांडा विद्युत वितरण खंड से जुड़े ग्रामीण अंचलों में भी बिजली ठप होने से दिनचर्या प्रभावित रही। लोग बिजली घरों को फोन कर बिजली बंद होने का कारण जान रहे थे।
पौड़ी/पाबौ/थलीसैंण। स्थानीय व्यापारी प्रदीप कुमार, राजेंद्र सिंह ने बताया कि अचानक से बिजली ठप होने से आधे दिन तक दुकानों के बाहर बैठे रहे। पाबौ निवासी संजय नौटियाल व थलीसैंण निवासी आशाराम पोखरियाल ने बताया कि क्षेत्र में जंगली जानवरों की दहशत है। ऐसे में बिजली ठप होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जानवरों की दहशत और भी बढ़ जाती है। एसडीओ ऊर्जा निगम पौड़ी गोविंद सिंह रावत ने बताया कि मुजफ्फरनगर से 400 केवी की ग्रिड फेल होने के चलते आपूर्ति ठप हुई। शहर क्षेत्र में कहीं भी लाइन में कोई फॉल्ट नहीं था।
कोटद्वार और इससे जुड़े पर्वतीय अंचलों में शनिवार दोपहर करीब एक बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो गई थी। नेशनल ग्रिड में तकनीकी दिक्कत के कारण बिजली बाधित हुई थी।
-नंदिता अग्रवाल, अधिशासी अभियंता ऊर्जा निगम कोटद्वार।