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Kotdwar News: लैंसडौन रेंज के जंगल में भड़की आग
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Fri, 17 Apr 2026 04:53 PM IST
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फतेहपुर-लैंसडौन मार्ग के निकट बने होटलों और रिजॉर्ट के लिए खतरा
आग बुझाने के साथ ही किया गया जागरूक
दुगड्डा (कोटद्वार)। लैंसडौन रेंज में बृहस्पतिवार देर रात भीषण आग लगी। आग बुझाने में वन विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूले रहे। वहीं, वनाग्नि की घटना होने से फतेहपुर-लैंसडौन मार्ग के निकट बने होटल एवं रिजॉर्र्ट के लिए खतरा बढ़ गया।
बीती रात भानकोट व बिलांशु में वनाग्नि की घटना की सूचना से वनकर्मियों में अफरातफरी मच गई। लैंसडौन वन प्रभाग के तहत लैंसडौन रेंज की भानकोट बीट में भीषण आग लगने से मार्ग से वाहनों की आवाजाही थम गई। सड़क से लगी आग ऊंचाई की ओर तेजी से फैल रही थी। इस दौरान पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण दुर्घटना का भी खतरा काफी बढ़ गया था। वनाग्नि के कारण पर्यटकों के लिए बने होटल और रिजॉर्ट के लिए खतरा बढ़ गया था।
क्षेत्र में पानी की कमी से आपात स्थिति में आग पर नियंत्रण करना होटल कारोबारियों के लिए चुनौतीपूर्ण है। कुछ वर्ष पहले बिलांशु मोड़ पर सड़क के निकट बने होटल को चौकीसेरा की ओर से ऊंचाई की ओर बढ़ रही आग से काफी क्षति पहुंची थी। जंगलों में निर्मित होटल, रिजॉर्ट में रहने वाले पर्यटकों के लिए वनाग्नि की घटनाएं खतरे की घंटी बनने लगी है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी लैंसडौन रजत कपिल ने बताया कि वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया था। फायर लाइन बनाकर और सामूहिक प्रयास कर तेजी से फैल रही आग पर नियंत्रण पा लिया गया। इससे आग को सिविल एरिया में फैलने से रोक लिया गया। वहीं, जंगल के आसपास बने होटल व रिजॉर्ट संचालकों को अग्निकांडों से बचाव के लिए संसाधनों को अलर्ट मोड पर रखने और खुद भी जागरूक होने के साथ क्षेत्र में आने वाले लोगों को जागरूक करते रहने की सलाह दी गई।
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आग बुझाने के साथ ही किया गया जागरूक
दुगड्डा (कोटद्वार)। लैंसडौन रेंज में बृहस्पतिवार देर रात भीषण आग लगी। आग बुझाने में वन विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूले रहे। वहीं, वनाग्नि की घटना होने से फतेहपुर-लैंसडौन मार्ग के निकट बने होटल एवं रिजॉर्र्ट के लिए खतरा बढ़ गया।
बीती रात भानकोट व बिलांशु में वनाग्नि की घटना की सूचना से वनकर्मियों में अफरातफरी मच गई। लैंसडौन वन प्रभाग के तहत लैंसडौन रेंज की भानकोट बीट में भीषण आग लगने से मार्ग से वाहनों की आवाजाही थम गई। सड़क से लगी आग ऊंचाई की ओर तेजी से फैल रही थी। इस दौरान पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण दुर्घटना का भी खतरा काफी बढ़ गया था। वनाग्नि के कारण पर्यटकों के लिए बने होटल और रिजॉर्ट के लिए खतरा बढ़ गया था।
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क्षेत्र में पानी की कमी से आपात स्थिति में आग पर नियंत्रण करना होटल कारोबारियों के लिए चुनौतीपूर्ण है। कुछ वर्ष पहले बिलांशु मोड़ पर सड़क के निकट बने होटल को चौकीसेरा की ओर से ऊंचाई की ओर बढ़ रही आग से काफी क्षति पहुंची थी। जंगलों में निर्मित होटल, रिजॉर्ट में रहने वाले पर्यटकों के लिए वनाग्नि की घटनाएं खतरे की घंटी बनने लगी है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी लैंसडौन रजत कपिल ने बताया कि वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया था। फायर लाइन बनाकर और सामूहिक प्रयास कर तेजी से फैल रही आग पर नियंत्रण पा लिया गया। इससे आग को सिविल एरिया में फैलने से रोक लिया गया। वहीं, जंगल के आसपास बने होटल व रिजॉर्ट संचालकों को अग्निकांडों से बचाव के लिए संसाधनों को अलर्ट मोड पर रखने और खुद भी जागरूक होने के साथ क्षेत्र में आने वाले लोगों को जागरूक करते रहने की सलाह दी गई।

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