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महिलाओं को आगे बढ़ते देखना नहीं चाहते विपक्षी : ऋतु खंडूड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 20 Apr 2026 04:54 PM IST
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विधानसभा अध्यक्ष बोलीं, विपक्ष करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का विरोधी
कोटद्वार। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने महिला अधिकार से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने संबंधी संसद में हुए हालिया घटनाक्रम पर कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। विपक्ष महिलाओं को आगे बढ़ते देखना नहीं चाहता।
पत्रकार वार्ता में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र प्रारंभ हुआ जिसमें 131वां संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया गया। विधेयक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाना था।
विधानसभा अध्यक्ष ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष ने इन तीनों विधेयकों का विरोध करते हुए उन्हें सदन में पास नहीं होने दिया। ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि देश की लगभग 70 करोड़ महिलाएं इस अधिनियम से सीधे प्रभावित होती हैं और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में इस प्रकार का राजनीतिक विरोध कहीं न कहीं उनकी प्रगति को रोकने का प्रयास है। स्पष्ट किया कि सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में इस अधिनियम को लागू कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
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कोटद्वार। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने महिला अधिकार से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने संबंधी संसद में हुए हालिया घटनाक्रम पर कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। विपक्ष महिलाओं को आगे बढ़ते देखना नहीं चाहता।
पत्रकार वार्ता में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र प्रारंभ हुआ जिसमें 131वां संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया गया। विधेयक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाना था।
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विधानसभा अध्यक्ष ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष ने इन तीनों विधेयकों का विरोध करते हुए उन्हें सदन में पास नहीं होने दिया। ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि देश की लगभग 70 करोड़ महिलाएं इस अधिनियम से सीधे प्रभावित होती हैं और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में इस प्रकार का राजनीतिक विरोध कहीं न कहीं उनकी प्रगति को रोकने का प्रयास है। स्पष्ट किया कि सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में इस अधिनियम को लागू कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
