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Kotdwar News: हत्यारोपी पति को आजीवन कारावास
Fri, 17 Jul 2026 07:17 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Fri, 17 Jul 2026 07:17 PM IST
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोटद्वार रजनी शुक्ला की अदालत ने सुनाया फैसला
19 फरवरी, 2025 का मामला, 60 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। पत्नी की हत्या के दोषी पति मनोज सिंह रावत को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) रजनी शुक्ला की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 60,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा। अर्थदंड में से 30,000 रुपये मृतका शशि देवी के बच्चों को दिए जाएंगे।
मामला कोटद्वार नगर क्षेत्र के एक वार्ड का है। मृतका शशि के पिता सतपाल सिंह रावत ने 20 फरवरी 2025 को कोतवाली कोटद्वार में दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी की हत्या उसके पति मनोज सिंह रावत ने की है। मनोज रावत शशि देवी को शादी के बाद से ही परेशान करता था। वह उससे पैसे मांगता था और मारपीट करता था। 19 फरवरी को मनोज ने शशि की चाकू मारकर और गला दबाकर हत्या कर दी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाने और गर्दन पर चोटों से मौत की पुष्टि हुई। साथ ही गले की हड्डियां टूटी मिलीं। आरोपी की टी-शर्ट और घटनास्थल से बरामद चाकू पर मृतका का खून मिला। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) रजनी शुक्ला की अदालत ने मनोज को दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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19 फरवरी, 2025 का मामला, 60 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। पत्नी की हत्या के दोषी पति मनोज सिंह रावत को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) रजनी शुक्ला की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 60,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा। अर्थदंड में से 30,000 रुपये मृतका शशि देवी के बच्चों को दिए जाएंगे।
मामला कोटद्वार नगर क्षेत्र के एक वार्ड का है। मृतका शशि के पिता सतपाल सिंह रावत ने 20 फरवरी 2025 को कोतवाली कोटद्वार में दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी की हत्या उसके पति मनोज सिंह रावत ने की है। मनोज रावत शशि देवी को शादी के बाद से ही परेशान करता था। वह उससे पैसे मांगता था और मारपीट करता था। 19 फरवरी को मनोज ने शशि की चाकू मारकर और गला दबाकर हत्या कर दी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाने और गर्दन पर चोटों से मौत की पुष्टि हुई। साथ ही गले की हड्डियां टूटी मिलीं। आरोपी की टी-शर्ट और घटनास्थल से बरामद चाकू पर मृतका का खून मिला। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) रजनी शुक्ला की अदालत ने मनोज को दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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