{"_id":"6a257c61f0bd3192fd04989c","slug":"increased-tiger-activity-in-the-naudi-forest-area-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-124208-2026-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: नौड़ी वन क्षेत्र में बढ़ी बाघों की गतिविधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: नौड़ी वन क्षेत्र में बढ़ी बाघों की गतिविधि
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 07 Jun 2026 07:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
वन विभाग प्राकृतिक चारागाहों के संरक्षण और विकास के लिए तैयार कर रहा है रिपोर्ट
दुगड्डा (कोटद्वार)। लैंसडौन वन प्रभाग की दुगड्डा रेंज के अंतर्गत नौड़ी वन क्षेत्र में बाघों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने गश्त और निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है। वन विभाग के अनुसार कालागढ़ टाइगर रिजर्व की प्लेन रेंज से सटे क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बनी हुई है।
मोड़ाखाल-नौड़ी-ढिमकी वन मार्ग के रखरखाव के लिए इस वर्ष बजट स्वीकृत नहीं होने के बावजूद वनकर्मियों ने पूरे फायर सीजन में पैदल गश्त कर वन क्षेत्र की निगरानी की। विभाग की ओर से बांसी, गजवाड़, बसईखान, नौड़ी, कुसुमघाटी, ढिकानी, ढिमकी, बहेड़ास्रोत और दौलपुर क्षेत्रों में नियमित निगरानी की जा रही है। बाहरी लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सर्च अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
रेंज अधिकारी रमेश चंद्र सिंह नेगी ने बताया कि प्राकृतिक चारागाहों के संरक्षण और विकास के लिए विभाग विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहा है। लैंटाना उन्मूलन के साथ नैपियर सहित अन्य उपयोगी घासों का रोपण किया जाएगा। मानसून के दौरान अवैध शिकार पर विशेष नजर रखी जाएगी। आरक्षित वन क्षेत्रों में अवैध रुप से प्रवेश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Trending Videos
दुगड्डा (कोटद्वार)। लैंसडौन वन प्रभाग की दुगड्डा रेंज के अंतर्गत नौड़ी वन क्षेत्र में बाघों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने गश्त और निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है। वन विभाग के अनुसार कालागढ़ टाइगर रिजर्व की प्लेन रेंज से सटे क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बनी हुई है।
मोड़ाखाल-नौड़ी-ढिमकी वन मार्ग के रखरखाव के लिए इस वर्ष बजट स्वीकृत नहीं होने के बावजूद वनकर्मियों ने पूरे फायर सीजन में पैदल गश्त कर वन क्षेत्र की निगरानी की। विभाग की ओर से बांसी, गजवाड़, बसईखान, नौड़ी, कुसुमघाटी, ढिकानी, ढिमकी, बहेड़ास्रोत और दौलपुर क्षेत्रों में नियमित निगरानी की जा रही है। बाहरी लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सर्च अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रेंज अधिकारी रमेश चंद्र सिंह नेगी ने बताया कि प्राकृतिक चारागाहों के संरक्षण और विकास के लिए विभाग विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहा है। लैंटाना उन्मूलन के साथ नैपियर सहित अन्य उपयोगी घासों का रोपण किया जाएगा। मानसून के दौरान अवैध शिकार पर विशेष नजर रखी जाएगी। आरक्षित वन क्षेत्रों में अवैध रुप से प्रवेश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।