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Kotdwar News: तीन साल बाद भी नहीं ली गई सुध, बिशनपुर में बाढ़ का खतरा बरकरार
Mon, 29 Jun 2026 05:12 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 29 Jun 2026 05:12 PM IST
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2023 में खोह नदी में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सड़क अब तक नहीं बनी, तटबंध भी पड़ा है अधूरा
कोटद्वार। सनेह क्षेत्र के अंतर्गत बिशनपुर इलाके में खोह नदी में आपदा के तीन साल बाद भी बाढ़ सुरक्षा दीवार नहीं बन पाई है। आपदा से क्षतिग्रस्त बिशनपुर सड़क की मरम्मत का कार्य भी अभी तक नहीं हो पाया है। क्षेत्र को बाढ़ के दंश से बचाने के लिए बनाया जा रहा तटबंध भी अधूरा पड़ा है।
वर्ष 2023 में खोह नदी में आई भीषण बाढ़ ने सनेह क्षेत्र के बिशनपुर इलाके में भारी तबाही मचाई थी। काफी मात्रा में कृषि भूमि बह गई थी और सड़क का एक हिस्सा भी नदी में समा गया था। इसके तीन वर्ष बाद भी हालात जस के तस बने हैं। क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण अब तक नहीं हो सका है और न ही क्षेत्र को भविष्य में बाढ़ से बचाने के लिए तटबंध या सुरक्षा दीवार जैसी स्थायी व्यवस्था की गई है।
महानंद ध्यानी, बसंती देवी, गजेंद्र सिंह बिष्ट, जगदीश सिंह बिष्ट, प्रकाश सेमवाल का कहना है कि सड़क का टूटा हिस्सा फिलहाल रतनपुर मार्ग से जोड़ा गया है लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। बरसात में बिशनपुर क्षेत्र पर फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है जिससे ग्रामीणों में जानमाल की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी है।
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आरोप है कि नदियों के चैनेलाइजेशन के नाम पर लंबे समय से खनन कार्य किए जा रहे हैं। अनियंत्रित खनन से नदी का स्वरूप बदला है और भू-कटाव की समस्या बढ़ी है। इसके बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग बाढ़ सुरक्षा के स्थायी उपायों के बजाय खनन गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे रहा है।
खोह नदी के किनारे से गुजरने वाले प्रस्तावित फोरलेन हाईवे बाईपास को मंजूरी मिल चुकी है और इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है लेकिन बाईपास और अन्य सुरक्षात्मक निर्माण कार्यों को पूरा होने में अभी कितना समय लगेगा यह स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तेजी से नदी में खनन हो रहा है और पहले बड़े पैमाने पर भू-कटाव हो चुका है उसे देखते हुए आगामी बरसात में फिर से बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
बिशनपुर क्षेत्र के लिए 390 मीटर लंबी बाढ़ सुरक्षा दीवार प्रस्तावित है। बाढ़ सुरक्षा दीवार के लिए शासन से आठ करोड़ की धनराशि स्वीकृत होने के बाद टेंडर हो चुके हैं। बरसात के बाद बाढ़ सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- महकार सिंह, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग दुगड्डा।
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कोटद्वार। सनेह क्षेत्र के अंतर्गत बिशनपुर इलाके में खोह नदी में आपदा के तीन साल बाद भी बाढ़ सुरक्षा दीवार नहीं बन पाई है। आपदा से क्षतिग्रस्त बिशनपुर सड़क की मरम्मत का कार्य भी अभी तक नहीं हो पाया है। क्षेत्र को बाढ़ के दंश से बचाने के लिए बनाया जा रहा तटबंध भी अधूरा पड़ा है।
वर्ष 2023 में खोह नदी में आई भीषण बाढ़ ने सनेह क्षेत्र के बिशनपुर इलाके में भारी तबाही मचाई थी। काफी मात्रा में कृषि भूमि बह गई थी और सड़क का एक हिस्सा भी नदी में समा गया था। इसके तीन वर्ष बाद भी हालात जस के तस बने हैं। क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण अब तक नहीं हो सका है और न ही क्षेत्र को भविष्य में बाढ़ से बचाने के लिए तटबंध या सुरक्षा दीवार जैसी स्थायी व्यवस्था की गई है।
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महानंद ध्यानी, बसंती देवी, गजेंद्र सिंह बिष्ट, जगदीश सिंह बिष्ट, प्रकाश सेमवाल का कहना है कि सड़क का टूटा हिस्सा फिलहाल रतनपुर मार्ग से जोड़ा गया है लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। बरसात में बिशनपुर क्षेत्र पर फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है जिससे ग्रामीणों में जानमाल की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी है।
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आरोप है कि नदियों के चैनेलाइजेशन के नाम पर लंबे समय से खनन कार्य किए जा रहे हैं। अनियंत्रित खनन से नदी का स्वरूप बदला है और भू-कटाव की समस्या बढ़ी है। इसके बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग बाढ़ सुरक्षा के स्थायी उपायों के बजाय खनन गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे रहा है।
खोह नदी के किनारे से गुजरने वाले प्रस्तावित फोरलेन हाईवे बाईपास को मंजूरी मिल चुकी है और इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है लेकिन बाईपास और अन्य सुरक्षात्मक निर्माण कार्यों को पूरा होने में अभी कितना समय लगेगा यह स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तेजी से नदी में खनन हो रहा है और पहले बड़े पैमाने पर भू-कटाव हो चुका है उसे देखते हुए आगामी बरसात में फिर से बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
बिशनपुर क्षेत्र के लिए 390 मीटर लंबी बाढ़ सुरक्षा दीवार प्रस्तावित है। बाढ़ सुरक्षा दीवार के लिए शासन से आठ करोड़ की धनराशि स्वीकृत होने के बाद टेंडर हो चुके हैं। बरसात के बाद बाढ़ सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- महकार सिंह, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग दुगड्डा।