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Kotdwar News: जल जीवन मिशन योजना के निर्माण कार्यों पर उठाए सवाल
Sat, 27 Jun 2026 05:02 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 27 Jun 2026 05:02 PM IST
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ग्रामीणों ने अधूरे निर्माण और गुणवत्ता पर जताई चिंता, तकनीकी जांच की उठाई मांग
जयहरीखाल। जल जीवन मिशन के अंतर्गत करीब चार करोड़ से अधिक की लागत से जल संस्थान की ओर से कराए जा रहे पेयजल लाइन पुनर्गठन एवं टैंक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र एवं राज्य सरकार की साझेदारी से इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कई स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है जबकि कुछ संरचनाओं की गुणवत्ता भी अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत निर्मित पेयजल टैंकों एवं अन्य संरचनाओं में कई आवश्यक कार्य अब तक पूरे नहीं किए गए हैं। निर्माण स्थलों पर फिनिशिंग कार्य अधूरा है और कुछ स्थानों पर गुणवत्ता को लेकर भी लोगों में असंतोष है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो बरसात के दौरान समस्याएं और बढ़ सकती है। लोगों ने जल संस्थान के उच्च अधिकारियों से पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने, खामियां मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने एवं सभी अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना सीधे आम जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने से जुड़ी है। इसमें गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
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जयहरीखाल। जल जीवन मिशन के अंतर्गत करीब चार करोड़ से अधिक की लागत से जल संस्थान की ओर से कराए जा रहे पेयजल लाइन पुनर्गठन एवं टैंक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र एवं राज्य सरकार की साझेदारी से इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कई स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है जबकि कुछ संरचनाओं की गुणवत्ता भी अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत निर्मित पेयजल टैंकों एवं अन्य संरचनाओं में कई आवश्यक कार्य अब तक पूरे नहीं किए गए हैं। निर्माण स्थलों पर फिनिशिंग कार्य अधूरा है और कुछ स्थानों पर गुणवत्ता को लेकर भी लोगों में असंतोष है।
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ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो बरसात के दौरान समस्याएं और बढ़ सकती है। लोगों ने जल संस्थान के उच्च अधिकारियों से पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने, खामियां मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने एवं सभी अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना सीधे आम जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने से जुड़ी है। इसमें गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
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