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Kotdwar News: सरकारी स्कूलों के समय परिवर्तन संबंधी विभागीय फैसले से शिक्षकों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 07 Apr 2026 07:06 PM IST
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राजकीय शिक्षक संघ गढ़वाल मंडल ने जताई नाराजगी
संगठन को विश्वास में लिए बिना ही विभागीय फैसले लेने का आरोप
कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ की गढ़वाल मंडल कार्यकारिणी ने सरकारी स्कूलों के समय परिवर्तन संबंधी विभागीय फैसले पर नाराजगी जताई है। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाने की दिशा में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से पारित प्रस्ताव पर शिक्षक संगठन को विश्वास में लिया जाना चाहिए था।
गढ़वाल मंडल अध्यक्ष जयदीप रावत व मंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने प्रांतीय नेतृत्व को भेजे गए ज्ञापन में कहा कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियां व मौसम अनुकूल न होने के कारण विद्यालयों के समय में परिवर्तन करना किसी भी दशा में उचित नहीं है। वर्तमान समय में प्रदेश के पूरे पर्वतीय क्षेत्र में जंगली जानवरों का भय बना हुआ है।
छात्र कई किमी. पैदल दूरी तय कर विद्यालयों में पहुंचते हैं। ऐसे में शासन द्वारा विद्यालयों के समय सारणी में परिवर्तन पर लिया गया निर्णय किसी भी दशा में प्रदेश के शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है। नई समय सारिणी के तहत ग्रीष्मकालीन में दोपहर 2:05 बजे तक विद्यालय संचालित होंगे। जबकि प्रदेश के समस्त मैदानी भाग में दोपहर 12:00 बजे ही भीषण गर्मी का प्रकोप शुरू हो जाता है। नई समय सारिणी के तहत शीतकालीन समय में सुबह 8:50 बजे से विद्यालय संचालित होंगे।
जबकि शीतकाल में पर्वतीय क्षेत्र में सुबह के समय में अत्यधिक ठंड होने के कारण दूरस्थ क्षेत्रों से पैदल चलकर विद्यालय पहुंचने में बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। प्रदेश का करीब 80 फीसदी भू-भाग पर्वतीय होने के कारण नई समय सारणी किसी भी दशा में छात्र हित में नहीं है।
कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 90 फीसदी विद्यालय स्थायी प्रधानाचार्य विहीन है। वरिष्ठ शिक्षक ही प्रभारी प्रधानाचार्य से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक के दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके समाधान के लिए विभाग का कोई ध्यान नहीं है। विभाग की ओर से इस प्रकार से एक तरफा फैसला लिए जाते हैं तो गढ़वाल मंडल कार्यकारिणी समस्त सात जनपदों के शिक्षक प्रतिनिधियों को साथ लेकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
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संगठन को विश्वास में लिए बिना ही विभागीय फैसले लेने का आरोप
कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ की गढ़वाल मंडल कार्यकारिणी ने सरकारी स्कूलों के समय परिवर्तन संबंधी विभागीय फैसले पर नाराजगी जताई है। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाने की दिशा में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से पारित प्रस्ताव पर शिक्षक संगठन को विश्वास में लिया जाना चाहिए था।
गढ़वाल मंडल अध्यक्ष जयदीप रावत व मंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने प्रांतीय नेतृत्व को भेजे गए ज्ञापन में कहा कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियां व मौसम अनुकूल न होने के कारण विद्यालयों के समय में परिवर्तन करना किसी भी दशा में उचित नहीं है। वर्तमान समय में प्रदेश के पूरे पर्वतीय क्षेत्र में जंगली जानवरों का भय बना हुआ है।
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छात्र कई किमी. पैदल दूरी तय कर विद्यालयों में पहुंचते हैं। ऐसे में शासन द्वारा विद्यालयों के समय सारणी में परिवर्तन पर लिया गया निर्णय किसी भी दशा में प्रदेश के शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है। नई समय सारिणी के तहत ग्रीष्मकालीन में दोपहर 2:05 बजे तक विद्यालय संचालित होंगे। जबकि प्रदेश के समस्त मैदानी भाग में दोपहर 12:00 बजे ही भीषण गर्मी का प्रकोप शुरू हो जाता है। नई समय सारिणी के तहत शीतकालीन समय में सुबह 8:50 बजे से विद्यालय संचालित होंगे।
जबकि शीतकाल में पर्वतीय क्षेत्र में सुबह के समय में अत्यधिक ठंड होने के कारण दूरस्थ क्षेत्रों से पैदल चलकर विद्यालय पहुंचने में बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। प्रदेश का करीब 80 फीसदी भू-भाग पर्वतीय होने के कारण नई समय सारणी किसी भी दशा में छात्र हित में नहीं है।
कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 90 फीसदी विद्यालय स्थायी प्रधानाचार्य विहीन है। वरिष्ठ शिक्षक ही प्रभारी प्रधानाचार्य से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक के दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके समाधान के लिए विभाग का कोई ध्यान नहीं है। विभाग की ओर से इस प्रकार से एक तरफा फैसला लिए जाते हैं तो गढ़वाल मंडल कार्यकारिणी समस्त सात जनपदों के शिक्षक प्रतिनिधियों को साथ लेकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।