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Kotdwar News: मांगों के लिए प्रधान संगठन हुआ मुखर
Mon, 17 Aug 2026 04:08 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 17 Aug 2026 04:08 PM IST
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मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
जयहरीखाल। प्रदेश प्रधान संगठन की दस सूत्री मांगों का समाधान नहीं होने पर ग्राम प्रधानों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का एलान किया है। संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर 19 अगस्त से प्रतिदिन सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक ब्लॉक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रधान संगठन के अनुसार, पिछले करीब तीन माह से शासन स्तर पर वार्ता और मांगपत्र के माध्यम से समस्याएं उठाई जा रही है लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे प्रधानों में रोष है। संगठन की प्रमुख मांगों में प्रधानों का मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने, वार्ड सदस्यों को बैठक में मानदेय देने, मनरेगा में ऑफलाइन उपस्थिति लागू करने और अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 600 रुपये करने की मांग शामिल है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को अधिक वित्तीय संसाधन देने, जिला योजना में प्रधान संगठन की भागीदारी, 29 विभाग पंचायतों को हस्तांतरित करने और ग्राम प्रधान निधि की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
प्रधानों ने ग्राम पंचायत क्षेत्र में 10 लाख रुपये तक के कार्य पंचायत को देने, प्रधानों व परिवारों का स्वास्थ्य-जीवन बीमा कराने, पात्र लाभार्थियों को आवास प्लस सूची में शामिल करने तथा ग्राम पंचायतों पर 100 रुपये मासिक टैक्स लगाने की बाध्यता समाप्त करने की भी मांग उठाई है।
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प्रधान संघ जयहरीखाल की अध्यक्ष प्रगति रावत ने कहा कि मांगों का सीधा संबंध ग्रामीण विकास, रोजगार और पलायन रोकने से है। संरक्षक सुनील खंतवाल ने कहा कि पंचायतों को पर्याप्त अधिकार और संसाधन मिलने से गांवों का विकास तेज होगा। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तार दिया जाएगा।
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जयहरीखाल। प्रदेश प्रधान संगठन की दस सूत्री मांगों का समाधान नहीं होने पर ग्राम प्रधानों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का एलान किया है। संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर 19 अगस्त से प्रतिदिन सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक ब्लॉक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रधान संगठन के अनुसार, पिछले करीब तीन माह से शासन स्तर पर वार्ता और मांगपत्र के माध्यम से समस्याएं उठाई जा रही है लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे प्रधानों में रोष है। संगठन की प्रमुख मांगों में प्रधानों का मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने, वार्ड सदस्यों को बैठक में मानदेय देने, मनरेगा में ऑफलाइन उपस्थिति लागू करने और अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 600 रुपये करने की मांग शामिल है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को अधिक वित्तीय संसाधन देने, जिला योजना में प्रधान संगठन की भागीदारी, 29 विभाग पंचायतों को हस्तांतरित करने और ग्राम प्रधान निधि की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
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प्रधानों ने ग्राम पंचायत क्षेत्र में 10 लाख रुपये तक के कार्य पंचायत को देने, प्रधानों व परिवारों का स्वास्थ्य-जीवन बीमा कराने, पात्र लाभार्थियों को आवास प्लस सूची में शामिल करने तथा ग्राम पंचायतों पर 100 रुपये मासिक टैक्स लगाने की बाध्यता समाप्त करने की भी मांग उठाई है।
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प्रधान संघ जयहरीखाल की अध्यक्ष प्रगति रावत ने कहा कि मांगों का सीधा संबंध ग्रामीण विकास, रोजगार और पलायन रोकने से है। संरक्षक सुनील खंतवाल ने कहा कि पंचायतों को पर्याप्त अधिकार और संसाधन मिलने से गांवों का विकास तेज होगा। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तार दिया जाएगा।