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Kotdwar News: कमल नदी किनारे मरघट तक का रास्ता बदहाल
Mon, 13 Jul 2026 04:30 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 13 Jul 2026 04:30 PM IST
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बरसात में बढ़ा खतरा, ग्रामीण जोखिम में कर रहे हैं आवाजाही
पुरोला। कमल नदी किनारे मरघट सहित कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख पैदल मार्ग पिछले दो वर्षों से बदहाल पड़ा है। वर्ष 2024 में आई बाढ़ और लगातार बारिश से क्षतिग्रस्त हुए मार्ग का अब तक पुनर्निर्माण नहीं हो सका जिससे बरसात में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
मार्ग कुमोला, पुजेली, कोरना, मखना, मुख्य बाजार तथा नगर पालिका के चार वार्डों के लोगों के लिए मरघट तक पहुंचने का मुख्य रास्ता है। ग्रामीण चरण सिंह बर्तवाल, बृजमोहन, रमेश दत्त नौटियाल, राजेंद्र प्रसाद, कवींद्र असवाल, बिजेंद्र रावत, जयेंद्र सिंह और मनमोहन चौहान ने बताया कि बरसात में मार्ग संकरा और फिसलन भरा हो जाता है।
धान रोपाई के दौरान अंतिम संस्कार के लिए शवयात्रा ले जाना भी मुश्किल हो जाता है जबकि कई स्थानों पर कमल नदी में गिरने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्राथमिकता के आधार पर मार्ग के पुनर्निर्माण की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी प्रदीप दयाल ने बताया कि कोर्ट रोड से मरघट तक मार्ग निर्माण का प्रस्ताव बोर्ड से पारित हो चुका है। डीपीआर शासन को भेज दी गई है और स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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पुरोला। कमल नदी किनारे मरघट सहित कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख पैदल मार्ग पिछले दो वर्षों से बदहाल पड़ा है। वर्ष 2024 में आई बाढ़ और लगातार बारिश से क्षतिग्रस्त हुए मार्ग का अब तक पुनर्निर्माण नहीं हो सका जिससे बरसात में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
मार्ग कुमोला, पुजेली, कोरना, मखना, मुख्य बाजार तथा नगर पालिका के चार वार्डों के लोगों के लिए मरघट तक पहुंचने का मुख्य रास्ता है। ग्रामीण चरण सिंह बर्तवाल, बृजमोहन, रमेश दत्त नौटियाल, राजेंद्र प्रसाद, कवींद्र असवाल, बिजेंद्र रावत, जयेंद्र सिंह और मनमोहन चौहान ने बताया कि बरसात में मार्ग संकरा और फिसलन भरा हो जाता है।
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धान रोपाई के दौरान अंतिम संस्कार के लिए शवयात्रा ले जाना भी मुश्किल हो जाता है जबकि कई स्थानों पर कमल नदी में गिरने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्राथमिकता के आधार पर मार्ग के पुनर्निर्माण की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी प्रदीप दयाल ने बताया कि कोर्ट रोड से मरघट तक मार्ग निर्माण का प्रस्ताव बोर्ड से पारित हो चुका है। डीपीआर शासन को भेज दी गई है और स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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