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Kotdwar News: जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट का इंतजार और बढ़ा
Tue, 30 Jun 2026 04:52 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 30 Jun 2026 04:52 PM IST
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सरकारी स्तर पर डायलिसिस यूनिट शुरू करने का प्रस्ताव शासन में
नई टिहरी। जिला अस्पताल बौराड़ी में डायलिसिस यूनिट शुरू होने में अब लंबा वक्त लग सकता है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की डायलिसिस यूनिट शुरू करने की मुहिम परवान नहीं चढ़ पा रही है। पूर्व में हंस फाउंडेशन से अनुबंध कर स्वास्थ्य विभाग ने डायलिसिस यूनिट के संचालन का प्रस्ताव तैयार किया था लेकिन यह प्रक्रिया अधर में लटक गई। ऐसे में मरीजों को 65 किमी दूर उप जिला अस्पताल नरेंद्रनगर या फिर ऋषिकेश का रुख करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय नई टिहरी आसपास के क्षेत्र में डायलिसिस की सुविधा नहीं है। स्थानीय लोग लंबे समय से डायलिसिस यूनिट शुरू करने मांग करते आ रहे रहे है। जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने हंस फाउंडेशन के संयोग से जिला अस्पताल बौराड़ी में डायलिसिस यूनिट शुरू करने का निर्णय लिया था। इसके लिए जिला अस्पताल बौराड़ी में चार कमरे भी तैयार किए गए थे।
हंस फाउंडेशन की ओर से दो बार जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बावजूद डायलिसिस यूनिट शुरू नहीं हो सका। अनुबंध की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से स्थानीय स्तर पर बनाई गई सारी व्यवस्था अधर में लटकी हुई है। किडनी रोगियों को हफ्ते में दो से तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता है।
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ऐसे में स्थानीय मरीजों को 65 किमी दूर उप जिला अस्पताल नरेंद्रनगर या फिर ऋषिकेश का रुख करना पड़ रहा है। डायलिसिस कराने वाले लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है यदि डायलिसिस यूनिट जिला अस्पताल में शुरू हो जाती तो मरीजों को घर के पास ही उपचार मिल पाता। समय और धन दोनों की बचत हो सकती है।
डायलिसिस यूनिट शुरू करने में हंस फाउंडेशन के साथ कुछ तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी दिक्कतें आ रही हैं। विभाग ने अब स्वास्थ्य महानिदेशालय को पत्र भेजकर जिला अस्पताल में सीधे सरकारी स्तर पर डायलिसिस यूनिट शुरू करने का प्रस्ताव भेजा है। यह प्रक्रिया शासन स्तर पर गतिमान है।
डॉ. श्याम विजय, सीएमओ टिहरी
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नई टिहरी। जिला अस्पताल बौराड़ी में डायलिसिस यूनिट शुरू होने में अब लंबा वक्त लग सकता है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की डायलिसिस यूनिट शुरू करने की मुहिम परवान नहीं चढ़ पा रही है। पूर्व में हंस फाउंडेशन से अनुबंध कर स्वास्थ्य विभाग ने डायलिसिस यूनिट के संचालन का प्रस्ताव तैयार किया था लेकिन यह प्रक्रिया अधर में लटक गई। ऐसे में मरीजों को 65 किमी दूर उप जिला अस्पताल नरेंद्रनगर या फिर ऋषिकेश का रुख करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय नई टिहरी आसपास के क्षेत्र में डायलिसिस की सुविधा नहीं है। स्थानीय लोग लंबे समय से डायलिसिस यूनिट शुरू करने मांग करते आ रहे रहे है। जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने हंस फाउंडेशन के संयोग से जिला अस्पताल बौराड़ी में डायलिसिस यूनिट शुरू करने का निर्णय लिया था। इसके लिए जिला अस्पताल बौराड़ी में चार कमरे भी तैयार किए गए थे।
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हंस फाउंडेशन की ओर से दो बार जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बावजूद डायलिसिस यूनिट शुरू नहीं हो सका। अनुबंध की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से स्थानीय स्तर पर बनाई गई सारी व्यवस्था अधर में लटकी हुई है। किडनी रोगियों को हफ्ते में दो से तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता है।
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ऐसे में स्थानीय मरीजों को 65 किमी दूर उप जिला अस्पताल नरेंद्रनगर या फिर ऋषिकेश का रुख करना पड़ रहा है। डायलिसिस कराने वाले लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है यदि डायलिसिस यूनिट जिला अस्पताल में शुरू हो जाती तो मरीजों को घर के पास ही उपचार मिल पाता। समय और धन दोनों की बचत हो सकती है।
डायलिसिस यूनिट शुरू करने में हंस फाउंडेशन के साथ कुछ तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी दिक्कतें आ रही हैं। विभाग ने अब स्वास्थ्य महानिदेशालय को पत्र भेजकर जिला अस्पताल में सीधे सरकारी स्तर पर डायलिसिस यूनिट शुरू करने का प्रस्ताव भेजा है। यह प्रक्रिया शासन स्तर पर गतिमान है।
डॉ. श्याम विजय, सीएमओ टिहरी