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Kotdwar News: चार विभूतियों को दी श्रद्धांजलि
Fri, 24 Jul 2026 05:36 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Fri, 24 Jul 2026 05:36 PM IST
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कोटद्वार। साहित्यिक संस्था साहित्यांचल की ओर से व्यापार मंडल सभागार में स्मृति दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में डॉ. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल, श्रीदेव सुमन, रमेश मित्र ‘सिद्धेश’ और स्व. नरेंद्र उनियाल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मीना डबराल की शारदा वंदना से शुरू हुए इस कार्यक्रम में वक्ताओं, साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने चारों महान विभूतियों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
समारोह में मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य ललन प्रसाद बुड़ाकोटी ने हिंदी के प्रथम डी.लिट डॉ. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल के योगदान को याद करते हुए उन्हें पाठ्यक्रमों में उचित स्थान न मिलने और डॉ. बड़थ्वाल भाषा संस्थान का नाम बदलने पर चिंता जताई। इसके अलावा, प्रवेश चंद्र नवानी ने रमेश मित्र सिद्धेश के साहित्यिक अवदान, अनुसूया प्रसाद डंगवाल ने श्रीदेव सुमन के संघर्ष और शिव प्रकाश कुकरेती ने स्व. नरेंद्र उनियाल की निर्भीक पत्रकारिता पर प्रकाश डाला। सुंदरलाल जोशी, संपत्ति नेगी और डॉ. बीना वशिष्ठ ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया। चंद्र प्रकाश नैथानी की अध्यक्षता और शंकर दत्त गौड़ के संचालन में कार्यक्रम हुआ।
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कोटद्वार। साहित्यिक संस्था साहित्यांचल की ओर से व्यापार मंडल सभागार में स्मृति दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में डॉ. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल, श्रीदेव सुमन, रमेश मित्र ‘सिद्धेश’ और स्व. नरेंद्र उनियाल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मीना डबराल की शारदा वंदना से शुरू हुए इस कार्यक्रम में वक्ताओं, साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने चारों महान विभूतियों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
समारोह में मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य ललन प्रसाद बुड़ाकोटी ने हिंदी के प्रथम डी.लिट डॉ. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल के योगदान को याद करते हुए उन्हें पाठ्यक्रमों में उचित स्थान न मिलने और डॉ. बड़थ्वाल भाषा संस्थान का नाम बदलने पर चिंता जताई। इसके अलावा, प्रवेश चंद्र नवानी ने रमेश मित्र सिद्धेश के साहित्यिक अवदान, अनुसूया प्रसाद डंगवाल ने श्रीदेव सुमन के संघर्ष और शिव प्रकाश कुकरेती ने स्व. नरेंद्र उनियाल की निर्भीक पत्रकारिता पर प्रकाश डाला। सुंदरलाल जोशी, संपत्ति नेगी और डॉ. बीना वशिष्ठ ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया। चंद्र प्रकाश नैथानी की अध्यक्षता और शंकर दत्त गौड़ के संचालन में कार्यक्रम हुआ।
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