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Kotdwar News: स्यालिंगा जूनियर हाईस्कूल बंद करने के आदेश पर भड़के ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 18 Jun 2026 06:44 PM IST
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लोक विकास समिति ने ज्ञापन सौंपकर जताया विरोध
आठ गांवों के बच्चों की शिक्षा पर बताया संकट
कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के घाड़ क्षेत्र स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल स्यालिंगा को बंद करने के शिक्षा विभाग के आदेश के खिलाफ ग्रामीणों ने विरोध जताया है। स्व. सरोजनी देवी लोक विकास समिति ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय का संचालन यथावत रखने की मांग की है।
समिति का कहना है कि वर्ष 2007 में क्षेत्र के स्यालिंगा, मुंडला, सुनार, भुनार, काटल, बंसतोली, खाल मल्ला व खाल तल्ला समेत आठ गांवों के बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय की स्थापना की गई थी। यहां से पढ़कर कई छात्र विभिन्न सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं। ग्रामीणों के अनुसार छात्र संख्या कम होने के आधार पर शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद बिना पूर्व सूचना विद्यालय बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता व्याप्त है।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र मुख्य सड़क से दूर स्थित है और यहां स्वास्थ्य तथा परिवहन सुविधाओं का भी अभाव है। निकटतम अन्य विद्यालय तक पहुंचने के लिए बच्चों को छह किलोमीटर खड़ी चढ़ाई और जंगल का रास्ता तय करना पड़ता है जहां जंगली जानवरों का खतरा भी बना रहता है। उनका कहना है कि विद्यालय बंद होने से निर्धन परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
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ज्ञापन में छात्र हित को देखते हुए विद्यालय का संचालन जारी रखने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी, गंभीर सिंह असवाल, सतेंद्र सिंह, नारायण सिंह, केसी राम निराला, डबल सिंह, संजय सिंह, चंद्र सिंह, रविंद्र असवाल शामिल रहे।
आठ गांवों के बच्चों की शिक्षा पर बताया संकट
कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के घाड़ क्षेत्र स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल स्यालिंगा को बंद करने के शिक्षा विभाग के आदेश के खिलाफ ग्रामीणों ने विरोध जताया है। स्व. सरोजनी देवी लोक विकास समिति ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय का संचालन यथावत रखने की मांग की है।
समिति का कहना है कि वर्ष 2007 में क्षेत्र के स्यालिंगा, मुंडला, सुनार, भुनार, काटल, बंसतोली, खाल मल्ला व खाल तल्ला समेत आठ गांवों के बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय की स्थापना की गई थी। यहां से पढ़कर कई छात्र विभिन्न सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं। ग्रामीणों के अनुसार छात्र संख्या कम होने के आधार पर शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद बिना पूर्व सूचना विद्यालय बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता व्याप्त है।
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ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र मुख्य सड़क से दूर स्थित है और यहां स्वास्थ्य तथा परिवहन सुविधाओं का भी अभाव है। निकटतम अन्य विद्यालय तक पहुंचने के लिए बच्चों को छह किलोमीटर खड़ी चढ़ाई और जंगल का रास्ता तय करना पड़ता है जहां जंगली जानवरों का खतरा भी बना रहता है। उनका कहना है कि विद्यालय बंद होने से निर्धन परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
ज्ञापन में छात्र हित को देखते हुए विद्यालय का संचालन जारी रखने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी, गंभीर सिंह असवाल, सतेंद्र सिंह, नारायण सिंह, केसी राम निराला, डबल सिंह, संजय सिंह, चंद्र सिंह, रविंद्र असवाल शामिल रहे।