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Kotdwar News: पेड़ों पर महिलाओं ने रक्षा सूत्र बांधकर बचाने का लिया संकल्प
Sun, 16 Aug 2026 05:16 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 16 Aug 2026 05:16 PM IST
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चंबा (टिहरी)। अदवाणी के जंगल में फायर लाइन काटने के नाम चीड़ के हरे पेड़ों के कटान के विरोध में हेंवल घाटी की महिलाओं ने घन लगे पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें बचाने का संकल्प लिया।
नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के अदवाणी के जंगल को बचाने के लिए हेंवल घाटी की महिला संगठनों, चिपको आंदोलन कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने सरकार से शीघ्र पेड़ों के कटान पर रोक लगाने की मांग की है। चिपको नेत्री सुदेशा बहन के नेतृत्व में महिलाओं ने अदवाणी के जंगल जाकर लोगों से पेड़ों को बचाने की अपील की।
कहा कि अदवाणी का जंगल चिपको आंदोलन के लिए विख्यात रहा है। उन्होंने युवा पीढ़ी से जंगल बचाने के लिए आगे आने को कहा। बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता विजय जड़धारी ने कहा कि फायर लाइन काटने के नाम उत्तराखंड के जंगलों को कटाने की साजिश की जा रही है। ग्राम प्रधान विजय भंडारी ने वन विभाग पर बिना ग्राम पंचायत को सूचना दिए जंगल कटाने का आरोप लगाया।
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जिला पंचायत सदस्य शीशपाल सजवाण ने कहा कि किसी कीमत पर अपने जंगल को नहीं कटाने देंगे। इसके लिए यदि लंबा संघर्ष करना पड़े तो वह पीछे नहीं हटाएंगे। सामाजिक कार्यकर्ता धूम सिंह मंद्रवाल ने कहा कि अदवाणी का जंगल क्षेत्र के लोगों की विरासत है। अरण्य रंजन ने कहा कि फायर लाइन के नाम जंगल काटने की जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। सामाजिक कार्यकर्ता किशन सिंह रावत ने कहा कि अदवाणी के जंगल बचाने के क्षेत्र से आए ग्रामीणों की वजह से अदवाणी के लोगों का मनोबल और मजबूत हुआ है। इस मौके पर संदीप पैन्यूली, फूलदास डौडिंया, सुविधा देवी, रोशनी देवी, सरिता मनवाल, सुनीता भंडारी, प्रतिमा देवी, समीरा आदि मौजूद रही।
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नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के अदवाणी के जंगल को बचाने के लिए हेंवल घाटी की महिला संगठनों, चिपको आंदोलन कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने सरकार से शीघ्र पेड़ों के कटान पर रोक लगाने की मांग की है। चिपको नेत्री सुदेशा बहन के नेतृत्व में महिलाओं ने अदवाणी के जंगल जाकर लोगों से पेड़ों को बचाने की अपील की।
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कहा कि अदवाणी का जंगल चिपको आंदोलन के लिए विख्यात रहा है। उन्होंने युवा पीढ़ी से जंगल बचाने के लिए आगे आने को कहा। बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता विजय जड़धारी ने कहा कि फायर लाइन काटने के नाम उत्तराखंड के जंगलों को कटाने की साजिश की जा रही है। ग्राम प्रधान विजय भंडारी ने वन विभाग पर बिना ग्राम पंचायत को सूचना दिए जंगल कटाने का आरोप लगाया।
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जिला पंचायत सदस्य शीशपाल सजवाण ने कहा कि किसी कीमत पर अपने जंगल को नहीं कटाने देंगे। इसके लिए यदि लंबा संघर्ष करना पड़े तो वह पीछे नहीं हटाएंगे। सामाजिक कार्यकर्ता धूम सिंह मंद्रवाल ने कहा कि अदवाणी का जंगल क्षेत्र के लोगों की विरासत है। अरण्य रंजन ने कहा कि फायर लाइन के नाम जंगल काटने की जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। सामाजिक कार्यकर्ता किशन सिंह रावत ने कहा कि अदवाणी के जंगल बचाने के क्षेत्र से आए ग्रामीणों की वजह से अदवाणी के लोगों का मनोबल और मजबूत हुआ है। इस मौके पर संदीप पैन्यूली, फूलदास डौडिंया, सुविधा देवी, रोशनी देवी, सरिता मनवाल, सुनीता भंडारी, प्रतिमा देवी, समीरा आदि मौजूद रही।